priety zinta ipl
प्रीति जिंटा - IPL की पहली महिला टीम मालिक, जिसके ग्लैमर और क्रिकेट समझ के सब दीवाने हैं

किसकी बात हो रही है? ये अंदाजा लगाना कोई मुश्किल नहीं, जब मोहाली शहर की टीम के मालिकाना अधिकार, मिलकर खरीदने वालों में प्रीति जिंटा का भी नाम आया तो ये रिकॉर्ड बने पर सबसे ख़ास बात ये थी कि वे न तो ‘स्लीपिंग इन्वेस्टर’ थीं और न ही सिर्फ ग्लैमर बढ़ाने वाला खूबसूरत चेहरा, वे ही टीम की पॉलिसी, स्कीम, स्ट्रेटजी और खेल के बारे में बात करती थीं। बॉलीवुड के साथ क्रिकेट से जुड़ीं पर बहुत जल्दी ये एहसास हो गया था कि वे क्रिकेट जानती हैं, समझती हैं। शुरू के सालों में कागजात पर तो किसी ने भी ध्यान नहीं दिया, हर किसी के लिए मोहाली टीम की मालिक वही थीं।

इसीलिए ही तो हर किसी ने बेंगलुरु में इस साल के नीलाम में उनकी गैर-मौजूदगी महसूस की। पिछले साल नवंबर में ही तो जुड़वां बच्चे जय और गीता उनके परिवार में शामिल हुए थे- प्रीति जिंटा ने कहा, इतनी जल्दी छोटे बच्चों को छोड़कर लॉस एंजिल्स से नहीं आ सकतीं। शादी के बाद से वे वहीं रहती हैं।

इसका मतलब ये नहीं कि वे चर्चा से भी बच गईं- टीम टेबल पर उन्हें मिस किया पर सोशल मीडिया पर उनके नाम से जुड़ी पोस्ट की कोई कमी नहीं थी। वे नहीं आईं- उधर केकेआर की टेबल पर शाहरुख खान नहीं थे और जिस ‘वीर-जारा’ मोमेंट का इंतज़ार था वह भी देखने को नहीं मिला। हां, उनकी टीम ने 40 लाख रुपये के बेस प्राइस वाले शाहरुख़ खान को फिर से खरीदकर उन्हें खुश कर दिया- भले ही इसके लिए 9 करोड़ रूपये खर्च हो गए।

पंजाब किंग्स उन 8 फ्रेंचाइजी में से एक है जिनके साथ 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग का उद्घाटन सीजन खेला गया।अभी तक एक बार भी, आईपीएल टाइटल नहीं मिला है पर सोशल मीडिया पर सबसे लोकप्रिय टीमों में से एक हैं। टीम को सबसे बड़ी सफलता 2014 में मिली थी जब जॉर्ज बेली की कप्तानी में बेंगलुरु में कोलकाता नाइट राइडर्स के विरुद्ध फाइनल खेले। पिछले सीजन में, केएल राहुल को कप्तानी में बड़ी कामयाबी की उम्मीद थी पर ऐसा हुआ नहीं। हाल-फिलहाल तो इस मामले में टीम का नाम और लोगो बदलने का भी कोई फायदा नजर नहीं आ रहा। टीम का होम ग्राउंड मोहाली का पीसीए स्टेडियम पर 2010 से कुछ होम मैच धर्मशाला और इंदौर में भी खेल रहे हैं।

टीम मालिक कौन

वास्तव में 20 फरवरी 2008 को मुंबई में नीलामी में मोहाली टीम को डाबर ग्रुप के मोहित बर्मन (46% शेयर), वाडिया ग्रुप के नेस वाडिया (23% शेयर), प्रीति जिंटा (23% शेयर) और सप्तर्षि डे (डे एंड डे ग्रुप) ने खरीदा था कुल 76 मिलियन डॉलर में। इस टीम के केचमेंट एरिया के तौर पर कश्मीर, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा थे- इसीलिए टीम के लोगो में के जे एच पी एच लिखे थे।

