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टी20 क्रिकेट का नया 'सूरज' सूर्यकुमार, जानते हैं उनके करियर और पर्सनल लाइफ से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

पूरा नाम सूर्यकुमार यादव और इंग्लिश में स्पेलिंग Suryakumar Yadav है। बहुत कम खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनका निक नेम उनके नाम से प्रेरित है और सूर्य उनमें से एक हैं, निक नेम SKY ‘स्काई’ यानि आकाश और यही सूर्य की टैलेंट की सीमा है।

ऐसा टैलेंट, जिसे पहचानने में बड़ी देरी कर दी, जिस टी20 क्रिकेट को युवा खिलाडियों के लिए मानते हैं, उसी में सूर्य ने 30+ की उम्र में (30 साल 181 दिन) भारत के लिए डेब्यू किया। भारत के सेलेक्टर इस उम्र में डेब्यू का मौका देने के लिए कोई मशहूर नहीं हैं, विशेषज्ञ बल्लेबाजों में, इंटरनेशनल क्रिकेट में 30+ की उम्र में शुरुआत के लिए आख़िरी नाम 1981 में टीई श्रीनिवासन थे, तो टी20 इंटरनेशनल में 2011 में एस बद्रीनाथ। ऐसे में सूर्य को डेब्यू का मौका मिल गया ये कोई कम नहीं। उस पर, हाल के सालों में, 30+ उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में शुरुआत करने वाले कुछ ख़ास नहीं कर पाए थे तो ऐसे में सूर्य के लिए कौन सा आकाश बचा था?

आकाश खुद बनाया और आज वही सूर्यकुमार यादव स्टार हैं सिर्फ टीम इंडिया के नहीं, टी20 क्रिकेट के लिए और आईसीसी रैंकिंग में इस समय नंबर 1 सिर्फ कुछ महीने के अंदर एक नए क्रिकेटर से नंबर 1 का सफर कैसे तय हो गया- ये देखकर सब हैरान हैं। टेलेंट के बिना ये संभव नहीं। एक ट्रेंडसेटर हैं ये बताने के लिए कि उम्र को बिलकुल मत देखो, टी20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत की उम्मीद, जिन फैक्टर की बदौलत लगाई गई सूर्य की बैटिंग फार्म उनमें से एक थी। टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के विरुद्ध ग्रुप मैच तक रिकॉर्ड- 38 मैच में 1209 रन 40.30 औसत और 177+ स्ट्राइक रेट के साथ जिसमें एक 100 और 11 स्कोर 50 वाले पर ख़ास बात ये कि अपनी पारी को 4 या 6 से शुरू करने का सबसे ज्यादा दम अगर आज किसी में है तो वह सूर्यकुमार यादव हैं।

यही है वह स्टाइल जिसने सूर्यकुमार यादव को एक ख़ास पहचान दिलाई, बल्लेबाजी करने जाते हैं तो गर्म जोशी से और इस सोच से कि वह यहां रन बनाने के लिए है। पहली गेंद पर चौका या छक्का- कोई बड़ी बात नहीं। पहली 7-8 गेंदों में दो-तीन चौके- यही है उनके खेलने का स्टाइल, जब जूनियर थे तो मुंबई के एक सेलेक्टर ने बुलाकर पूछा भी था कि इतने लंबे शॉट कैसे मारते हो? सूर्य ने अपने बैट की तरफ इशारा कर दिया। जिन तीन-चार बैट से अंडर-15, अंडर-17 में खेला करते थे (वे उस समय के कोच ने गिफ्ट दिए थे)- भले ही अब टूट चुके हैं लेकिन सूर्य के पास अभी भी हैं।

बस किस्मत ने खोए स्टार को बचाया

अब सूर्यकुमार यादव स्टार हैं पर ऐसे जो बस खो ही गए थे, लगातार चर्चा तो थी उनके नाम की पर मौका नहीं था। आईपीएल 2020 की शानदार फॉर्म ने भी ब्रेक नहीं दिलाया था। उस सीजन में जिस स्कोर की सबसे ज्यादा चर्चा हुई थी, वह था राजस्थान रॉयल्स के विरुद्ध 47 गेंद में 79* रन।

