हनुमा विहारी ने सुनाई अपने संघर्ष की कहानी, डोमेस्टिक में अच्छे प्रदर्शन के बाद भी नेशनल टीम में नहीं मिल रहा मौका

देश के लिए खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन टीम इंडिया (Team India) में जगह बना पाना बेहद ही मुश्किल है। खासतौर पर, जब टीम में विराट कोहली (Virat Kohli) और चेतेश्वर पुजारा जैसे बड़े नाम हों तो आपको टीम में जगह बनाने के लिए काफी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से कई बार दिखाया है कि वो भारतीय टीम में जगह के हक़दार है, मगर उन्हें हर बार अपने मौके के लिए किसी बड़े खिलाड़ी के चोटिल होने का इंतजार करना पड़ता है।

28 साल के खिलाड़ी ने अपने इसी अनुभव के बारे में इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपनी करियर की मुश्किलों के बारे में बताया है। उन्होंने कहा, “मैंने घरेलू क्रिकेट में लम्बे समय तक संघर्ष किया है। मैंने नेशनल टीम में जगह बनाने के लिए घरेलु क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। मुझे पता है कि कैसे अपने मौके का इंतज़ार करना है। मेरा सफर खुद बताता है कि कैसे मैंने लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी धैर्यपूर्वक एक मौके का इंतज़ार किया। इसलिए, मैं कहूंगा मैंने भारतीय टीम में अपनी जगह कमाई है।”

पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में मौका नहीं मिलने पर विहारी ने कहा, “नहीं, बिलकुल दुख नहीं हुआ। यक़ीनन, मैं निराश था, लेकिन ये कुछ ऐसा था जो मेरे नियंत्रण में नहीं था। बल्कि, मैं साउथ अफ्रीका (टीम A के साथ) गया, वहां रन बनाए और टीम इंडिया में फिरसे जगह बनाई। मैं अपनी तरफ से बस इतना कर सकता था कि लगातर रन बनाते रहो, जितने हो सकें उतने रन बनाओ।”

Q. हनुमा विहारी का जन्म कब हुआ था?


A. 13 अक्टूबर 1993

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