rohit sharma hardik pandya
भारत के लिए भी कप्तानी बांटने की सोच गलत नहीं, लेकिन इसे टेस्ट और लिमिटेड ओवर क्रिकेट में बांटें!

भारत (India) में क्रिकेट के फॉर्मेट के हिसाब से कप्तानी बांटने की चर्चा कोई नई नहीं, पर शायद पहली बार इसे गंभीरता से लिया जा रहा और अब बीसीसीआई को भी लगता है कि जो दूसरी टीम कर रही हैं, वही सही है। आखिरी फैसला सेलेक्टर करेंगे पर बीसीसीआई (BCCI) ने अपनी सोच का नए सेलेक्टर्स को उनके बनने से पहले ही इशारा दे दिया है। इसी से ऐसा लग रहा है कि टीम इंडिया के लिए भी अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कप्तान देखने का वक्त आ गया है।

भारत के टी20 वर्ल्ड कप में एक बार फिर निराशाजनक प्रदर्शन के बाद दिग्गजों और विशेषज्ञों ने जिन कुछ बदलाव की मांग की है, उनमें फॉर्मेट के हिसाब से कप्तानी बांटना शामिल है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया इस मामले में सबसे आगे रहे और बहुत पहले ही अलग-अलग कप्तानों के नेतृत्व वाली टीम मैदान में उतारी पर एक फर्क है, भारत में फॉर्मेट के हिसाब से कप्तानी बांटने की बात हो रही है, जबकि उन्होंने मैच के लिए गेंद के रंग से कप्तानी बांटी, सफेद और लाल रंग की गेंद से खेलने वाली क्रिकेट के लिए अलग कप्तान।

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भारत में सोच ये बन रही है कि रोहित शर्मा वनडे और टेस्ट क्रिकेट के लिए कप्तान बरकरार, जबकि टी20 क्रिकेट की कप्तानी उनसे ले कर हार्दिक पांड्या को देंगे। यूएसए और वेस्टइंडीज में 2024 का टी20 वर्ल्ड कप खेलना है और अगर उसमें कुछ अच्छा खेलना है तो अभी से उसके लिए सही कप्तान चुनकर, उसे अपनी टीम बनाने का मौका देना होगा। वैसे भी रोहित शर्मा 36 साल के तो हो रहे हैं और कोई गारंटी नहीं कि वे तब तक टीम में भी होंगे। इस सोच को हार्दिक पांड्या के 2022 में आईपीएल टाइटल जीत लेने ने और मजबूती दे दी। रोहित शर्मा को रेस्ट दिया न्यूजीलैंड में टी20 सीरीज में और तब भी पांड्या को ही कप्तान बनाया और वे सीरीज भी जीते।

हालांकि एमएस धोनी ने 2017 में लिमिटेड ओवर क्रिकेट में टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ी जबकि 2014 में ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान टेस्ट कप्तानी छोड़ दी थी और इस तरह अपने आप कप्तानी बंट गई- तब भी वे कप्तानी बांटने को एक पॉलिसी बनाकर लागू करने के हिमायती नहीं थे। वीवीएस लक्ष्मण भी सभी फॉर्मेट में एक कप्तान को टीम के लिए बेहतर मानते रहे हैं पर ये भी कहा कि ऐसा तब तक सही होगा जब तक कप्तान इस ड्यूटी को बोझ न समझे और दबाव में उसके प्रदर्शन पर असर न आए।

असल में एक कप्तान वाली इस सोच के पीछे टीम इंडिया की संरचना जिम्मेदार रही। ज्यादा पीछे नहीं जाते, एक कप्तान वाली पॉलिसी यहां इसलिए भी चलती रही क्योंकि जो भी कप्तान बने वे आल फॉर्मेट क्रिकेट खेलते थे, तेंदुलकर, गांगुली, द्रविड़, धोनी, कोहली और अब रोहित शर्मा भी। इसकी तुलना में इंग्लैंड: वहां गेंद के रंग से कप्तानी बांटना काम कर गया, क्योंकि तीनों फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ी ही नहीं रहे. जो रूट जब टेस्ट कप्तान थे तो सफेद गेंद क्रिकेट में नियमित नहीं थे या इयोन मोर्गन, जो सफेद गेंद क्रिकेट में कप्तान थे टेस्ट नहीं खेलते थे। अब भी बेन स्टोक्स टेस्ट कप्तान जबकि जोस बटलर सफ़ेद गेंद क्रिकेट टीम के कप्तान और स्टोक्स सिर्फ टी20 खेलते हैं, वनडे नहीं।

कपिल देव कहते हैं जैसे एक कंपनी के दो सीईओ नहीं हो सकते वैसे ही एक टीम के दो अलग-अलग कप्तान नहीं हो सकते। इसी बात को यूं भी तो उठा सकते हैं कि अगर एक कंपनी के दो अलग-अलग प्रॉडक्ट के लिए अलग-अलग यूनिट हैं तो दोनों यूनिट के लिए अलग-अलग सीईओ हो सकता है।

भारत में अब सोच फॉर्मेट के हिसाब से बन रही है, रोहित शर्मा टेस्ट और वनडे फॉर्मेट के कप्तान और हार्दिक टी20 फॉर्मेट के कप्तान। ठीक है वनडे और टी20 अलग-अलग फॉर्मेट हैं पर दोनों को सफ़ेद गेंद से खेलते हैं और आधुनिक दौर में ये साबित हो चुका है कि जो टीम वनडे को भी टी20 स्टाइल में खेलेगी, उसके कामयाब होने के ज्यादा आसार हैं। इसलिए एक ही कप्तान को इन दोनों तरह की क्रिकेट में टीम की स्ट्रेटजी बनाने का मौका देंगे तो फायदा होगा। धोनी ने कप्तानी छोड़ते हुए टेस्ट और पूरी लिमिटेड ओवर (यानि कि सफ़ेदगेंद वाली) क्रिकेट को अलग-अलग किया, फॉर्मेट नहीं चुने। भारत की तरह, अब तक न्यूजीलैंड और पाकिस्तान भी एक कप्तान वाली पॉलिसी पर अटके हुए हैं तो सिर्फ, इसलिए कि विलियमसन और बाबर तीनों फॉर्मेट खेलते हैं।

बहरहाल, सोच बदल रही है। रोहित शर्मा पर तीनों फॉर्मेट की कप्तानी ने दबाव डाला और उनकी फॉर्म पर बुरी तरह से असर आ रहा है। इस साल के टी20 वर्ल्ड कप के दौरान विलियमसन और बाबर टी20 खेलते हुए भी एंकर ज्यादा थे और उनकी टीम को नुकसान हुआ। वहां भी सोच बदल रही है, इसलिए बदलते समय में और कप्तान पर दबाव को पहचानकर, कप्तानी को फॉर्मेट के हिसाब से बांटने की सोच गलत नहीं पर इसे टेस्ट और लिमिटेड ओवर क्रिकेट में बांटें न कि वह खिचड़ी बना दें, जो भारत में सोचा जा रहा है।

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Q. कीवी टीम के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम इंडिया की कप्तानी किसने की?

A. हार्दिक पांड्या

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