afridi dilshan
टी20 विश्व कप में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ी

टी20 क्रिकेट वर्ल्डकप का 2021 में सातवां संस्करण यूएई और ओमान की जमीन पर खेला गया था। इस साल इसकी मेजबानी का जिम्मा ऑस्ट्रेलिया को सौंपा गया है। वर्ल्ड कप की शुरुआत वैसे तो 16 अक्टूबर से हो रही है, लेकिन 22 अक्टूबर से सुपर-12 मुकाबलों की असली जंग शुरू हो जाएगी। इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को हासिल करने के लिए कुल 16 टीमें आपस में भिड़ने वाली हैं। अगर देखा जाए तो टी-20 विश्व कप का इतिहास बहुत समृद्ध रहा है और इसमें कुछ असाधारण रिकॉर्ड भी शामिल रहे हैं, लेकिन सभी रिकॉर्ड हमेशा खास नहीं होते हैं। कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं, जिन्हें कोई भी खिलाड़ी अपने जेहन में नहीं रखना चाहता है। आज हम आपको एक ऐसे रिकॉर्ड के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे कोई भी बल्लेबाज अपने नाम के साथ जोड़ना नहीं चाहेगा। एक बल्लेबाज हमेशा अपना टीम में योगदान देना चाहता है लेकिन कई बार वह असफल भी जाता है। ऐसा सबके साथ होता है। फिर भी शून्य पर आउट होना बल्लेबाज के लिए शर्म की बात होती है। तो आइए जानते हैं कि टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा डक पर आउट होने का रिकॉर्ड किस खिलाड़ी के नाम है।

5 बार बिना खाते खोले पवेलियन लौटे आफरीदी और दिलशान

जब ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने की बात आती है तो ऐसे कम ही बल्लेबाज हैं, जो पूर्व पाकिस्तानी ऑलराउंडर शाहिद आफरीदी की बराबरी कर सकें। वह अपनी तरह के पहले ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने एक बल्लेबाज के रूप में अपना करियर शुरू किया, लेकिन उसके बाद वह टीम के एक अहम स्पिन गेंदबाज भी बन गए थे। टी-20 वर्ल्ड कप में गेंदबाजी में कई बार आफरीदी कमाल दिखा चुके हैं। हालांकि, बल्लेबाजी की बात करें तो वह खेलने का एक ही तरीका जानते थे कि क्रीज पर आते ही बड़े-बड़े शॉट्स लगाओ। ऐसा करते हुए वह शून्य पर कई बार आउट भी हुए हैं। वह सबसे ज्यादा बार टी-20 विश्वकप में शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की सूची में सबसे ऊपर हैं। वह 34 मैचों में 154.23 की अद्भुत स्ट्राइक रेट से 546 रन के साथ 5 बार शून्य पर आउट हुए हैं। आफरीदी की बराबरी श्रीलंका के धुआंधार बल्लेबाज रह चुके तिलकरत्ने दिलशान भी कर रहे हैं लेकिन एक मैच ज्यादा खेलने की वजह से वह दूसरे पायदान पर आ गए हैं। यह श्रीलंकाई बल्लेबाज 2007 से 2016 तक टी-20 वर्ल्ड कप में ऐक्टिव रहा। इस दौरान उन्होंने 35 मैचों में 30.93 के बैटिंग एवरेज व 124.06 के स्ट्राइक रेट के साथ 897 रन बनाए। इसमें उनका नाबाद रहते हुए 96 रन सर्वोच्च स्कोर है। इन रनों के लिए उन्होंने 6 बार अर्धशतक लगाते हुए 101 चौके और 20 छक्के भी जड़े हैं। दिलशान ने 2009 संस्करण में गोल्डन बैट भी जीता है।

4 बार शून्य पर आउट होने वाले तीन खिलाड़ी

इसके बाद 3 ऐसे बल्लेबाजों का नाम आता है, जो टी-20 वर्ल्ड कप में चार बार शून्य पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। इसमें सबसे ऊपर नाम आता है वेस्टइंडीज के बल्लेबाज का क्योंकि उन्होंने अन्य खिलाड़ियों की तुलना में कम पारियां खेली हैं। लेंडल सिमंस ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वह 12 मैचों में 82 रन के नाबाद उच्च स्कोर के साथ 29.09 के बल्लेबाजी औसत और 131.14 के स्ट्राइक रेट से कुल 320 रन बना चुके हैं। उन्होंने दो अर्धशतक भी लगाए और 4 बार शून्य पर आउट भी हुए। फिर श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या का नाम आता है। वह टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अबतक कुल 4 बार शून्य के निजी स्कोर पर आउट हो चुके हैं। उन्होंने 2007 से 2010 के बीच अपने टी-20 वर्ल्ड कप करियर में कुल 18 मैच खेले और 21.62 के बल्लेबाजी औसत व 121.4 के स्ट्राइक रेट से कुल 346 रन बनाए हैं। इसमें 88 रन उनका सर्वाधिक स्कोर है। वहीं, 4 बार शून्य पर आउट होने के अतिरिक्त 3 अर्धशतक भी हैं। इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज ल्यूक राइट भी टी-20 विश्वकप में चार बार शून्य पर आउट हो चुके हैं। उन्होंने 22 मैचों में 439 रन 25.82 के बैटिंग एवरेज और 142.53 के स्ट्राइक रेट से बनाए हैं। इन रनों में 35 चौके व 21 छक्कों के साथ तीन अर्धशतक भी शामिल हैं।

आशीष नेहरा वर्ल्ड कप के 10 मैचों में एक रन भी नहीं बना पाए

अब बारी आती है अंतिम 4 खिलाड़ियों की जो तीन बार फटाफट क्रिकेट के वर्ल्ड कप में शून्य पर आउट हुए हैं। इसमें पहला नाम भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा का आता है। वह 10 मुकाबलों में तीन बार बिना खाता खोले ही आउट हो गए। खास बात है कि उन्होंने अपने टी-20 वर्ल्ड कप के करियर में एक बार भी रन बनाकर अपना खाता नहीं खोला है। यानी, उनका बल्लेबाजी औसत से लेकर स्ट्राइक रेट, चौके-छक्के और कुल रन भी शून्य ही रहे हैं। इसके बाद हॉन्ग-कॉन्ग के तनवीर अफजल, वेस्टइंडीज के आंद्रे फ्लेचर और इंग्लैंड के एलेक्जेंडर डेनियल हेल्स आते हैं। तनवीर अफजल ने 6 मैचों में कुल 48 रन बनाए हैं, जिनमें 31 रन उनका उच्च स्कोर है। उन्होंने 12 के बैटिंग एवरेज और 102.12 के स्ट्राइक रेट के साथ रन बनाए हैं। आंद्रे फ्लेचर ने 11 टी-20 वर्ल्ड कप मैचों में नाबाद 84 रन के स्कोर के साथ कुल 219 रन बनाए है, जिसमें 27.37 का बल्लेबाजी औसत और 114.65 का स्ट्राइक रेट है। उन्होंने इन अहम मुकाबलों में 20 चौकों और आठ छक्कों के अलावा दो अर्धशतक भी लगाए हैं। डेनियल हेल्स ने कुल 14 मैचों में शानदार 116 रनों की एक नाबाद शतकीय पारी के साथ कुल 356 रन बनाए हैं, जिसमें उनका बैटिंग एवरेट 27.38 और स्ट्राइक रेट 134.84 रहा। इन मैचों के दौरान उनके बल्ले से 41 चौके और 10 छक्के भी निकले।

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