आर्चर ने पुजारा वाली टीम के साथ एक साल के नए अनुबंध विस्तार पर किए हस्ताक्षर

भारतीय टीम (Team India) के दिग्गज बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) को उनकी ख़राब फॉर्म के चलते टीम से बाहर करने की मांग उठ रही है। मगर फैंस की इस मांग को टीम इंडिया के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने गलत बताया है। उनका कहना है कि पुजारा की खराब फॉर्म को लेकर लगातार बुराई करना उनके साथ नाइंसाफी है।

मार्च में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई घरेलु टेस्ट सीरीज के लिए दाएं हाथ के बल्लेबाज को भारतीय टीम में जगह नहीं दी गई थी। इसके बाद उन्होंने रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) और इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट में भाग लिया, जहाँ 34 साल के बल्लेबाज में अच्छा प्रदर्शन किया। उनके बेहतरीन खेल को देखते हुए इंग्लैंड के खिलाफ खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में उन्हें एक बार फिर टीम इंडिया में जगह दी गई है। कहा जा रहा है कि पुजारा को यह आखिरी मौका दिया गया है अगर उन्होंने इस मुकाबले में रन नहीं बनाए तो टीम इंडिया से उनकी छुट्टी हो जाएगी।

स्पोर्ट्सकीड़ा से बात करते हुए हरभजन ने कहा, “पुजारा ने हमेशा अपना योगदान दिया है। जब हम ऑस्ट्रेलिया में जीते, उन्होंने भारत की जीत में अहम योगदान दिया। इंग्लैंड में भी उन्होंने पारी को एक ओर से संभाल कर रखा और नई गेंद का सामना करने की ज़िम्मेदारी उठाई। मगर अभी भी उनके सिर पर तलवार लटक रही है। उन्हें टीम से इस तरह से बाहर किया जा रहा है जैसे बाकी टीम अच्छा प्रदर्शन दिखा रही हो। मेरे हिसाब से यह ठीक नहीं है।”

41 साल के पूर्व स्पिनर ने आगे कहा, “लगातार क्रिकेट खेलना जरुरी है, जो पुजारा ने किया है। उन्होंने इंग्लैंड के हालातों में काफी अच्छा खेला। हालांकि, काउंटी क्रिकेट के गेंदबाजों का स्तर इंटरनेशनल गेंदबाजों जितना नहीं है, लेकिन उन्होंने कुछ अच्छे गेंदबाजों का भी सामना किया। काउंटी में खेलना पुजारा के लिए फायदेमंद रहा और उन्होंने वहां काफी अच्छी बल्लेबाज़ी भी की।”

आपको बता दें कि टीम इंडिया के कप्तान और सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा कोरोना संक्रमित हो गए हैं। ऐसे में पुजारा शुक्रवार से खेले जाने वाले टेस्ट मैच में युवा बल्लेबाज शुभमन गिल के साथ भारतीय पारी की शुरुआत कर सकते हैं।

Q. पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू कब किया था?


A. 9 अक्टूबर 2010 (v ऑस्ट्रेलिया)

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