इस समय टीम मालिकों के तौर पर मोहित बर्मन, नेस वाडिया, प्रीति जिंटा और करन पॉल (एपीजे सुरेंद्र ग्रुप) का नाम लिखा जाता है। चारों अरबपति हैं और चारों के पास क्रिकेट से कहीं बड़े और भी काम हैं। आपकी जानकारी के लिए चारों शेयर होल्डर ने मिलकर कंसोर्शियम बनाया और इसका नाम केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड रखा। टीम मालिक के तौर पर ऑफिशियल तौर पर यही कंपनी है। इसी ने कैरेबियन प्रीमियर लीग टीम सेंट लूसिया ज़ौक्स को भी खरीदा।

आईपीएल से बाहर और फिर वापसी

इस टीम ने एक बड़े अजीब विवाद का सामना किया। 2010 में बीसीसीआई- ललित मोदी विवाद के चलते, इंडियन प्रीमियर लीग ने किंग्स इलेवन पंजाब और राजस्थान रॉयल्स के फ्रेंचाइजी कॉन्ट्रैक्ट को ख़त्म कर दिया। टीम ने घोषणा की कि वे आईपीएल में बने रहने के लिए कानूनी कार्रवाई करेंगे पर उससे पहले आपसी बातचीत से रास्ता निकालने की पूरी कोशिश होगी। दूसरी तरफ बोर्ड ने तो 2012 के आईपीएल सीज़न से पहले नई टीम बेचने के बारे में काम करना शुरू कर दिया था। आखिर में हाई कोर्ट के आदेश पर किंग्स इलेवन पंजाब के कॉन्ट्रैक्ट को बहाल किया गया।

नाम बदलना

17 फरवरी 2021 को, किंग्स इलेवन पंजाब का नाम बदलकर पंजाब किंग्स कर दिया गया। नेस वाडिया के मुताबिक़ फ्रैंचाइज़ी का नाम बदलने की सबसे बड़ी वजह- जो हो चुका है उस पर नए तरीके से नजर डालना और नई तरह से देखना है। आईपीएल के 13 सीज़न के बाद टीम को रीब्रैंड करना जरूरी हो गया था। वे ये नहीं मानते कि ऐसा किसी ज्योतिषी की सलाह या अंध विश्वास में किया। उन्हें लगा था कि नाम बदलने के बाद “नए सिरे से शुरुआत” होगी और बेहतर नतीजा मिलेगा।

वे कहते हैं कि नाम तो पहले ही बदल देना था पर कोविड के चलते देर हो गई। इस सच्चाई से इंकार नहीं किया जा सकता कि भरसक कोशिश के बावजूद, ग्राउंड पर टीम को कोई तहलका मचाने वाली कामयाबी नहीं मिली है। आखिरी सफल सीजन 2014 था जब वे पहली और एकमात्र बार फाइनल में पहुंचे थे।

पंजाब आईपीएल में अपना नाम बदलने वाली तीसरी टीम हैं- उनसे पहले : डेक्कन चार्जर्स ने 2013 में नाम बदलकर सनराइजर्स हैदराबाद कर दिया था और दिल्ली डेयरडेविल्स ने 2018 में नाम बदलकर दिल्ली कैपिटल्स कर दिया था।

अब मिलते हैं पंजाब किंग्स के सभी बड़े मालिक से।

मोहित बर्मन

डाबर भारत की सबसे बड़ी आयुर्वेदिक मेडिसिन और नेचुरल कंज्यूमर प्रॉडक्ट निर्माता में से एक है। किंग्स इलेवन पंजाब के समय से उनके पास 46% शेयर हैं। मोहित, डाबर इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। ढेरों प्रॉडक्ट के व्यापर से जुड़े हैं वे और शुरू के सालों में उनके पास क्रिकेट के लिए कतई फुर्सत नहीं थी।