2010 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में आए और मुंबई क्रिकेट का वह नजरिया उनकी क्रिकेट में भी है, जिसमें बल्लेबाज आसानी से अपना विकेट नहीं गंवाता। आईपीएल में आने में देर नहीं लगी। 2011 में मुंबई इंडियंस ने लिया पर सही मौके दिए कोलकाता नाइट राइडर्स ने। 2014 से 2017 तक उनके साथ रहे और उसके बाद मुंबई इंडियंस में वापस और यही क्रिकेट करियर का टर्निंग पॉइंट था। फिर भी, तीन और साल लग गए, इंडिया कलर्स में आने में।

ये सफर शुरू हुआ था मुंबई में अणुशक्ति नगर में। पिता (अशोक यादव) बीएआरसी (भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर) में इंजीनियर। यादव सीनियर कहते हैं कि उनके साथी और दोस्त अभी भी हैरान हैं कि इंजीनियरों और साइंटिस्ट की कॉलोनी का एक लड़का कैसे भारत का क्रिकेटर बन गया? मुंबई के एटॉमिक सेंट्रल हाई स्कूल से पढ़ाई शुरू की और साथ ही क्रिकेट और बैडमिंटन दोनों खेले। बैडमिंटन में जूनियर टाइटल भी जीता है।

तो ये है सफर उस क्रिकेटर का जो अंडर 22 से पहली बार मुंबई टीम के ड्रेसिंग रूम में दाखिल हुआ था तो उसके पास कोई सीट नहीं थी। ये भी बड़ा मजेदार किस्सा है। वानखेड़े स्टेडियम में टीम में आने के बाद पहला प्रैक्टिस सेशन। उस दिन उन्हें थोड़ी देर हो गई थी। चारों ओर देखा कहां बैठ सकता हूं? कोई सीट नहीं थी। वार्मअप करने चले गए और जब नेट्स में बल्लेबाजी का मौका मिला तो पैड बांधने थे। तेंदुलकर तब ड्रेसिंग रूम में गणेश मूर्ति के ठीक बगल में बैठे थे। उन्होंने आवाज लगाकर कहा एक कुर्सी बाहर से ले आओ और तुम भी मूर्ति के पास बैठ सकते हो। जो सीट तब तेंदुलकर की बदौलत मिली उसे वे भूले नहीं और आज भी, उस ड्रेसिंग रूम में, उसी सीट पर बैठते हैं।

सूर्य के करियर की शुरुआत जिन बातों के साथ हुई वे उन्हें बहुत पीछे छोड़ आए हैं, एक दिन फिट, दूसरे दिन अनफिट जैसा अब कोई किस्सा नहीं, अब मिजाज भी ‘गर्म सिर वाला’ नहीं कि शिकायतें आएं. 2014 में तो टीम के साथी शार्दुल ठाकुर के साथ ग्राउंड पर ही झगड़ पड़े थे और हालत ये थी कि तीनों तरह की क्रिकेट में, मुंबई की कप्तानी से हटा दिया गया था।

2016 में, सूर्यकुमार यादव ने अपने रवैये, फिटनेस, बल्लेबाजी और मानसिक सोच को बदलने का फैसला किया। कुछ शॉट खेलना रोक दिया, खाने की आदतों को बदल दिया, नेट पर घंटों बिताने लगे और बड़े हिट के लिए मसल्स की ताकत बढ़ाई। इन सभी बदलाव ने टीम इंडिया कॉल-अप में योगदान दिया। आईपीएल और मुंबई के लिए सीजन दर सीजन लगातार बड़े रन बनाने का इनाम मिला। इन बदलाव के बाद तो सैयद मुश्ताक अली टी20, विजय हजारे ट्रॉफी, रणजी ट्रॉफी या जहां भी खेलने का मौका मिला रन बनाए और स्कोर उनका परिचय थे तब।

आईपीएल में, भी आने में देर नहीं लगी। आईपीएल 2020 में, अपनी बल्लेबाजी में एक और आयाम जोड़ा-,एक फिनिशर का। न सिर्फ 40.22 का औसत 155.36 स्ट्राइक रेट, पावरप्ले और डेथ ओवरों में तेजी भी।

