IPL 2022 Mega Auction
इस देरी का असर आईपीएल 2022 की मेगा नीलामी में हो रहा है, जिसे पहले ही फरवरी तक के लिए टाल दिया गया है।

अहमदाबाद फ्रेंचाइजी (Ahmedabad franchise) के मालिक ने आईपीएल संचालन परिषद (IPL governing council) और बीसीसीआई (BCCI) के लिए कुछ बड़े मुद्दे पैदा कर दिए हैं। टीम नीलामी के दौरान सीवीसी कैपिटल (CVC Capital), जो एक अमेरिकी कंपनी है, उन्होंने अहमदाबाद फ्रैंचाइज़ी 5,625 करोड़ रूपए में खरीदी थी। हालांकि, बाद में यह खबर सामने आई थी कि कंपनी ने दो सट्टेबाजी कंपनियों में निवेश किया है, जिसके बाद बड़ा विवाद उतपन्न हो गया।

इसके बाद बीसीसीआई (BCCI) ने इस मुद्दे को देखने के लिए सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से युक्त एक तटस्थ पैनल की नियुक्ति की घोषणा की। बाद में खबर सामने आई थी कि पैनल ने सीवीसी को क्लीन चिट दे दी थी और अब बीसीसीआई को इस मामले में फैसला लेना है। बोर्ड ने अभी तक इसपर कोई निर्णय नहीं लिया है।

अब क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अहमदाबाद टीम और बोर्ड के वकील दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षरित एक समझौते के लिए एक उपयुक्त और वैध शब्द खोजने का प्रयास कर रहे हैं। वैसे तो बोर्ड ने अपना मन बना लिया है और सीवीसी को अहमदाबाद टीम का मालिक बनाने का, लेकिन देरी केवल कानूनी विशेषज्ञों द्वारा समझौते के लिए सही शब्द खोजने की कोशिश के कारण हो रही है।

वहीं, इस देरी का असर आईपीएल 2022 (IPL 2022) की मेगा नीलामी में हो रहा है, जिसे पहले ही फरवरी तक के लिए टाल दिया गया है। बोर्ड दोनों फ्रेंचाइजी मालिकों को खिलाड़ियों को साइन करने के लिए कम से कम 15 दिन का समय दे सकता है। ऐसे में नीलामी की तारीख आगे एक नई तारीख के लिए स्थगित किया जा सकता है और बीसीसीआई सीवीसी के मुद्दे को हल करने के बाद अंतिम तारीख की घोषणा कर सकती है।

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