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'किसी को उम्मीद नहीं थी कि ट्रेंट बोल्ट इतनी जल्दी अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट को खत्म कर देंगे'

न्यूजीलैंड क्रिकेट ने नंबर-1 रैंकिंग वाले वनडे गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट को अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से रिलीज करने की बात मान ली है। इसका मतलब ये निकाला जा रहा है कि भले ही वे रिटायर नहीं पर उनका इंटरनेशनल क्रिकेट करियर खत्म।

सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से छुट्टी मांगने की ऑफिशियल वजह, परिवार के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं। साथ में बोल्ट ने ये भी कह दिया कि दुनिया भर में खेली जा रही टी20 लीग के लिए उपलब्ध हैं। बात साफ़ है, न्यूजीलैंड क्रिकेट का अब कोई बंधन नहीं और कोई एनओसी नहीं लेना। दूसरे शब्दों में, जहां मन चाहेगा और ज्यादा पैसा मिलेगा वहां खेलेंगे। शुरुआत नई लॉन्च हो रही यूएई टी20 लीग से होने के पूरे आसार हैं। उन्हीं दिनों की, बिग बैश लीग में भी खेल सकते हैं- इस टूर्नामेंट में बोल्ट कभी नहीं खेले हैं क्योंकि तारीखों का सीधे न्यूजीलैंड क्रिकेट के अपने सीजन से टकराव होता है।

33 साल के बोल्ट चूंकि रिटायर नहीं, इसका मतलब है कि अभी भी न्यूजीलैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए उपलब्ध (बशर्ते फुर्सत हो तो) पर ये लगभग तय है कि करियर के इस मुकाम पर ब्लैक कैप्स टीम, उन्हें मौका देने की जगह किसी और तेज गेंदबाज को तैयार करना चाहेगी। इन दिनों वे ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर के टी 0 वर्ल्ड कप की तैयारी में सफेद गेंद वाले मैचों के लिए, वेस्टइंडीज टूर पर हैं ब्लैक कैप्स के साथ।

78 टेस्ट, 93 वनडे और 44 टी 20 इंटरनेशनल का करियर, जिसमें उन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज में से एक के तौर पर पहचाना गया I अगर इस करियर को वे दांव पर लगा रहे हैं तो जरूर इसके पीछे कोई ख़ास वजह होगी। सच्चाई ये कि क्रिकेट का ईको सिस्टम बदल रहा है और इसके संकेत तो सामने आ ही रहे थे। क्रिकेट में हवा का रुख बदल रहा है, अब क्रिकेटर के करियर की पहली वरीयता इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं, लीग-फ्रेंडली करियर है। कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान, आईसीसी की बर्मिंघम में मीटिंग में, जिस मुद्दे पर सदस्य देशों के क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधियों ने सबसे ज्यादा चर्चा की वह था, घरेलू टी20 लीग के विकास के दौर में इंटरनेशनल क्रिकेट को कैसे फिट करें? अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट के प्रोग्राम में टी 20 लीग को फिट करते थे, अब समीकरण उलट गया है, जब खिलाड़ी के पास पूरे साल, अलग-अलग देश में, कहीं ज्यादा पैसा देने वाली टी 20 लीग में खेलने की ऑप्शन है, तो वह क्यूं न इनमें खेले?

अब देखिए जिस बेबी एबी यानि कि दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस की टेलेंट की पूरी दुनिया में चर्चा है वे पिछले दिनों, इंग्लैंड में, न तो दक्षिण अफ्रीकी ए टीम के लिए और न ही इंग्लैंड में एक पूरी सीरीज की तैयारी करने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम में खेले, वे इंग्लैंड में मुंबई इंडियंस डेवलपमेंट इलेवन के लिए एक इंग्लिश काउंटी की सेकेंड इलेवन के विरुद्ध खेले। इस युवा बल्लेबाज में, इंटरनेशनल क्रिकेट खेल कर नाम कमाने का नहीं, अपनी आईपीएल टीम के लिए एक साधारण दर्जे के मैच में खेलने का जोश है, अपने बेहतर करियर के लिए, उसे आईपीएल टीम की ‘लॉयल्टी’ की ज्यादा फ़िक्र है।

पूरे साल टी20 फ्रैंचाइज़ी सर्किट में कहीं न कहीं लीग है। डेविड वॉर्नर ने भी तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से छुट्टी मांगी है ताकि आजाद पंछी बन जाएं और यूएई लीग में खेल सकें। ध्यान दीजिए, जो वॉर्नर हर साल आईपीएल खेलते हैं, 2011 में शुरू हुई बिग बैश में अब तक सिर्फ 3 मैच खेले हैं, आख़िरी बार 2013 में। वॉर्नर का किसी बिग बैश टीम के साथ कॉन्ट्रैक्ट नहीं, इसी तरह स्टीव स्मिथ, पैट कमिंस या मिचेल स्टार्क, जैसे टॉप टेस्ट खिलाड़ियों में से किसी का भी बीबीएल टीम के साथ कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं है। अगर ये सब टॉप क्रिकेटर ही अपने देश की बिग बैश में न खेल कर पैसा कमाने के चक्कर में किसी और देश में खेलेंगे तो क्या होगा?

इंटरनेशनल क्रिकेटरों की मांग बढ़ रही है, एक आईपीएल टीम 8 विदेशी ले सकती है पर यूएई लीग में हर टीम में 9 विदेशी खिलाड़ी होंगे। इनमें से 4 नहीं, 5 खेलेंगे हर मैच में, इसीलिए इंटरनेशनल क्रिकेट से खिलाड़ी छीने जा रहे हैं। केकेआर को 12 महीने के कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ी चाहियें। धीरे-धीरे कई और ‘वॉर्नर’ एवं ‘बोल्ट’ सामने आएंगे।

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Q. ट्रेंट बोल्ट कितने साल के हैं?

A. 33

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