  • स्कूली पढ़ाई हाईगेट स्कूल, लंदन से।
  • रिचमंड कॉलेज लंदन से बैचलर ऑफ आर्ट्स।
  • बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और इकोनॉमिक्स (डबल मेजर: मार्केटिंग एंड जनरल मैनेजमेंट) में ग्रेजुएट।
  • फाइनेंस में मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) की डिग्री।

खेलों के लिए, हमेशा जोश में। इसीलिए किंग्स इलेवन पंजाब की टीम से जुड़े। दिल्ली में रहते हैं और उनके शौक में वाटर स्पोर्ट्स, राइडिंग और थिएटर शामिल हैं। इंडियन बैडमिंटन लीग की पुणे टीम के भी मालिक हैं।

नेस वाडिया

नेस नुस्ली वाडिया, मशहूर वाडिया ग्रुप की सबसे चर्चित कंपनी बॉम्बे डाइंग के नॉन वर्किंग डायरेक्टर हैं। जन्म 30 मई 1971- मुंबई में पारसी वाडिया परिवार में। उनके पिता मशहूर बिजनेसमैन नुस्ली वाडिया और मां पूर्व एयरहोस्टेस मौरीन वाडिया। उनका एक परिचय और भी है- उनकी दादी पाकिस्तान के फाउंडर मोहम्मद अली जिन्ना की बेटी थीं।

  • द कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल, हिमाचल प्रदेश में लॉरेंस स्कूल और यूके के मिलफील्ड स्कूल में शुरू की पढ़ाई।
  • टफ्ट्स यूनिवर्सिटी, बोस्टन, मैसाचुसेट्स से इंडस्ट्रियल रिलेशन्स में ग्रेजुएशन।
  • एमएससी- वारविक यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग बिजनेस मैनेजमेंट में।

1993 में पहली बार बॉम्बे डाइंग से जुड़े थे पर अब कई कंपनी से उनका नाम जुड़ा है। नेस ने एक तरफ कोविड के दौरान सिक्किम राज्य की कई तरह की सप्लाई से मदद की तो दूसरी तरफ अप्रैल 2019 में, एक जापानी कोर्ट ने ड्रग्स रखने के आरोप में उन्हें दो साल की जेल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाते हुए अदालत ने सजा को पांच साल के लिए ससपेंड कर दिया था।

प्रीति जिंटा

चारों पार्टनर में सबसे मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा। अपनी अपार लोकप्रियता के कारण किंग्स इलेवन पंजाब से जुड़ा सबसे ज्यादा पहचाना जाने वाला चेहरा हैं। हर नीलाम या मैचों के दौरान कैमरे बार-बार उन्हीं की तरफ मुड़ते हैं।

प्रीति जिंटा एक प्रॉडक्शन कंपनी PZNZ Media की फाउंडर हैं और प्रीति की ये कंपनी अधिकृत तौर पर आईपीएल टीम में शेयरहोल्डर है। जन्म 31 जनवरी 1975 और शुरू से हिम्मती। इंग्लिश ऑनर्स और क्रिमिनल साइकोलॉजी में डिग्री के साथ ग्रेजुएट, जिंटा 1998 में फिल्मों में आईं और डेब्यू पर ही फिल्मफेयर अवार्ड जीता। उसके बाद तो एक के बाद एक बड़ी फ़िल्में और उनकी एक्टिंग और ख़ूबसूरती को बड़ी तारीफ़ मिली।

सच ये है कि फिल्मों के चक्कर में, उनकी अन्य खूबियों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया- एक सोशल वर्कर, टेलीविजन प्रजेंटर और थियेटर कलाकार हैं। 2004 और 2005 के बीच, बीबीसी न्यूज़ ऑनलाइन साउथ एशिया के लिए कई कॉलम लिखे। 2017 से दक्षिण-अफ्रीकी टी 20 ग्लोबल लीग क्रिकेट टीम Stellenbosch Kings की मालिक हैं।

