ashwin buttler crictoday

क्रिकेट के मौजूदा एमसीसी नियम कोड में एक नियम ये है कि अगर नॉन-स्ट्राइकर, स्ट्राइकर के गेंद के खेलने के क्षण से पहले ही अपनी क्रीज से बाहर निकल जाता है तो गेंद रिलीज करने से पहले, गेंदबाज को उसे रन आउट करने की कोशिश करने की इजाजत है। इसे कोड में ‘अनफेयर प्ले’ यानि कि अनुचित खेल हैडिंग में लिखा है। इस कोड में कहीं ये नहीं लिखा कि इस तरह से आउट करने के तरीके को ‘मांकडिंग’ कहते हैं।

तब भी इस तरह से आउट के तरीके का जहां भी जिक्र है उसमें दो समानताएं मिलेंगी। पहली- आउट होने वाला जरूर बौखलाया और गेंदबाज की फिजूल में आलोचना हुई। दूसरी- इसे
‘मांकडिंग’ का नाम दिया गया।

आउट के इस तरीके को ‘मांकडिंग’ किसने और क्यों कहा : इस शब्द के अविष्कार का श्रेय ऑस्ट्रेलियन प्रेस को जाता है। 1947 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान, वीनू मांकड़ ने बिल ब्राउन को एक बार नहीं बल्कि दो बार क्रीज से बाहर होने पर बेल्स हटाकर आउट किया- इनमें से एक बार तो टेस्ट में। बड़ा शोर मचा और तब से शोर और वीनू मांकड़ का नाम इस तरीके से जुड़ गए।

आईपीएल में वह पहली घटना जब ये तरीका चर्चा में आया : किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस के बीच 12वें सीजन का 9वां मैच। पंजाब की बैटिंग में 10वें ओवर के दौरान मयंक अग्रवाल गेंद के रिलीज होने से पहले क्रीज से बाहर निकल गए थे तो गेंदबाज क्रुणाल पांड्या के पास मयंक को रन आउट करने का मौका था। तब भी क्रुणाल ने ऐसा नहीं किया और मयंक को सिर्फ चेतावनी दी। पंजाब ने मैच जीत लिया।

आईपीएल में पहला ‘मांकडिंग’ आउट : जयपुर में राजस्थान रॉयल्स के ओपनर जोस बटलर आईपीएल में ‘मांकडिंग’ का पहला शिकार बने- उन्हें किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने इस विवादास्पद तरीके से आउट किया। ये घटना 25 मार्च 2019 की है। बटलर ने 43 गेंदों में 69 रन की मजबूत पारी खेली। सबसे ख़ास बात ये थी कि अश्विन ने बल्लेबाज को बिना चेतावनी दिए इस तरह से आउट किया। बटलर गुस्से में थे और बड़ा शोर मचा। अश्विन की बड़ी आलोचना हुई कि उन्होंने स्पिरिट ऑफ़ क्रिकेट को तोड़ा- हालांकि जो अश्विन ने किया वह नियम के अनुसार ही था।

इसकी कोई और घटना आईपीएल में : अक्टूबर-2020 में फिर से अश्विन का नाम चर्चा में आया। तब अश्विन दिल्ली कैपिटल्स की टीम में आ चुके थे। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की बैटिंग के दौरान, आरोन फिंच नॉन-स्ट्राइकर के सिरे पर अपनी क्रीज से बाहर निकल गए। इस बार अश्विन ने उन्हें आउट नहीं किया और चेतावनी के साथ छोड़ दिया। आर अश्विन ने साथ ही ये भी कह दिया कि ये चेतावनी, सभी बल्लेबाजों को नोटिस है कि ऐसी गलती न करें।

इन तीन घटनाओं से ये तो तय हो गया था कि इस तरह से आउट करने या आउट न करने की घटना विवाद है। इस विवाद की एक ख़ास वजह ये भी थी कि इस तरह से आउट को, अन्य सभी आउट के सामान्य तरीकों के साथ नहीं लिखा था। आउट के जो भी अन्य तरीके थे उन पर कभी स्पिरिट ऑफ़ क्रिकेट में न खेलने जैसा विवाद नहीं होता है। इसे क्रिकेट के नियम लिखने के लिए जिम्मेदार एमसीसी ने हमेशा अनफेयर प्ले में लिखा।

संयोग से आईपीएल 2022 के लिए नई प्लेइंग कंडीशंस रिलीज होने से पहले एमसीसी ने क्रिकेट के नियम का नया कोड रिलीज करने की घोषणा कर दी। उसमें इस तरह से आउट को अनफेयर प्ले से निकाल कर रन आउट में शामिल कर दिया। इस तरह ये तय हो गया कि जो बल्लेबाज ऐसी गलती करेगा वह रन आउट हो सकता है। इसमें स्पिरिट ऑफ़ क्रिकेट को तोड़ने वाली कोई बात ही नहीं बची। साथ ही इसे फिजूल में ‘मांकडिंग’ कहने का भी कोई मतलब नहीं रहा। एमसीसी ने तय किया कि ये संशोधन क्रिकेट में इस साल 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा।

आईपीएल वाले, इससे प्रेरणा लेकर, उनसे भी तेज निकले और आईपीएल 2022 में ही इस नई गाइडलाइन को लागू कर दिया। बीसीसीआई की नई आईपीएल गाइडलाइन : ‘मांकडिंग’ को आईपीएल 2022 में रन आउट के रूप में गिना जाएगा। आईपीएल की प्लेइंग कंडीशंस में भी इसे अनफेयर प्ले से हटा कर रन आउट में ट्रांसफर कर दिया है।

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