ब्रेक के बाद

जब टेलेंट और रन के बावजूद नेशनल टीम में ब्रेक नहीं मिल रहा था तो ये समय था अपनी लाइफस्टाइल और क्रिकेट के खुद विश्लेषण का- कहां क्या गलत हो रहा है? पत्नी से बात की। खुद से सवाल पूछे। आईपीएल 2020 में सूर्यकुमार ने न सिर्फ रन बनाए थे, मुंबई इंडियंस के लिए मैच भी जीते थे। तब भी ऑस्ट्रेलिया में खेलने वाली टी 20 टीम में नहीं चुना। सभी ने और कड़ी मेहनत और सही समय और मौके के इंतजार के लिए कहा। यूएई में आईपीएल 2020 के बाद यह बदल गया। धैर्य और कड़ी मेहनत काम आए और 2021 में इंग्लैंड के विरुद्ध 5 मैचों की सीरीज के लिए टी20 टीम में चुन लिया। सोचा था अपने कप्तान विराट कोहली से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और आज वे उन्हीं कोहली के साथ एक के बाद एक रिकॉर्ड और कीमती पार्टनरशिप निभा रहे हैं।

डेब्यू किया दूसरे टी 20 में पर बैटिंग का नंबर नहीं आया। तीसरे मैच की टीम से बाहर और चौथे मैच में भी, सिर्फ अचानक अनफिट हुए ईशान किशन की बदौलत मौका मिला। बस इसी मौके का इंतजार था। बल्लेबाजी डेब्यू में सनसनीखेज- जिस पहली गेंद को खेला वह जोफ्रा आर्चर का 90 मील प्रति घंटा की तेजी वाला बाउंसर था, उस पर 6 का शॉट लगा दिया। हिम्मत तो देखिए! इससे पहले सिर्फ तीन खिलाड़ी ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में जो पहली गेंद खेली उस पर 6 लगा सके थे और इनमें से भारत से तो कोई भी नहीं था, मंगलिसो मोसेहले, ग्लेन रॉय रेनॉल्ड और पुनीत अरोड़ा।

अपना परिचय देने का ये एक अनोखा तरीका था। डेब्यू स्कोर 31 गेंद में 57 रन और कोहली ने भी सूर्यकुमार यादव के निडर रवैये की तारीफ़ की और कहा कि इस पारी ने ड्रेसिंग रूम में सभी को हैरान कर दिया। सिर्फ 28 गेंदों में 50 रन और अपनी पारी में 6 चौके और 3 छक्के लगाए।

तब से टी20 इंटरनेशनल में सूर्यकुमार यादव ने एक के बाद एक मंजिल को पार किया है। किस-किस पारी की बात करें? टी20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध पर्थ की या भारत-दक्षिण अफ्रीका गुवाहाटी टी20 इंटरनेशनल की। गुवाहाटी में उस दिन केएल राहुल ने सिर्फ 24 गेंद में 50 का रिकॉर्ड (दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज) बनाया पर ये रिकॉर्ड सिर्फ 34 गेंद टिका और सूर्यकुमार यादव ने महज 18 गेंद में, अपने 50 पूरे किए। सूर्यकुमार यादव- 22 गेंद में 61 रन और भारत ने 237/3 का स्कोर बनाया जो जीत वाला स्कोर साबित हुआ।

गुवाहाटी हो या पर्थ, विराट कोहली के पिच पर होने के बावजूद, सूर्यकुमार यादव वह बल्लेबाज थे, जिनकी बैटिंग भी देख रहे थे। सूर्य कुमार यादव ने टॉप गियर बल्लेबाजी से ही समीकरण बदला। बांग्लादेश के विरुद्ध भी तो यही हुआ। टी20 में टीम इंडिया के लिए, अपनी ब्रैंड की क्रिकेट से जो पहचान एमएस धोनी, युवराज सिंह, विराट कोहली और रोहित शर्मा ने बनाई- उसी लिस्ट में अब सूर्यकुमार यादव का नाम है। इसीलिए न सिर्फ टीम इंडिया के मिस्टर 360, बल्कि मिस्टर इनविंसिबल और नए हिटमैन भी।

नए मिस्टर 360, मिस्टर इनविंसिबल और हिटमैन

रिकॉर्ड इसका सबूत हैं। एक कैलेंडर साल में गैर-ओपनर के सबसे ज्यादा रन : 830 : सूर्यकुमार यादव (2022), 641: विराट कोहली (2016), 627: मिशेल मार्श (2021), एक कैलेंडर साल में टी20 इंटरनेशनल में बीच के ओवरों में 500 रन बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज , 38 मैच में 67 छक्के। कम से कम 1000 रन बनाने वालों में प्रति पारी छक्कों से रन के रिकॉर्ड में टेस्ट देशों में से वेस्टइंडीज के एविन लुईस (13.06) और सूर्यकुमार यादव (11.17) टॉप पर। रोहित शर्मा बहुत पीछे हैं। इसीलिए ही तो तो ये सवाल आया कि भारत की क्रिकेट में नया हिटमैन कौन है? एक कैलेंडर साल में सबसे ज्यादा टी20 इंटरनेशनल छक्के का रिकॉर्ड सूर्य के नाम ही है। 55 छक्के 2022 में और मोहम्मद रिज़वान, मार्टिन गुप्टिल और रोहित शर्मा जैसे नाम बहुत पीछे रह गए।

टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए सबसे तेज (गेंद की गिनती में) 50 के रिकॉर्ड में सिर्फ युवराज सिंह (12 गेंद, विरुद्ध इंग्लैंड, 2007) बेहतर हैं और 18 गेंद के साथ केएल राहुल (विरुद्ध स्कॉटलैंड, 2021) एवं सूर्यकुमार यादव (विरुद्ध दक्षिण अफ्रीका, 2022) बराबरी पर हैं।

नया हिटमैन सामने है। ये सूर्य की मेहनत का नतीजा है और उन्हें यूं ही 360 डिग्री क्रिकेटर नहीं कहा जा रहा, टी20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद। आईपीएल से सीनियर इंटरनेशनल क्रिकेट का सफर कैसे तय हो गया पता ही नहीं चला। यह तय है कि टी20 वर्ल्ड कप में भारत, सूर्यकुमार यादव ब्रैंड ऑफ़ क्रिकेट पर भरोसा कर खेल रहा है।

आईपीएल की बात करें तो एक बार चैंपियंस लीग टी20 विजेता भी हैं और सूर्यकुमार के नाम आईपीएल खेलने से पहले, चैंपियंस लीग का खिताब जीतने का सबसे अनोखा रिकॉर्ड है। 2012 में आईपीएल में आए और उससे एक साल पहले, उस टीम का हिस्सा था जिसने चैंपियंस लीग टी20 को जीता था। सूर्यकुमार ने आईपीएल 2018, 2019, 2020, 2021 और 2022 में क्रमशः 512, 424,480,317 और 303 रन बनाए।

मुंबई में कहा जाता है कि इस नई स्टारडम के बावजूद अभी भी मुंबई की मैदान क्रिकेट से जुड़े हैं। मौका मिले तो क्लब क्रिकेट का भी हर मैच खेलने के लिए तैयार। स्थानीय ग्राउंड्समैन को अपना मैन ऑफ द मैच का नकद इनाम दे दिया। अपने क्लब पारसी जिमखाना के लिए प्यादे स्पोर्ट्स क्लब के विरुद्ध तीन दिवसीय पुलिस शील्ड फाइनल में खेल रहे थे, जिसमें उन्होंने मुंबई के पुलिस जिमखाना मैदान में 152 गेंदों में 259 रन बनाए। ऐसा कितने क्रिकेटर करते हैं?

आज वे इस मेहनत को बेकार नहीं कर रहे, सफलता के इस दौर में हर मैच खेलने के लिए तैयार। इस साल सितंबर में ही सीरीज के निर्णायक मैच में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 69 रन की मैच जीतने वाली पारी खेलने से कुछ ही घंटे पहले, पेट में जबरदस्त दर्द और बुखार था। लगभग तय था कि मैच से बाहर हो जाएंगे। टीम फिजियो को कहा- मुझे मैच के लिए फिट कर दो, चाहे कुछ भी करना पड़े।

भारतीय क्रिकेट में सुनील गावस्कर टेस्ट में प्रेरणा थे, वनडे में प्रेरणा हैं सचिन तेंदुलकर और यादव टी20 में। उनसे पहले अन्य थे और उनके बाद अन्य होंगे, लेकिन वे बदलाव की सबसे प्रभावशाली शक्ति थे। यादव के चमकने से पहले ही, भारत के पास इस प्रारूप में एमएस धोनी और युवराज सिंह से लेकर विराट कोहली और रोहित शर्मा तक मैच विजेता बल्लेबाज थे। आज उनके साथ, भारत की बल्लेबाजी अपने मौजूदा स्वरूप में अजेय लगती है तो इसके लिए वह न सिर्फ भारत के मिस्टर 360 हैं, बल्कि मिस्टर इनविंसिबल भी।

परिवार साथ है

क्रिकेट में कामयाबी मिली तो पैसा भी आया। इससे लाइफ स्टाइल बदली और आज उनके पास हर वह शान-शौकत है जिसकी वे कभी उम्मीद ही करते थे। फिर भी अपने परिवार को नहीं भूले। आज भी अपने माता-पिता के साथ ही रहते हैं, उनके करीब हैं। इतना ही नहीं, दाहिने कंधे पर माता-पिता के चेहरे का टैटू है, जिन्होंने उन्हें क्रिकेटर बनने में मदद की। सूर्य को याद है कि घरेलू क्रिकेट में उनके बेहतर फॉर्म के बाद, जब भी किसी सीरीज/टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम की घोषणा की जाती तो सूर्या के पिता यह जानने के लिए उत्सुक रहते कि उनके बेटे की मेहनत रंग लाई है या नहीं?

