IPL 2022 RCB
मिलिए IPL टीम मालिकों से: RCB के पास ग्लैमर और पैसा सब था, लेकिन टीम का ट्रॉफी का सपना अधूरा है

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) बैंगलोर, कर्नाटक की फ्रेंचाइजी क्रिकेट टीम है, जो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलती है। 2008 में यूनाइटेड स्पिरिट्स ने इसे खरीदा और इसका नाम कंपनी के मशहूर शराब ब्रैंड रॉयल चैलेंज के नाम पर रख दिया। विजय माल्या शुरू से अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले शराब ब्रैंड मैकडॉवेल नंबर 1 या रॉयल चैलेंज में से किसी एक नाम को चुनना चाहते थे। टीम का होम ग्राउंड- एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम।

बैंगलोर फ्रैंचाइज़ी को विजय माल्या ने खरीदा 111.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर में और मुंबई के लिए 111.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर के रिलायंस इंडस्ट्रीज के खर्चे के बाद ये किसी टीम के लिए दूसरी सबसे बड़ी बोली थी। इन दोनों टीम के सबसे महंगा बिकने की एक ख़ास वजह ये थी कि इनकी मालिक कंपनी किसी भी कीमत पर अपने-अपने शहर की ही टीम चाहती थीं। राहुल द्रविड़ टीम को आइकन खिलाड़ी के तौर पर मिले थे।

टीम लोगो में, RC के लोगो की पूरी झलक है- इसलिए ये भी आरोप लगा कि टीम, क्रिकेट के बहाने अपनी शराब की एडवर्टाइजमेंट कर रही है। लोगो के टॉप पर गर्जना करने वाले शेर के साथ RC मुकुट का प्रतीक मूल रॉयल चैलेंज लोगो से लिया। टीम, गेम फॉर ग्रीन मैचों के लिए एक अन्य लोगो का प्रयोग करती है। इनका लोगो कई बार बदला है। इसी तरह जर्सी
भी कई बार बदली। यहां तक कि एक ही सीजन में होम और अवे मैचों के लिए अलग-अलग जर्सी के प्रयोग का सिलसिला भी शुरू किया।

2008 सीज़न के लिए टीम का थीम एंथम ‘जीतेंगे हम शान से’ था। ‘गेम फॉर मोर’ 2009 सीज़न के लिए बनाया- संगीत अमित त्रिवेदी ने दिया और अंशु शर्मा ने लिखा। ‘हियर वी गो द रॉयल चैलेंजर्स’ 2013 सीज़न के लिए बनाया और 2015 तक इस्तेमाल किया। ‘प्ले बोल्ड’ सलीम-सुलेमान की रचना थी- सिद्धार्थ बसरूर ने गाया था और 2016 में लॉन्च के दौरान जारी किया गया था। 2017 के लिए, उसी एंथम को आनंद भास्कर ने 6 भाषाओं- अंग्रेजी, कन्नड़, तेलुगु, बंगाली, मराठी और पंजाबी में फिर से गाया। ‘ई साला कप नामदे’ आरसीबी के प्रशंसकों का नारा है जिसका मतलब है: ‘इस बार, कप हमारा है’।

विजय माल्या ने शुरू से टीम को ग्लैमर से जोड़ा- उनके टीम डग-आउट में फिल्म स्टार की कभी कमी नहीं थी। किंगफिशर एयरलाइन्स उनकी थी- इसकी स्पेशल फ्लाइट चला देते थे मुंबई से खूबसूरत हीरोइन को मैचों के लिए लाने के लिए। कैटरीना कैफ और दीपिका पादुकोण टीम की सबसे मशहूर ब्रैंड एंबेसडर रहीं।

इसी भव्यता में सपोर्ट और फैन फॉलोइंग की कोई कमी नहीं रही। उनके समर्थन में लॉयल प्रशंसक,आरसीबी के होम मैचों के लिए स्टेडियम को ‘रैड सी’ में बदल देते हैं। चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैक्सिकन लहर का नजारा ही अलग होता है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने एक फैन-फॉलोइंग ग्रुप बनाया जिसका नाम बोल्ड आर्मी है। 2014 आईपीएल के दौरान, रॉयल चैलेंजर्स अपने होम ग्राउंड पर प्रशंसकों को मुफ्त वाई-फाई कनेक्टिविटी देने वाली पहली टीम बन गई। कनेक्शन के लिए फाइबर ऑप्टिक केबल्स का उपयोग करके 50 एक्सेस पॉइंट बना दिए थे चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच के दिनों में।

