wankhede stadium crictoday
जहां क्रिकेटर्स के सपने होते हैं पूरे, IPL के सबसे फेवरेट वानखेड़े स्टेडियम की दिलचस्प कहानी

मुंबई (Mumbai)… इसे सपनों का शहर कहा जाता है, जहां हजारों युवाओं के सपनों का ताना-बाना बुनता हुआ देखा गया है। भारत (India) की ड्रीम कैपिटल कहें या आर्थिक राजधानी, मुंबई में जब कोई अपना कदम रखता है तो वहां उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा सकता है, जहां से वो अपना करियर एक अलग ही मुकाम पर पहुंचा सकते हैं।

इसी सपनों के शहर मुंबई में ही क्रिकेट के सबसे ऐतिहासिक स्टेडियम में से एक वानखेड़े स्टेडियम स्थित है। भारतीय क्रिकेट में वानखेड़े स्टेडियम अपना बहुत ही खास वर्चस्व रखता है। वानखेड़े स्टेडियम (Wankhede Stadium Mumbai) को ना केवल भारत का बल्कि क्रिकेट जगत का भी सबसे खास और यादगार स्टेडियम माना जाता है, क्योंकि यहां पर भारतीय क्रिकेट की ना जाने कितनी ही सुनहरी यादें जुड़ी हुई हैं, जिसमें साल 2011 का वो पल कौन भूल सकता है, जब भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे यादगार और स्वर्णिम पल देखने को मिला था। वो धोनी का विनिंग छक्का हर भारतीय क्रिकेट फैंस के दिलों दिमाग में बस चुका है, जब भारत के करोड़ो क्रिकेट फैंस ने भारतीय टीम को विश्व कप में 28 सालों के बाद इतिहास रचते देखा था।

केवल विश्व कप की खिताबी जीत ही नहीं बल्कि वानखेड़े स्टेडियम तो भारतीय क्रिकेट में और भी कई ऐतिहसिक कारनामों का गवाह बना है। यहां भारतीय क्रिकेट के बहुत ही खास लम्हें जुड़े हुए हैं, जो हमारी क्रिकेट विरासत में चार चांद लगाने का काम करते हैं, जिसे भारतीय क्रिकेट इतिहास में ताउम्र याद किया जाएगा।

इस मैदान के कई ऐतिहासिक कारनामें हैं, जिसमें ना केवल भारतीय क्रिकेट टीम के द्वारा साल 2011 में जीते गए वनडे विश्व कप ही बात करें बल्कि इसके अलावा भी यहां कुछ यादगार लम्हें रहे हैं, जिसमें भारत के सर्वोच्च बल्लेबाज मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की इंटरनेशनल क्रिकेट से विदाई के पल को कौन भूल सकता है।

मुंबई एक ऐसा शहर हैं, जहां से भारतीय क्रिकेट टीम में दस्तक देने वालें खिलाड़ियों की एक लंबी फेहरिस्त है। इस शहर ने भारतीय क्रिकेट को इनमें से कई महान क्रिकेटर्स के नाम दिए, जिनका किसी ना किसी तरह से वानखेड़े स्टेडियम से तो जरूर नाता रहा होगा। आज वानखड़े स्टेडियम को इन्हीं कुछ बड़े महान खिलाड़ियों का घरेलू मैदान होने के कारण बहुत ही खास माना जाता है।

अब कुछ बात कर ली जाए वानखेड़े स्टेडियम के निर्माण की। ये कहानी बहुत ही दिलचस्प और नाटकीय है। वानखेड़े स्टेडियम का निर्माण एक विवाद के बाद जिद ने केवल 6 महीनों में ही करवा दिया, जो आज विश्व विख्यात क्रिकेट स्टेडियम के रूप में जाना जाता है।

वानखेड़े स्टेडियम की स्थापना की दिलचस्प कहानी

इस पूरी कहानी का रूख कर लेते हैं। मुंबई में सबसे पुराना और ऐतिहासिक स्टेडियम जिमखाना स्टेडियम को कहा जाता है, जिसकी स्थापना साल 1875 में हुई थी। बॉम्बे जिमखाना क्रिकेट ग्राउंड, जो भारत के सबसे पुराने स्टेडियम में से एक माना जाता है। भारतीय क्रिकेट टीम ने भारत में अपना पहला टेस्ट मैच इसी मैदान पर खेला था। साल 1875 में स्थापित इस स्टेडियम में अंग्रेजों के दौर में भारतीयों में केवल और केवल सर्वेन्ट्स को ही जाने की अनुमति थी। उस दौर में भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी रणजीत सिंह को भी इस मैदान में जाने से रोका गया था। इसके बाद कुछ समय में इस नियम को भारतीय क्रिकेटर्स के लिए बदल दिया गया।