जो उनके पिता से, उनके देरी से इंटरनेशनल क्रिकेट में आने के बाद ज्यादा न खेलने जैसी बात करते हैं तो वे उन्हें ऑस्ट्रेलियाई माइकल हसी का उदाहरण देते हैं- 30 साल की उम्र में डेब्यू के बाद भी 79 टेस्ट खेले। पिता (अशोक यादव) बीएआरसी (भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर) में इंजीनियर और सरकारी घर में ही रहे सूर्य की स्टारडम तक चेंबूर में। सूर्यकुमार की मां स्वप्ना भी नियमित रूप से बेटे के हर मैच से पहले एक रस्म निभाती हैं- पूजा करती हैं कामयाबी के लिए।

पत्नी जिन्हें वे लाइफ कोच कहते हैं

पत्नी की सूर्य की जिंदगी में एक ख़ास जगह है। वे ये बताना कभी नहीं भूलते कि कैसे उनकी पत्नी-देवीशा शेट्टी उनके साथ हमेशा खड़ी रहीं और मुश्किल के उन सालों के दौरान एक लाइफ कोच की भूमिका निभाई। शायद इसीलिए देवीशा शेट्टी के नाम का, अपने सीने पर सूर्य कुमार ने टैटू बनवाया है, दिल के करीब और इस तरह हमेशा उनके साथ, चाहे वह कहीं भी हों।
प्यार भी कम नहीं। अभी हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2022 के लिए रवाना होने से पहले की ड्रेस-अप में मदद की इस कपल की वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।

और एक मजेदार बात, पत्नी देवीशा उनके हर मैच से पहले एक रस्म का पालन करती हैं? कौन सी रस्म, उन का फोन अपने कब्जे में ले लेती हैं ताकि सूर्य बाहरी दुनिया की बकबक से विचलित न हो और पूरा ध्यान मैच पर रहे।

तो कौन हैं ये देवीशा शेट्टी? सूर्यकुमार यादव की पत्नी. जन्म एक उच्च वर्ग दक्षिण भारतीय परिवार में, 2012 में सूर्यकुमार से मिलीं जब पोदार कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स, मुंबई में दोनों पढ़ते थे, देवीशा डांस करती थीं और उसी में सूर्य का दिल जीत लिया। सूर्य उन गिने-चुने क्रिकेटरों में से एक जिनके नाम कोई ‘लव’ का किस्सा नहीं और सीधे शादी की। देवीशा ने 2013 से 2015 तक एक एनजीओ ‘द लाइटहाउस प्रोजेक्ट’ के लिए एक वॉलंटियर के तौर पर काम किया। पढ़ाई के बाद डांस कोच बन गईं। इसके अलावा उन्हें कुकिंग और बेकिंग का भी शौक है।

7 जुलाई 2016 को सूर्यकुमार से शादी कर ली। वैसे वे एमबीए हैं और उनकी गर्दन के पिछले हिस्से पर ‘सूर्य’ लिखा है। घर में पैट की शौकीन, पिता होटल व्यापार में, इस तरह अमीर परिवार से है। देवीशा शेट्टी के इंस्टाग्राम पर 1.47 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। एक मजेदार किस्सा ये है कि देवीशा, सूर्य को बल्लेबाजी करते देखने के लिए सिर्फ दो मौकों पर स्टेडियम में नहीं पहुंचीं। आश्चर्यजनक बात ये कि उन दोनों मौकों पर सूर्य ने बेहतरीन पारियां खेलीं, जब टी20ई में पहला शतक बनाया (जुलाई 2022 में ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड के विरुद्ध) और वेस्टइंडीज के विरुद्ध बेसेटेरे के तीसरे टी20 इंटरनेशनल में जब सूर्यकुमार ने 76 रन की शानदार पारी खेली, 8 चौके और 4 छक्के।