ये उन पहली टी 20 टीमों में से एक है जिसके पास ऑफिशियल लाइफस्टाइल फैशन रेंज थी- खिलाड़ी और फैन किट की पारंपरिक ड्रेस से भी आगे बढ़कर। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर एक महिला को सपोर्ट स्टाफ में लाने वाली पहली आईपीएल टीम भी हैं। 2019 में आरसीबी ने नवनीता गौतम को स्पोर्ट्स मसाज थेरेपिस्ट बनाया टीम के लिए- तब इवान स्पीचली, हेड फिजियोथेरेपिस्ट और शंकर बसु, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच के साथ काम किया था। वे तब से टीम के साथ हैं।

टाइटल नहीं जीता अब तक

बड़े-बड़े खिलाड़ी, पैसे और सुविधा की कोई कमी नहीं पर रॉयल चैलेंजर्स ने कभी आईपीएल नहीं जीता है- क्यों? किसी के पास इस सवाल का सही जवाब नहीं है। 2009 और 2016 के बीच तीन बार फाइनल खेले। सफलता की कमी ने उन्हें ‘अंडरअचीवर्स’ का टैग दिलाया। टीम के नाम आईपीएल में सबसे बड़े और सबसे छोटे स्कोर- दोनों के रिकॉर्ड हैं- क्रमशः 263/5 और 49 रन। और तो और, अब तक के 14 आईपीएल सीजन में से 2-2 बार नंबर 7 और 8 भी रहे हैं।

इसी तरह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने लगातार तीन साल चैंपियंस लीग टी 20 के लिए क्वालीफाई किया पर वहां भी एक बार फाइनल ही खेले- टाइटल नहीं जीता।

विराट कोहली टीम की सबसे बड़ी पहचान

जैसे सीएसके वाले कहते हैं- हमारे पास धोनी है, वैसे ही आरसीबी वाले कहते हैं- हमारे पास कोहली है। फर्क ये कि धोनी ने उन्हें 4 आईपीएल टाइटल दिलाए- विराट कोहली ने 2008 से लगातार उनके लिए ही खेलते हुए एक भी नहीं। 2021 में कोहली का सपना था कि कप्तान के तौर पर टाइटल जीत लें पर ऐसा हो नहीं पाया।

आईपीएल ने टीम को राहुल द्रविड़ दिए आइकन खिलाड़ी के रूप में और तब से ढेरों अपने-अपने अंदाज में बड़े खिलाड़ी इस टीम के लिए खेले हैं। 2008 के पहले ही सीजन में जैक्स कैलिस, अनिल कुंबले, जहीर खान, मार्क बाउचर, डेल स्टेन, कैमरन व्हाइट रॉस टेलर, मिस्बाह-उल-हक और विराट कोहली भी थे टीम में।

अक्टूबर 2016 में नई दिल्ली में अपनी बायोग्राफी ‘ड्रिवेन: द विराट कोहली स्टोरी’ के लॉन्च इवेंट में, कोहली ने कहा था कि आरसीबी उनकी स्थायी आईपीएल फ्रेंचाइजी होगी जिसके लिए वह खेलेंगे।

विवाद भी कम नहीं रहे

एक बार भी जीते नहीं पर टीम विवाद में भी खूब रही। ये कभी आईपीएल से सस्पेंड नहीं हुए पर टीम के अंदरूनी मामलों और इसके मालिकों के अपने मसलों के कारण टीम चर्चा में रही। पहले ही सीजन को लीजिए- 14 में से सिर्फ 4 मैच जीते, पॉइंट्स तालिका में सातवें नंबर पर और सिर्फ द्रविड़ ही टूर्नामेंट में 300 से ज्यादा रन बना पाए। हालत ये थी कि खराब फॉर्म के कारण,अपने सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी कैलिस को भी कुछ मैचों में बेंच पर बिठा दिया। सीजन के बाद सीईओ चारु शर्मा को बर्खास्त कर दिया। टीम के मालिक विजय माल्या ने नीलामी में गलत खिलाड़ियों को चुनने के लिए द्रविड़ और चारू शर्मा की खुले-आम आलोचना की। बाद में टीम के चीफ क्रिकेट ऑफिसर मार्टिन क्रो ने इस्तीफा दे दिया।

टीम के मालिक विजय माल्या के बेटे सिद्धार्थ ने भी टीम को खूब फंसाया। ईडन गार्डंस में 2011 का नजारा है ये। बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और सिद्धार्थ माल्या दोस्त थे तब
(2012 में दोस्ती टूटी)- उनका आपसी प्यार केकेआर-रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच एक मैच के दौरान देखने को मिला। आरसीबी ने जैसे ही 9 विकेट से मैच जीता- सिद्धार्थ ने दीपिका को बाहों में लेकर चूम लिया।

बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्री कैटरीना कैफ 2007 से 2010 तक आरसीबी फ्रेंचाइजी की ब्रांड एंबेसडर थीं। अक्सर वे सिद्धार्थ के साथ स्टैंड से चैलेंजर्स टीम को चीयर करते देखी गईं।आईपीएल में मैच के बाद की पार्टियों में से एक में, दोनों को कैमरे ने अजीब स्थिति में पकड़ा- सिद्धार्थ, कैटरीना के पास गए, उन्हें गर्मजोशी से गले लगाया और अचानक सिद्धार्थ का दाहिना हाथ हीरोइन के व्हाइट टॉप के अंदर नजर आया। कैटरीना के चेहरे पर मुस्कान थी।

ऐसा माना जाता है कि इस टीम की मैच के बाद वाली पार्टियों में शराब और शबाब- दोनों की कोई कमी नहीं थी।

इसी तरह जब विजय माल्या टीम के साथ थे तो किंगफिशर एयरलाइंस को लोन देने वाले बैंकों ने उन पर एयरलाइन्स के लिए दिया पैसा आईपीएल पर खर्चने का आरोप लगाया। विजय माल्या ने इंडियन प्रीमियर लीग की चकाचौंध भरी दुनिया में धूम मचा दी थी। यहां तक कि टीम खरीदने के लिए पैसा एयरलाइन से लेने का आरोप लगा।

टीमों के बीच आपसी मुकाबला

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ मुकाबले को सबसे ज्यादा चर्चा मिलती है- नाइट राइडर्स के साथ प्रतिद्वंद्विता 2008 में तब ही शुरू हो गई थी जब पहले आईपीएल मैच में उनसे खेले।

चेन्नई सुपर किंग्स के साथ प्रतिद्वंद्विता को कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों के बीच कावेरी नदी जल विवाद से जोड़ दिया जाता है। इस प्रतिद्वंद्विता को ‘कावेरी डर्बी’ और ‘साउथ इंडियन डर्बी’ भी कहा जाता है। सुपर किंग्स ने 2011 आईपीएल फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स को हराया था।

आरसीबी टीम मालिक कौन?

पहले दिन से यही लिखा गया कि बैंगलोर फ्रैंचाइज़ी अधिकार विजय माल्या ने 111.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदे। उन्होंने टीम के नजरिए से सबसे अच्छा काम ये किया कि अपनी कंपनी के नाम पर टीम को खरीदा। आरसीबी टीम के मालिक शुरू से यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड हैं- सबसे बड़ी भारतीय लिकर कंपनी। वे लंदन की डियाजियो की सहायक कंपनी हैं। इसलिए कोई एक व्यक्ति कभी सही मायने में इसका मालिक नहीं रहा। इस कंपनी के टॉप अधिकारी को ही ‘मालिक’ कहा जाता रहा। हाँ, ये बात अलग है कि ‘मालिक’ के तौर पर जो तस्वीर विजय माल्या ने बनाई- उसका कोई जवाब नहीं है।

विजय माल्या के बाद (25 फरवरी 2016 को रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर के तौर पर इस्तीफा दिया) अमृत थॉमस , महेंद्र कुमार शर्मा, संजीव चुरीवाला और आनंद कृपालु’ मालिक’ गिने जाते रहे कंपनी में अपनी पोस्ट के कारण। अब प्रथमेश मिश्रा जुलाई 2021 से रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के चीफ हैं।

प्रथमेश इस समय डियाजियो इंडिया के चीफ कमर्शियल ऑफिसर हैं और टीम की अतिरिक्त जिम्मेदारी उन्हें मिली है। वह 2014 में डियाजियो इंडिया में शामिल हुए थे। बहुत कम समय में, सीएसडी (कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट) बिजनेस की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाली। उद्योग के दिग्गज, प्रथमेश के पास दो दशकों से अधिक का अनुभव है। डियाजियो इंडिया में शामिल होने से पहले, इनर्टिया इंडस्ट्रीज, मोहन मीकिंस और पेरनोड रिकार्ड के साथ सेल्स और मार्केटिंग में काम किया है।

ब्रैंड वैल्यू

डफ एंड फेल्प्स के अनुसार, 2019 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ब्रैंड वैल्यू 595 करोड़ रुपये (79 मिलियन डॉलर) का अनुमान था। कोविड महामारी ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ब्रैंड वैल्यू को प्रभावित किया था। 2019 में, जो ब्रैंड वैल्यू 595 करोड़ रुपये थी, 9.9% गिरकर 2020 में 536 करोड़ रुपये हो गई और इस समय 50.6 मिलियन डॉलर है।

तो ये वो टीम है जो आईपीएल टाइटल की तलाश कर रही है। इस सीजन में भी नई तैयारी- संजय बांगर चीफ कोच, माइक हेसन क्रिकेट ऑपरेशन डायरेक्टर और नया कप्तान। 27 मार्च को नए राउंड की शुरुआत है।

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