मुंबई में जिमखाना क्रिकेट ग्राउंड के बाज दूसरे ग्राउंड की बात करें तो वो क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया यानी सीसीआई स्टेडियम था जिसे ब्रेबॉर्न स्टेडियम के नाम से जाना जाता है। इस स्टेडियम को मुंबई में 17 साल तक काम में लिया गया। जिसके बाद क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया और बॉम्बे क्रिकेट एसोसिएशन के बीच हुए विवाद के बाद यहां पर क्रिकेट खेलना बंद हो गया।

वजह थी, क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया और बॉम्बे क्रिकेट एसोसिएशन जिसे वर्तमान में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के नाम से जाना जाता है, के बीच 1973 में टिकट बंटवारे को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

एक जिद ने करवा दिया वानखेड़े स्टेडियम का निर्माण

साल 1973 में भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच के दौरान इन दोनों ही एसोसिएशन के बीच मामला अपने चरम पर पहुंच गया। इसके बाद वानखेड़े स्टेडियम बनाने की कहानी गढ़ी बॉम्बे क्रिकेट एसोसिएशन के सेक्रेटरी शेशराव कृष्णराव वानखेड़े ने। राजनेता के साथ ही बीसीए के सेक्रेटरी शेशराव कृष्णराव वानखेड़े इतने ज्यादा विचलित हुए कि उन्होंने नए स्टेडियम की नींव ही रख डाली। माना जाता है कि कृष्णराव वानखेड़े की जिद ने केवल 6 महीनों के अंदर ही वानखेड़े स्टेडियम का निर्माण करवा दिया, जिसे साल 1975 में ब्रेबॉर्न स्टेडियम के कुछ ही दूरी पर 45 हजार की दर्शक क्षमता के साथ स्थापित कर दिया गया।

1974-75 में वानखेड़े में खेला गया पहला टेस्ट

वानखेड़े स्टेडियम के निर्माण के साथ ही ब्रेबॉर्न स्टेडियम तो पूरी तरह से खत्म हो गया, तो वहीं इस मैदान पर साल 1974-75 में पहला टेस्ट मैच खेला गया। वानखेड़े में पहला टेस्ट मैच भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया। और पहला टेस्ट मैच ही इतिहास में दर्ज हो गया। क्योंकि यहां पर क्रिकेट जगत ने वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज क्लाइव लॉयड की 242 रन की नायाब पारी देखी। क्लाइव लॉयड की इस पारी से दर्शकों ने तो सुरक्षा घेरा तक तोड़ दिया। जो लॉयड को बधाई देने के लिए मैदान में दौड़ते हुए सीधे पिच तक पहुंचने ही वाले थे, कि पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

इतना ही नहीं यही मैच भारत के दिग्गज खिलाड़ी टाइगर मंसूर अली खां पटौदी के करियर में आखिरी टेस्ट मैच साबित हुआ। इस मैच में भारत को वेस्टइंडीज ने 201 रनों के बड़े अंतर से मात दी।

भारत को 1976 में मिली यहां पहली जीत

जब भारत को वानखेड़े में मिलने वाली पहली सफलता की बात करें तो इसके लिए भारतीय फैंस और टीम को 2 साल तक इंतजार करना पड़ा। साल 1976 में नवंबर के महीनें में भारत के दौरे पर न्यूजीलैंड की टीम थी। न्यूजीलैंड से यहां वानखेड़े में जो टेस्ट मैच खेला गया, वहां भारत ने मेहमान कीवी टीम को 162 रन से हराकर इस मैदान में अपनी पहली जीत को हासिल किया।

1987 में खेला गया पहला वनडे मैच

इसके बाद तो यहां टेस्ट क्रिकेट का चलन चल पड़ा, जिसके बाद साल 1987 में यहां वानखेड़े की सरजमीं पर पहला वनडे मैच खेला गया। 17 जनवरी 1987 को भारत और श्रीलंका के बीच पहला वनडे मैच खेला गया, जिसे भारत ने ही 10 रन से अपने नाम किया था।

