लेविस हैमिलटन ने अपने फॉर्मूला-1 करियर में 23 तरीके की रेस जीती हैं. मगर कई ऐसी रेस भी हैं, जिनको वो अब तक जीत नहीं पाए हैं. हाल ही में उन्होंने फ्रेंच ग्रांड प्रिक्स में शानदार जीत हासिल की थी. लेविस ने इस दौरान फरारी के ड्राइवर सेबेस्टियन वेटल पर 14 अंकों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी. फ्रेंच ग्रांड प्रिक्स में लेविस की यह पहली जीत थी.

ब्रिटिश के फॉर्मूला-1 ड्राइवर ने किन-किन रेस को नहीं जीता है, आइए नज़र डालते हैं.

कोरियन ग्रांड प्रिक्स

2010 में कोरिया की सड़कों पर इस रेस का उद्घाटन हुआ था. कोरिया में आयोजित इस पहली फॉर्मूला-1 रेस में लेविस हैमिलटन दूसरे स्थान पर रहे थे. इसके बाद 2013 में उन्होंने मर्सिडीज़ के साथ कोरियन ग्रांप्री में पांचवां स्थान हासिल किया। लेविस हैमिलटन ने अपने करियर में दो बार कोरियन ग्रांड प्रिक्स में भाग लिया, लेकिन दोनों बार उन्हें मायूसी हाथ आई.

इंडियन ग्रांड प्रिक्स

विश्व की सबसे बड़ी कार रेस प्रतियोगिता फॉर्मूला-वन की शुरुआत आज से 68 साल पहले 1950 में इंग्लैंड में हुई थी. उस समय रफ़्तार के मायने 350 किलो मीटर प्रतिघंटा नहीं होते थे. इंग्लैंड से शुरू हुआ ये सफर यूरोप होते हुए 2011 में भारत की सड़कों तक आ पहुंचा। भारत में अब तक फॉर्मूला -1 रेस तीन बार आयोजित हो चुके ही. ये रेस क्रमशः 2011, 2012 और 2013 में नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर हुई, जहां तीनों ही बार जर्मनी के दिग्गज एफ-1 ड्राइवर सेबेस्टियन वेटल ने कब्ज़ा जमाया। इतना ही नहीं इंडियन ग्रांड प्रिक्स की तीनों ही रेस में लेविस हैमिलटन को कभी जीत हासिल नहीं हुई. हालांकि उन्होंने तीनों बार इंडियन ग्रांप्री में हिस्सा लिया था.

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