ipl 2022
जानिए IPL के नियम: ऐसा नहीं कि आईपीएल मैचों को लाइट प्रभावित नहीं करती!

कोलकाता में डेक्कन चार्जर्स-केकेआर मैच 2008 में : मैच के दौरान बिजली गुल हो गई थी। वजह बताई गई- चार फ्लडलाइट टावर में से दो के कुछ बल्ब खराब हो गए।

उसी सीजन में, वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स- चेन्नई सुपर किंग्स मैच : चेन्नई की पारी के आठवें ओवर के बाद आंशिक रूप से बिजली गुल होने पर मैच रुक गया। तब भी चार फ्लडलाइट टावर में से दो के कुछ बल्ब बंद हो गए।

2009 केप टाउन के द न्यूलैंड्स क्रिकेट स्टेडियम में दिल्ली डेयरडेविल्स-पंजाब किंग्स इलेवन मैच : बारिश और एक फ्लडलाइट खराब होने से खेल शुरू नहीं हो पाया। मैच डेढ़ घंटे से ज्यादा देर से शुरू हुआ। शुरुआत में 14-ओवर-ए-साइड पर बाद में 12-ओवर का मैच बन गया। आखिर में डकवर्थ-लुईस सिस्टम से मैच का फैसला हुआ।

मई 2013, मुंबई- केकेआर मैच वानखेड़े स्टेडियम में : फ्लडलाइट खराब होने से बीच में कुछ देर रुका।
आईपीएल 2018, वानखेड़े स्टेडियम में किंग्स इलेवन पंजाब-मुंबई इंडियंस मैच : फ्लड लाइट की समस्या के कारण कुछ देर रुका ।

आईपीएल 2019: केकेआर के बल्लेबाज नीतीश राणा ने अपने आउट होने के लिए ईडन में फ्लडलाइट की गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराया। सनराइजर्स हैदराबाद के विरुद्ध नाइट राइडर्स का पहला मैच 12 मिनट के लिए रोक दिया गया था क्योंकि शॉर्ट सर्किट के कारण फ्लडलाइट ट्रिप हो गई थी। नीतीश राणा तब 68* पर थे और फिर से खेल शुरू होने पर पहली ही गेंद पर आउट हो गए।

ये कुछ मिसाल अपने आप बता देती हैं कि ऐसा नहीं है कि फ्लड लाइट्स में खेलने के कारण, आईपीएल मैच लाइट की कमी का सामना नहीं करते- इसीलिए नियम भी है। देखिए :

रोशनी कम हो तो : अंपायर फ़ौरन खेल रोक देंगे। मैच पूरी तरह से रोकना पड़ा तो वह भी करेंगे।

लाइट मीटर : आईपीएल में अंपायर लाइट मीटर का इस्तेमाल नहीं करते।

फ्लड लाइट को, दोपहर के मैचों के लिए कब शुरू करना है : यह संबंधित आईपीएल मैच रेफरी और अंपायर की सलाह से ग्राउंड अथॉरिटी तय करते हैं।

अगर रोशनी, लाइट के इस तय समय से पहले खराब होने लगे तो : अंपायर ऐसी स्थिति में फ्लड लाइट को पहले से चालू करने की इजाजत देंगे।

तय ओवर पूरे नहीं हो पाते या पूरे नहीं खेल पाते तो : मैच का फैसला डकवर्थ एंड लुईस चार्ट से हासिल करने की कोशिश होगी।

अभी तक आईपीएल ने 2022 सीजन के लिए प्लेइंग कंडीशंस की घोषणा नहीं की है। अगर, इस संदर्भ में, 2021 सीजन की कंडीशंस ही जारी रहती हैं तो :

20 ओवर की पारी की अवधि : 90 मिनट
पूरे मैच की खेल की अवधि : 180 मिनट बशर्ते बारिश, खराब रोशनी जैसी कोई रुकावट न हो।
स्ट्रेटेजिक टाइम आउट के 5 मिनट : इसमें शामिल
यानि कि प्रति पारी वास्तव खेल समय : 85 मिनट
एक ओवर का समय : चार मिनट और 15 सेकंड
ओवर की कटौती के लिए यही गणित आधार होता है।

Leave a comment

Cancel reply