दो, तीन या ज्यादा खिलाड़ी साथ -साथ खेलें तो सभी में गजब की टैलेंट के बावजूद किसी एक को तो नंबर 1 पर लिखा ही जाएगा और कोई नीचे। अभी पीछे वेस्टइंडीज के क्रिकेटर एवर्टन वीक्स के देहांत ने W तिकड़ी की याद ताजा करा दी। तीनों गजब के क्रिकेटर पर हमेशा वारेल नंबर 1 और वीक्स नंबर 3 पर लिखे गए। डॉन ब्रेडमैन की धूम ने न सिर्फ उनकी अपनी टीम के जैक फिंगलटन, इंग्लैंड के वॉली हेमंड को भी तुलना में वह तारीफ नहीं लेने दी, जिसके वे हक़दार थे।

यही बात तब भी थी जब सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण साथ-साथ खेलते थे। इनके साथ सहवाग का नाम जोड़ लें तब भी टॉप पर तेंदुलकर ही थे, क्योंकि 'गॉड ऑफ क्रिकेट' का टाइटल तो एक को ही मिल सकता है। राहुल द्रविड़ की टैलेंट का लोहा हर किसी ने माना और वे 'द वॉल' बने पर बल्लेबाजी की चर्चा में हमेशा उनसे ऊपर तेंदुलकर का नाम रखा गया। इसे द्रविड़ की मशहूरी पर ग्रहण लगाने का नाम देना सही नहीं होगा क्योंकि कोई क्रम तो देना ही होगा।

इस सन्दर्भ में कुछ रिकॉर्ड कुछ ख़ास बताते हैं। सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और वीरेंद्र सहवाग यूं तो ज्यादा टेस्ट खेले पर 42 टेस्ट ऐसे थे, जिनमें ये 5 एक साथ टीम में थे। इन 42 टेस्ट में सबसे ज्यादा 3825 रन वीरेंद्र सहवाग ने बनाए, जबकि 3671 रन द्रविड़ ने और 3223 रन तेंदुलकर ने। लक्ष्मण (2690 ) तथा गांगुली (2098) इनके बाद हैं। इन 42 टेस्ट में सबसे ज्यादा 12 सेंचुरी द्रविड़ ने लगाईं-सहवाग ने 11 और तेंदुलकर ने 8 सेंचुरी। बल्लेबाजी की औसत देखें तो टॉप पर द्रविड़ (59.21) हैं। सहवाग ने 54.64, तेंदुलकर ने 51.16, लक्ष्मण ने 48.04 तथा गांगुली ने 23.39 की औसत दर्ज़ की।

क्या इन रिकॉर्ड को पढ़कर इन बल्लेबाज़ों की प्रतिष्ठा के बारे में नजरिया बदलता है? सच्चाई ये है कि थोड़ी सी चर्चा या कुछ रिकॉर्ड को देखकर कोई धारणा बना लेना सही नहीं होगा। बात आ जाती है करियर में दिखाए कुल इम्पैक्ट की। उसी में तेंदुलकर बाज़ी मार जाते हैं। तेंदुलकर ने टेस्ट में 15 हज़ार और ओडीआई में 18 हज़ार से ज्यादा रन बनाए तो द्रविड़ ने भी क्रमशः 13288 और 10889 रन बनाए और ये रिकॉर्ड कोई मज़ाक नहीं है, जब भी टीम पर संकट आया तो टीम की ही नहीं हर क्रिकेट प्रेमी की सब उम्मीद द्रविड़ पर ज्यादा टिकीं। भारत से बाहर के विशेषज्ञ भी द्रविड़ पर तेंदुलकर के ग्रहण की चर्चा से रुकते नहीं पर इनकी टैलेंट का सही आंकलन इन्हें कोई नंबर न देना होगा।

इस चर्चा को अब नए सिरे से गौतम गंभीर और पाकिस्तान के विकेटकीपर राशिद लतीफ़ ने शुरू किया है। गंभीर ने कहा, "जो द्रविड़ ने किया वह कोई नहीं करेगा। टीम को ओपनर की जरूरत थी तो ओपनिंग की, नंबर 3 पर लाज़वाब थे, विकेटकीपर बन गए और फिनिशर भी। यहां तक कि कप्तान के तौर पर उनके कामयाब रिकॉर्ड पर गांगुली के जोश की चर्चा हावी हो गई। मैं तो उन्हें क्रिकेट का आज तक का सबसे 'अंडर रेटेड ' क्रिकेटर कहूंगा।' लतीफ़ ने कहा, "मैंने स्टंप्स के पीछे से दोनों की बल्लेबाज़ी को देखा है और किसी भी तरह से कम न होने के बावजूद द्रविड़ टीम की जिम्मेदारी का भार उठाते- उठाते रह गए। दूसरे जब इंटरव्यू देते थे और फोटो खिंचवाते थे, द्रविड़ पिच पर रन बनाते थे.'
 
हर किसी ने अपने -अपने हिस्से की मशहूरी हासिल की। ऐसी चर्चा का कोई अंत नहीं।

Leave a comment