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बढ़िया कार के शौकीन हैं

सूर्य कार इकट्ठी करने के शौकीन हैं। विलासिता के लिए जो सॉफ्ट कॉर्नर है- उसमें महंगी स्पोर्ट्स कार भी शामिल है। कार का एक बड़ा कलेक्शन है उनके पास। इनमें से उनकी मनपसंद ख़ास कार :

  • पोर्श 911 टर्बो- इस सफ़ेद जर्मन सुपरकार के टॉप मॉडल की कीमत मुंबई में 3.64 करोड़ रुपये है
  • मर्सडीज बेंज जीएलएस लक्ज़री एसयूवी, कीमत 1.4 करोड़ रुपये
  • मर्सडीज-बेंज 2.15 करोड़ रुपये
  • रेंज रोवर वेलार 90 लाख रुपये
  • ऑडी ए6 60 लाख रुपये
  • निसान जोंगा 15 लाख रुपये
  • स्कोडा
  • बीएमडब्ल्यू बाइक (2.65 लाख रुपये से ज्यादा)
  • 40 लाख रुपये की टोयोटा फॉर्च्यूनर
  • 75 लाख रुपये की बीएमडब्ल्यू 5 सीरीज 530डी एम स्पोर्ट्स

नेटवर्थ और एंडोर्समेंट

सूर्यकुमार यादव की नेट वर्थ 32 करोड़ रूपये होने का अनुमान है। इस में आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट फीस का सबसे बड़ा योगदान है- साथ ही, इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने और एंडोर्स्मेंट से कमाई। कई ब्रैंड को एंडोर्स करते हैं जिसमें ड्रीम 11, मैक्सिमा वॉचेस, राइज वर्ल्डवाइड, सरीन स्पोर्ट्स (एसएस), पिंटोला पीनट बटर और नीमन फुटवियर शामिल हैं। स्काई के पास इस समय बीसीसीआई से ग्रेड सी का कॉन्ट्रैक्ट है जो सालाना 1 करोड़ देता है।आईपीएल 2022 में मुंबई इंडियंस ने रिटेन किया 8 करोड़ रुपये की फीस पर। आईपीएल में सफर 10 लाख रुपये से शुरू हुआ था :
2022 : मुंबई इंडियंस 8 करोड़
2018 से 2021 : मुंबई इंडियंस 3.20 करोड़ हर सीजन
2014 से 2017 : कोलकाता नाइट राइडर्स 70 लाख हर सीजन
2011 से 2013 : मुंबई इंडियंस 10 लाख हर सीजन

आज ये परिवार मुंबई में एक डीलक्स अपार्टमेंट में चेंबूर में ही रहता है, एक हाई राइज बिल्डिंग में। कहते हैं सूर्य का घर बड़ा खूबसूरत है।

सफर नंबर 1 का

तो ये है सफर उस क्रिकेटर का जो अंडर 22 से जो सीनियर क्रिकेट में आया। बेहतर…और बेहतर करने की चाह। ये किस्सा भी मुंबई क्रिकेट में खूब याद किया जाता है कि एक बार टीम एनालिस्ट सौरभ वाकर से 1994-95 सीरीज में वेस्टइंडीज के विरुद्ध स्टीव वॉ की बैटिंग का एक वीडियो मांगा था, जमैका में यादगार दोहरा शतक। शुरू से आदत है जिस अच्छी बैटिंग के बारे में सुनो, उसका वीडियो देखो क्योंकि देखना और सीखना पसंद है। उन लोगों ने उन परिस्थितियों में क्या किया, जब वह बल्लेबाजी करने जाएं तो क्या बेहतर कर सकते हैं, कैसे अपने आप को और सुधार सकते हैं? जूनियर क्रिकेट से नंबर 1 तक का सूर्य का ये सफर देश के हर बच्चे और युवा क्रिकेटर के लिए प्रेरणा है।

सूर्यकुमार इस समय दुनिया के नंबर 1 टी20 इंटरनेशनल बल्लेबाज हैं और रिजवान एवं बाबर जैसों को पीछे छोड़ दिया है। इस साल टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन (एक शतक सहित 935 रन) बनाने वाले बल्लेबाज। मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में शानदार फॉर्म में और अपने पहले तीन मैचों में दो स्कोर 50 के। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध घरेलू सीजन में भी शानदार फॉर्म में थे और मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में इसे जारी रखे हुए हैं। एक नया स्टार।

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Q. सूर्यकुमार यादव के टी20 आई में कितने शतक हैं?

A. 1

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