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'फैब 4' से बाहर देखो - इंटरनेशनल क्रिकेट को नया किंग मिल गया है

असल में, पिछले कई साल से बैटिंग में टॉप बल्लेबाज़ की हर चर्चा में बात घुमा-फिराकर फैब 4 तक ही आ पहुंचती थी। कई नए नाम चर्चा में आए, पर इनमें रोहित शर्मा का नाम नहीं था, क्योंकि उन्हें तो अभी ये भी साबित करना था कि वे, जितने अच्छे वाइट बॉल क्रिकेटर हैं, उतने ही अच्छे रैड बॉल क्रिकेटर भी हैं। ओपनर के तौर पर उनके टेस्ट करियर को लाइफ लाइन मिली पर मौजूदा इंग्लैंड टूर से पहले, सवाल अभी भी यही था कि क्या उनके पास ऐसी बैटिंग तकनीक है कि इंग्लिश पिचों पर लाल ड्यूक बॉल पर भी रन बना सकें?

केनिंग्टन ओवल में सेंचुरी (127) के साथ, रोहित शर्मा ने इस सवाल का ही नहीं, और भी कई सवालों का जवाब दे दिया।ओवल टेस्ट से पहले 7 टेस्ट सेंचुरी थीं उनके नाम इनमें से भारत के बाहर एक भी नहीं। ये सूखा अब ख़त्म हो गया है।

रोहित ने 256 गेंदों में 127 रनों की शानदार पारी खेली और अब वे इंग्लैंड में किसी भी भारतीय बल्लेबाज की सबसे ज्यादा सेंचुरी की लिस्ट में टॉप पर हैं – लगभग दो साल राहुल द्रविड़ की बराबरी में रहने के बाद उन्हें पीछे छोड़ा। इंग्लैंड में उनके नाम 9 सेंचुरी- 2019 WC से पहले 3, ICC इवेंट के दौरान 5 और अब टेस्ट में। सिर्फ डॉन ब्रैडमैन (11 सेंचुरी) के नाम इंग्लैंड में किसी मेहमान बल्लेबाज की उनसे ज्यादा सेंचुरी हैं। इतना ही नहीं, वह अब इंग्लैंड में तीनों तरह की क्रिकेट में सेंचुरी बनाने वाले एकमात्र मेहमान ओपनर बल्लेबाज हैं। 2018 सीरीज़ के दौरान, रोहित ने T20I सीरीज़ में सेंचुरी बनाई थी।

मौजूदा सीरीज में ओवल तक- 8 पारी में 368 रन 52+ औसत से तथा टॉप पर जबकि भारत के और किसी भी बल्लेबाज़ ने 40 की औसत भी दर्ज़ नहीं की है। ये बदलाव कोई संयोग नहीं- इंग्लैंड टूर की ख़ास तैयारी का नतीजा है। रोहित शर्मा ने खुलासा किया कि इंग्लैंड की पिच पर टिके रहने के बल्लेबाजी में बदलाव किए- ‘जब गेंद स्विंग करती है, तो खेल के कई तकनीकी पहलू होते हैं जिनका एक ओपनर बल्लेबाज के तौर पर प्रयोग करने की जरूरत होती है। इन परिस्थितियों में खेलना कभी आसान नहीं होता, लेकिन मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाज को जो चुनौती मिलती है- मैंने उसी का सामना किया।’

अब वे शरीर के करीब गेंद को खेल रहे हैं और इंग्लैंड में खतरनाक स्विंग गेंदबाजी का सामना करने में कामयाबी के लिए क्रीज का इस्तेमाल करना सीख लिया है। तो इस तरह क्रिकेट की दुनिया ने एक नए रोहित शर्मा को देख लिया है। उनके इंटरनेशनल क्रिकेट में आने के लगभग 14 साल बाद देख लिया है कि रोहित शर्मा वास्तव में बैट से क्या कर सकते हैं।

2014 तक वनडे में 200 के दो स्कोर तो टेस्ट क्रिकेट में रन क्यों नहीं ? 2011और 2020 के बीच, भारत का ओपनिंग स्टैंड एशिया के बाहर टेस्ट में औसतन सिर्फ 6.4 ओवर था। उसके बाद अब ये लगभग 22 ओवर में बदल चुका है और इस बदलाव के एकमात्र कांस्टेंट रोहित शर्मा हैं। क्रिकेट की दुनिया नोट कर ले।

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