ipl short run
जानिए IPL के नियम - अगर बल्लेबाज शॉर्ट रन लेगा तो नियम क्या है? 

शॉर्ट रन किसे कहते हैं : शॉर्ट रन तब हो सकता है, जब बल्लेबाज एक से ज्यादा रन लेते हैं। एक बल्लेबाज को दूसरे रन के लिए मुड़ने से पहले, बैट को क्रीज के अंदर रखना चाहिए।

ऐसा नहीं हुआ तो : ये दूसरा वाला रन मान्य नहीं। इसके बारे में बताने के लिए अंपायर अपना हाथ उठा कर अपने कंधे को छूता है। यह शॉर्ट रन का इशारा है।

इससे अगला रन भी तो शॉर्ट हो गया : ये सही है पर अगर बाद वाला रन ठीक पूरा हो जाता है तो उसे शॉर्टनहीं मानेंगे। यूं तो पॉपिंग क्रीज के सामने से पहला रन बनाने वाला स्ट्राइकर भी पूरी दूरी नहीं भागता- तब भी कोई पेनल्टी नहीं होगी।

इस शॉर्ट रन से जुड़ा आईपीएल का सबसे चर्चित किस्सा इस तरह है : आईपीएल 2020 में 20 सितंबर के मैच में, किंग्स इलेवन पंजाब को दिल्ली कैपिटल्स को हराने के लिए 10 गेंद में 21 रन चाहिए थे, तब क्रिस जॉर्डन एक शॉट पर दो रन के लिए दौड़े लेकिन अंपायर ने देखा कि दूसरा रन लेने के लिए मुड़ते वक़्त उनका बैट क्रीज के अंदर नहीं छुआ। इस तरह इन दो रन को एक गिना अंपायर ने। ये रन आखिर में बड़ा कीमती साबित हुआ क्योंकि मैच टाई रहा और सुपर ओवर खेले।

ये फैसला लिया स्क्वायर लेग अंपायर नितिन मेनन ने, जब टेलीविजन रिप्ले देखा तो पता चला कि जॉर्डन का बैट,अपना पहला रन पूरा करने के समय क्रीज के अंदर था। इसका मतलब था कि दूसरा रन शॉर्टथा ही नहीं और अंपायर गलती कर गए। सुपर ओवर में पंजाब को दिल्ली ने हरा दिया। अगर गलती सुधारकर पंजाब के स्कोर में एक ‘शॉर्ट रन’ जोड़ देते तो पंजाब उस समय ही मैच जीत जाता, जब 3 गेंद का खेल बचा था। इस तरह से जो मैच पंजाब ने जीत लिया था- उसे वे हार गए।

अब सवाल ये है कि जब थर्ड अंपायर ने रिप्ले में देख लिया तो गलती को क्यों नहीं सुधारा? थर्ड अंपायर पॉल रीफेल थे और वे चुप रहे। आईपीएल प्लेइंग कंडीशंस के अनुसार, उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं था। आईपीएल में थर्ड अंपायर सिर्फ नो बॉल, रन आउट और स्टंपिंग का फैसला लेते हैं। यहां जो हुआ- उसमें ग्राउंड अंपायर का फैसला आख़िरी और मान्य होता है। दूसरे शब्दों में- थर्ड अंपायर ने देखा कि गलती हुई पर वे चुचाप तमाशा देखते रहे।

क्या किंग्स इलेवन पंजाब इस पर चुप रहे : नहीं। फ्रेंचाइजी ने मेनन के विरुद्ध औपचारिक अपील दायर की और भविष्य में और अधिक तकनीकी मदद की मांग की। ठीक है इसे ‘ह्यूमन एरर’ कह सकते हैं पर आईपीएल जैसे विश्व स्तरीय टूर्नामेंट में इस तरह की गलतियों के लिए कोई जगह नहीं है। उनकी अपील नामंजूर हो गई। ये एक रन पंजाब को प्लेऑफ में जगह दिला सकता था।

इस घटना ने सीजन 2021 से पहले शॉर्ट रन का नियम बदलने पर मजबूर कर दिया।

शॉर्ट रन नियम संशोधन के बाद : अब थर्ड अंपायर, शॉर्ट रन पर ऑन-फील्ड अंपायर की कॉल को देखने के बाद, गलत होने पर उनके फैसले को बदल सकता है।

कप्तान केएल राहुल ने कहा था कि उनकी टीम के बाहर होने के लिए ये घटना बहुत कुछ जिम्मेदार थी। वे प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर सकते थे अगर उनके पास दो और पॉइंट होते।ऐसी घटनाओं से बचने के लिए, आईपीएल ने कहा कि ऑन-फील्ड अंपायरों को शॉर्ट रन का मामला- टीवी अंपायर को रेफर करना चाहिए। उनके पास फैसले का आख़िरी अधिकार होगा।

इस तरह अब थर्ड अंपायर को शॉर्ट-रन की समीक्षा करने की इजाजत है। शॉर्ट रन के मामले में, थर्ड अंपायर, शॉर्ट रन की जांच करता है और ऑन-फील्ड अंपायरों द्वारा किए गए फैसले को पलट सकता है।

शॉर्ट रन के संदर्भ में, पिछले सीजन में फिर से पता चला कि बल्लेबाज का शॉर्टरन लेना कितना महंगा साबित हो सकता है और नया नियम बनाना सही रहा।

26 अप्रैल 2021 को सुपर-ओवर की आखिरी गेंद पर दिल्ली कैपिटल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को हराया- ये 2021 सीज़न का पहला सुपर- ओवर क्लैश था। दोनों टीमों ने निर्धारित 20 ओवरों में 159 रन बनाए। सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने 7 और दिल्ली ने अपनी बारी में 8 रन बनाए। मैच हैदराबाद की टीम हारी पर कप्तान डेविड वार्नर की गलती उनके लिए बड़ी भारी रही। वार्नर ने सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर शॉर्ट रन लिया। नए नियम से थर्ड अंपायर ने गलती पकड़ी और हैदराबाद के 8 के स्कोर में से एक रन काट लिया। दिल्ली को 8 रन का आसान लक्ष्य मिला और वे जीत गए।

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