दिनेश कार्तिक कहते हैं - ऐसा क्यों है कि सिर्फ रिटायर क्रिकेटर कमेंट्री करें?

इस इंग्लिश सीजन में क्रिकेट ब्रॉडकास्टर स्काई की टेलीविजन कमेंट्री में अगर कुछ नयापन महसूस हो रहा है तो इसका बहुत कुछ श्रेय WTC फाइनल के साथ कमेंट्री में डेब्यू करने वाले भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक को दिया जा रहा है। सच तो ये है कि विवाद और तारीफ दोनों उनके हिस्से में आए हैं। विवाद में चूंकि किसी दूसरे के अपमान, जैसी कोई बात नहीं थी इसलिए उसे भुलाकर उनकी कमेंट्री में, जो नयापन दिखाई दे रहा है, उसकी तारीफ हो रही है।

कई बातें फर्क हैं। वे ऐसे टेलीविज़न कमेंटेटर हैं, जो अभी भी टीम इंडिया में खेलना चाहता है। दिनेश कार्तिक ने साफ़ कहा कि भारत में चली आ रही इस धारणा को वे ख़त्म करना चाहते हैं कि सिर्फ रिटायर होने के बाद ही कमेंटेटर बन सकते हैं। इस मामले में वे कामयाब रहे हैं। अब विकल्प है कि रिटायर होने से पहले ही कमेंटेटर बन जाओ। अगर दूसरे देशों के क्रिकेटर ऐसा कर सकते हैं तो भारत के क्रिकेटर क्यों नहीं? हाल के इंग्लैंड-श्रीलंका टी20 इंटरनेशनल मैचों के दौरान जेम्स एंडरसन को भी कमेंट्री करते देखा गया और एंडरसन अभी भी इंग्लैंड के लिए टेस्ट खेलते हैं। अभी तक माना जाता था कि रिटायर होने के बाद क्रिकेटर के लिए जो काम बचते हैं, उनमें से एक है कि कमेंटेटर बन जाओ।

इंग्लिश समर 2021 के लिए स्काई स्पोर्ट्स ने 2018 वाला प्रयोग जारी रखा, तब हरभजन सिंह को बुलाया था और इस बार दिनेश कार्तिक को बुलाया, जब इस साल इंग्लैंड के शुरू में इंग्लैंड की टीम भारत आई थी तो स्काई ने उन्हें कुछ छोटे-छोटे हिस्से में प्रयोग किया। उस इम्तेहान में पास, दिनेश कार्तिक को इस पूरे इंग्लिश सीजन का कॉन्ट्रैक्ट मिल गया WTC फाइनल से भारत की सीरीज ख़त्म होने तक। वे न सिर्फ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की कमेंट्री टीम का हिस्सा थे, इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में भी यही ड्यूटी देंगे।

भले ही यह माना जाता रहे कि इंटरनेशनल क्रिकेट में दिनेश कार्तिक की वापसी के दिन लद गए, वे ऐसा नहीं मानते। यहां तक कि भले ही कमेंट्री ड्यूटी के लिए इंग्लैंड का कॉन्ट्रैक्ट लिया पर अंदर ही अंदर उम्मीद लगा रहे थे कि जुलाई में श्रीलंका में सफ़ेद गेंद वाली क्रिकेट की सीरीज के लिए उन्हें चुन लिया जाएगा। इसके लिए अपनी कमेंटेटर ड्यूटी छोड़कर लौटने के लिए भी तैयार थे। अपना किट बैग साथ ले गए हैं। भारत के सेलेक्टर्स ने न बुलाया तो भी इंग्लैंड से UAE तो जाना ही है IPL में खेलने के लिए।

श्रीलंका के विरुद्ध दूसरे वन डे इंटरनेशनल के दौरान, जब इंग्लैंड की टीम 242 रन के लक्ष्य के सामने बैटिंग कर रही थी तो बल्लेबाज़ों के बैट की पसंद पर बात करते हुए कार्तिक ने कह दिया, “सच ये है कि बढ़िया से बढ़िया या कोई भी बैट दे दो, बल्लेबाज को अपने बैट से कभी पूरी तसल्ली नहीं होती. उसे दूसरे बल्लेबाज का बैट ही पसंद आता है. ठीक वैसे ही, जैसे हमेशा दूसरे की बीबी हमेशा अच्छी लगती है।” दिनेश कार्तिक के इस सेक्सी कमेंट पर बड़ा हंगामा हुआ और उन्होंने समझदारी दिखाकर, बिना देरी माफी भी मांग ली, लेकिन ये जरूर बताया कि इस बात के लिए उन्हें अपनी मां और बीबी दोनों से ‘झाड़’ पड़ी।

नासिर हुसैन और माइक आथर्टन भले ही उनसे ज्यादा अनुभवी कमेंटेटर/क्रिकेटर हैं पर अपनी हाज़िर जवाबी से से दिनेश कार्तिक ने उन्हें भी चुप कराया है। इंग्लैंड जाने से पहले कमेंट्री की, जो ऑन लाइन ट्रेनिंग ली और सुनील गावस्कर से जो बातें की, वे उनके काम आ रही हैं। इस बार के इस कॉन्ट्रैक्ट से दिनेश कार्तिक ने तो अपने लिए आगे का काम पक्का कर लिया है। वे तो कहते हैं कि खेलने की तुलना में माइक्रोफ़ोन पर उसके बारे में बात करना ज्यादा आसान है।

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