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जानिए IPL के नियम: मैच टाई हो गया तो स्पष्ट नतीजा कैसे निकले?

टी20 मैच की, जो खूबियां हैं उनमें से एक सबसे ख़ास ये कि किसी भी कीमत पर मैच का स्पष्ट नतीजा (यानि कि हार/जीत) हासिल करना। अगर 20-20 ओवर खेलने के बाद स्कोर बराबर यानि कि टाई, तो क्या करें? टी 20 में इसके लिए सुपर ओवर खेलते हैं- इस ख़ास एक ओवर में जो ज्यादा रन बनाए, वह विजेता।

आईपीएल में पहली बार सुपर ओवर कब खेला गया : 2009 सीज़न में केकेआर-आरआर मैच टाई होने पर (दोनों टीमों का स्कोर : अपने-अपने 20 ओवर में 150 रन)।

आईपीएल में सुपर ओवर से पहले विजेता : ऊपर दिए मैच में, सुपर ओवर में केकेआर ने 15 रन बनाए। राजस्थान ने 16 रन बनाकर मैच जीत लिया।

तब से कई ऐसे मैच हैं जिनमें सुपर ओवर खेले। 2010 में 1, 2011 और 2012 में कोई नहीं, 2013 में 2, 2014 और 2015 में 1-1, 2016 में कोई नहीं, 2017 में 1, 2018 में कोई नहीं, 2019 में 2, 2020 में 4 तथा 2021 में 1 मैच। इनमें से 2020 का सीजन बड़ा अनोखा रहा। न सिर्फ 4 मैच का फैसला सुपर ओवर से हुआ- दरअसल, मुंबई इंडियंस-पंजाब मैच में तो दो सुपर ओवर में पंजाब को जीत मिली यानि कि पहले सुपर ओवर में भी स्कोर बराबर रहे थे। सच्चाई ये है कि पहला सुपर ओवर टाई होने पर, जानकार कमेंटेटर भी नहीं जानते थे कि अब क्या होगा? इतना ही नहीं, उसी दिन पहले खेले गए मैच में, केकेआर ने हैदराबाद के विरुद्ध सुपर ओवर में जीत हासिल की थी यानि कि एक दिन के दोनों मैच का फैसला सुपर ओवर से हुआ।

2020 सीजन में एक दिन के दोनों मैच में सुपर ओवर और इनमें से भी एक मैच में दो सुपर ओवर- इस सब का असर ये था कि मैच बहुत लंबे चले और ब्रॉडकास्ट का टाइम बिगड़ा। ये सवाल सामने आ गया कि मैच का स्पष्ट नतीजा पाने के लिए कितनी देर खेलते रहेंगे? इसलिए इसके नियम पर नई नज़र डाली। आईपीएल 2021 से पहले जारी सुपर ओवर नियम ये रहा :

2020 तक, एक मैच में अधिकतम कितने सुपर ओवर का नियम : 2 सुपर ओवर। उसके बाद, टाई की स्थिति में, टीमें पॉइंट बांट लेती थीं और कोई और सुपर ओवर नहीं खेला जाता था।

2021 में ,एक मैच में अधिकतम कितने सुपर ओवर का नियम : अगर सुपर ओवर के ‘एक घंटे’ के अंदर स्पष्ट विजेता नहीं मिलता है, तो मैच टाई और टीमें पॉइंट बांट लेंगी। ये ‘एक घंटा’ टाई मैच खत्म होने के समय से शुरू होगा।

इस तरह यदि सामान्य मैच में दोनों टीमों का स्कोर बराबर तो एक सुपर ओवर खेला जाएगा। यदि सुपर ओवर टाई तो (असाधारण परिस्थितियां न हों तो- जैसे कि एक तय समय पर फ्लडलाइट बंद करने की नौबत आ जाए तो) टाई मैच के ख़त्म होने के समय से एक घंटे के अंदर, और सुपर ओवर तब तक खेलेंगे- जब तक कोई विजेता न मिले। मैच रेफरी टीमों को बताएंगे कि आखिरी सुपर ओवर कब शुरू होगा ? यदि विजेता तय करने के लिए जरूरी सुपर ओवर खेलना या पूरा करना संभव नहीं तो मैच टाई होगा।

आईपीएल सुपर ओवर नियम:

  • सुपर ओवर दूसरी पारी खत्म होने के 10 मिनट बाद शुरू होना चाहिए।
  • मैच में दूसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाली टीम, सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करेगी।
  • सुपर ओवर, मैच वाली पिच पर ही खेला जाएगा।
  • मैच के आखिरी ओवर के दौरान, अंपायर जिस-जिस सिरे के स्टंप्स पर थे, वहीं रहेंगे।
  • फील्डिंग करने वाली टीम उस सिरे को चुनेगी, जिधर से वे गेंदबाजी करेंगे।
  • फील्डिंग के प्रतिबंध ठीक वही रहेंगे जो मैच के आख़िरी ओवर में थे।
  • सुपर ओवर में हर टीम के सिर्फ तीन बल्लेबाज (अधिकतम दो विकेट गिर सकते हैं) और एक गेंदबाज हिस्सा लेंगे।
  • अगर सुपर ओवर भी टाई तो दूसरा सुपर ओवर खेलेंगे और यह सिलसिला तब तक चलेगा जब तक कि विजेता का फैसला नहीं हो जाता- हालांकि, निर्धारित समय के अंदर।

सुपर ओवर के सम्बन्ध में कुछ और बड़ी ख़ास प्लेइंग कंडीशंस :

  • जो बल्लेबाज और गेंदबाज, पहले सुपर ओवर के खेल में शामिल थे- वे दूसरे सुपर ओवर में नहीं खेलेंगे।
  • दूसरे सुपर ओवर को,अन्य उन्हीं प्लेइंग कंडीशंस पर खेलेंगे- जिनमें शुरुआती सुपर ओवर खेले थे।
  • सुपर ओवर में सिर्फ मैच के लिए नामांकित खिलाड़ी ही हिस्सा ले सकते हैं- जिसमें कंकशन रिप्लेसमेंट भी शामिल है।
  • हर सुपर ओवर में, दोनों टीम को एक नाकामयाब डीआरएस की इजाजत होगी।
  • सुपर ओवर के लिए किसी नई गेंद का उपयोग नहीं करेंगे। फील्डिंग करने वाली टीम का कप्तान उस गेंद को चुनेगा जिससे वे गेंदबाजी करेंगे- अंपायरों द्वारा लाए अतिरिक्त गेंदों के बॉक्स से। इस बॉक्स में, मैच में उपयोग की गई गेंदें शामिल होंगी लेकिन नई गेंद नहीं।
  • दूसरे नंबर पर फील्डिंग करने वाली टीम, फिर से उसी गेंद का उपयोग कर सकती है जिसे पहले गेंदबाजी करने वाली टीम ने चुना था। चाहें तो ,उसी बॉक्स से दूसरी गेंद चुन सकते हैं। यदि गेंद को बदलने की जरूरत आए तो इस संबंध में मैच में लागू कंडीशंस ही लागू होंगी सुपर ओवर में।

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