2004 के भारत शाह केस को कौन भूल सकता है? माफिया के विरुद्ध गवाहों की लिस्ट में वे अकेली थीं जो कोर्ट में भी, अपने शुरू के बयान पर टिकी रहीं। अंडरवर्ल्ड के खिलाफ गवाही दी। इस घटना के बाद उन्हें अक्सर पत्रकारों द्वारा “ओनली मेन इन बॉलीवुड” कहा जाता था। इसके लिए उन्हें गॉडफ्रे फिलिप्स नेशनल ब्रेवरी अवार्ड भी दिया गया था।

शिमला, हिमाचल प्रदेश के एक राजपूत परिवार में जन्म। पिता, दुर्गानंद जिंटा, भारतीय सेना में एक अधिकारी थे। 13 साल की उम्र में एक कार दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। मां नीलप्रभा गंभीर रूप से घायल हो गई और दो साल तक बिस्तर पर पड़ी रही। पिता की मृत्यु ने उनकी जिंदगी बदल दी और तेजी से परिपक्व होने के लिए मजबूर किया। उनके दो भाई हैं- दीपांकर और मनीष, क्रमशः एक साल बड़े और एक साल छोटे। दीपांकर भारतीय सेना में अधिकारी हैं जबकि मनीष कैलिफोर्निया में रहते हैं।

  • शिमला के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई की।
  • शिमला के सेंट बेड्स कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स की डिग्री के साथ ग्रेजुएट।
  • क्रिमिनल साइकोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट।

इतना पढ़ कर भी मॉडलिंग में लग गई। पहला टेलीविजन विज्ञापन पर्क चॉकलेट्स के लिए था। विज्ञापन से ही फिल्मों में आई थीं- उन्हें लिरिल गर्ल के तौर पर आज तक याद किया जाता है।
जनवरी 2010 में, द लूंबा ट्रस्ट की ब्रैंड एंबेसडर बनीं- ये ट्रस्ट विधवाओं और उनके बच्चों के कल्याण के लिए काम करता है। भारत में एचआईवी / एड्स (यूएनएड्स) पर यूएनओ के नेशनल प्रोग्राम में शामिल थीं। अक्टूबर 2010 में, ईस्ट लंदन यूनिवर्सिटी से जिंटा को ऑनरेरी डॉक्टरेट ऑफ आर्ट्स की डिग्री मिली- उनके सांस्कृतिक योगदान और उनके मानवीय कामों के सम्मान में। 2004 में वह दो बार बाल-बाल बची: पहली बार श्रीलंका के कोलंबो में एक टेम्पटेशन कॉन्सर्ट में विस्फोट के बाद और दूसरी बार हिंद महासागर सुनामी के दौरान।

टीम बनने पर, वास्तव में उन्हें टिकटों की बिक्री और टीम को प्रोमोट करने का काम दिया था पर पर वे तो टीम की हर एक्टिविटी में शामिल हो गईं और अपनी टीम के बारे में बेहद भावुक भी थीं। मैच में हार के बाद, उनके कप्तान या कोच के साथ बहस करने के कई किस्से हैं- दूसरी तरफ वे अच्छे खेल के बाद फटाफट खिलाड़ी को गले भी लगा लेती हैं।

29 फरवरी 2016 को, जिंटा ने लॉस एंजिल्स में अपने अमेरिकी साथी जीन गुडइनफ से शादी की। गुडइनफ, अमेरिका स्थित हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कंपनी, एनलाइन एनर्जी में फाइनेंस के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट हैं। शादी के बाद जिंटा लॉस एंजिल्स चली गईं पर अक्सर भारत आती रहती हैं। 2021 में, वह और उनके पति सरोगेसी से जुड़वां बच्चों (एक लड़का और एक
लड़की) के माता-पिता बने।

सितंबर 2006 में, यूके पत्रिका ईस्टर्न आई ने उन्हें “एशिया की सबसे सेक्सी महिलाओं” में चुना। 2010 में, टाइम पत्रिका ने उन्हें दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट के लिए उम्मीदवारों में से एक चुना। वह वोटिंग में 144वें नंबर पर रहीं और आखिरी लिस्ट में जगह नहीं बना पाईं। इसके बाद,धीरे-धीरे फिल्मों में काम कम कर दिया पर रुकी भी नहीं। इसका सबूत ये है कि ग्लोबल एंटरटेनमेंट स्टूडियो इंटरनेशनल आर्ट मशीन के भारत में आने पर शेखर कपूर, अमीश त्रिपाठी, दिबाकर बनर्जी और सुपर्ण एस वर्मा के साथ वह भी काम कर रही हैं। एक रोमांचक प्रोजेक्ट है- मर्डर मिस्ट्री ‘द किट्टी पार्टी’ और वे उसमें हैं।

नेस और प्रीति जिंटा की दोस्ती

नेस और प्रीति जिंटा एक दूसरे को डेट करते थे उस वक़्त और इन दोनों ने आईपीएल टीम खरीदने के बारे में सोचा था। इनकी दोस्ती टीम खरीदने के लिए जिम्मेदार थी। नेस ने तब मोहित बर्मन के साथ बात की और यूं तैयार हुई टीम खरीदने की भूमिका। मोहित ने तब ललित मोदी से टीम खरीदने की बारीकियों को समझा था।

उस वक़्त मीडिया में ये सुर्ख़ियों में थे। यही वजह है कि अन्य तीनों पार्टनर, टीम के मामलों में प्रीति के सामने बैक-फुट पर रहते थे। समय के साथ इनकी दोस्ती को नजर लगी और 2009 से ही एक-दूसरे से खिंचने लगे। हालात इतने बिगड़े कि 13 जून 2014 को, तो प्रीति जिंटा ने वाडिया के विरुद्ध मुंबई पुलिस में एफआईआर कराई कि उन्होंने 30 मई को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक आईपीएल मैच के दौरान उन पर हमला किया था। वाडिया ने आरोपों से इनकार किया। 2018 में, आउट ऑफ़ कोर्ट समझौते के बाद बंबई हाई कोर्ट ने इस केस को बंद कर दिया।

करन पॉल

वे एपीजे सुरेंद्र ग्रुप के प्रेसीडेंट हैं और पंजाब टीम में 8% हिस्सेदारी है। एपीजे सुरेंद्र ग्रुप एक पारिवारिक व्यवसाय है और इसकी स्थापना 1910 में हुई थी। जन्म 3 नवंबर 1969 को।

  • ला मार्टिनियर फॉर बॉयज़, कोलकाता और मॉडर्न हाई स्कूल, नई दिल्ली से पढ़ाई की।
  • फिलॉसफी और लिटरेचर में ग्रेजुएट की पढ़ाई के लिए ब्राउन यूनिवर्सिटी, अमेरिका गए।

करन 2004 में ग्रुप के प्रेसीडेंट बने। टीम के मामलों में नहीं बोलते और जो पसंद है उसमें वयस्त। 2006 में करन पॉल को इटली के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ इटालियन सॉलिडेरिटी’ से सम्मानित किया गया था। इटली बाहर रहने वाले इतालवी और विदेशी नागरिकों को हर साल यह अवार्ड देता है- इटली की प्रतिष्ठा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए।

खेलों के शौकीन और ख़ास तौर पर क्रिकेट से प्यार। फिर भी बहुत कम उम्र से साहित्य पढ़ रहे हैं और उनका पहला प्यार और स्थायी रुचि फिलॉसफी और लिटरेचर हैं।

किंग्स इलेवन पंजाब ब्रैंड वैल्यू

स्टेटिस्टा डॉट कॉम के अनुसार, किंग्स इलेवन पंजाब की ब्रैंड वैल्यू दिसंबर 2019 तक लगभग 51 मिलियन अमेरिकी डॉलर (₹388 करोड़) होने का अनुमान था। पिछले दो सीज़न से ब्रैंड वैल्यू धीरे-धीरे बढ़ी पर कोविड ने झटका दे दिया- 2021 में ये 359 करोड़ रूपये थी। इस मामले में वे सिर्फ राजस्थान से ऊपर हैं।

Leave a comment

Cancel reply