इस मैदान पर पहले टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट की बात करें तो ये मैच इसमें टी20 क्रिकेट की शुरुआत होने के बाद काफी समय लग गया, जो साल 2012 में 22 दिसंबर को भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया। इस मैच में इंग्लैंड ने अंतिम गेंद पर 6 विकेट से जीत हासिल की थी। इस तरह से तीनों ही फॉर्मेट में ये स्टेडियम आज भारत में पहली पसंद के रूप में देखा जाता है।

आईपीएल में वानखेड़े एक नजर में…

वानखेड़े स्टेडियम में इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा भी आईपीएल में भी खूब मैच खेले जा चुके हैं, जिसमें यहां इस मैदान में एक से एक कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। बात आईपीएल की करें तो वानखड़े स्टेडियम आईपीएल की टीम मुंबई इंडियंस का घरेलू मैदान है, जहां 5 बार की आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियंस की टीम ने एक से एक शानदार कारनामों को अंजाम तक पहुंचाया है।

आईपीएल की शुरुआत से ही वानखेड़े स्टेडियम मुंबई इंडियंस की टीम का होम ग्राउंड है, यहां पर पहला आईपीएल मैच साल 2008 में 20 अप्रेल को खेला गया था, जहां मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीमें आमने-सामने थी। इस मैच में मुंबई इडियंस को आरसीबी ने 5 विकेट से हरा दिया था।

इसके बाद आईपीएल में वानखेड़े के साथ एक बहुत ही खास जुड़ाव देखने को मिला। आईपीएल में धीरे-धीरे साल दर साल बढ़ने के साथ ही वानखेड़े क्रिकेट स्टेडियम इस केशरिच लीग का सबसे फेवरेट स्टेडियम में से एक के रूप में स्थापित हो गया, जहां पर दर्शकों का जबरदस्त मनोरंजन हुआ है।

वानखेड़े में कुल खेले जा चुके हैं 81 आईपीएल मैच

आईपीएल के इतिहास में वानखड़े स्टेडियम में साल 2008 से लेकर अब तक यानी पिछले सीजन तक कुल 81 मैच खेले जा चुके हैं, जहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम के खाते में 40 जीत रही तो दूसरी पारी खेलने वाली टीम को 41 बार कामयाबी मिली। वैसे यहां पहले या बाद में बल्लेबाजी करने में लगभग बराबरी का रिकॉर्ड रहा है, लेकिन फिर भी यहां ज्यादातर टीमें लक्ष्य का पीछा करने की तरफ ही देखती है और पिछले कुछ सालों में तो यहां लक्ष्य का पीछा करते हुए काफी कामयाबी हाथ लगी है।

इस ग्राउंड में हाई स्कोर की बात करें तो ये रिकॉर्ड आरसीबी के नाम है। जिन्होंने साल 2015 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ ही केवल 1 विकेट के नुकसान पर 235 रन का स्कोर खड़ा किया था, वहीं न्यूनतम स्कोर पर नजर डाले तो ये रिकॉर्ड केकेआर के नाम है जो इस हाई प्रोफाइल लीग के पहले ही सीजन में मुंबई इंडियंस के खिलाफ ही केवल 67 के स्कोर पर ढेर हो गई थी।

वहीं, आईपीएल में वानखेड़े के इस स्टेडियम में कई रोचक और मजेदार रिकॉर्ड्स भी बने हैं।

बल्ले से रोहित शर्मा तो गेंद से मलिंगा सबसे कामयाब

इस मैदान पर अब तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज की बात करें तो ये कमाल रोहित शर्मा के नाम है, जो मुंबई इंडियंस के कप्तान हैं। रोहित शर्मा ने इस मैदान पर सबसे ज्यादा 1733 रन बनाए हैं। सबसे ज्यादा विकेट भी मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज रहे लसिथ मलिंगा के नाम है, जिन्होंने इस विकेट पर अपनी जादुई गेंदबाजी का नजारा पेश करते हुए कुल सबसे ज्यादा 68 विकेट अपने खाते में बनाए।

यहां सबसे बड़े टारगेट का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए साल 2019 में देखा गया था। उस सीजन में पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस के सामने 197 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था, लेकिन इसके जवाब में मुंबई इंडियंस ने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हए पारी की अंतिम गेंद पर 198 रन पूरे करने के साथ ही 3 विकेट से जीत अपने नाम की थी।

तो वहीं बात करें इस मैदान पर सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर की तो ये एबी डीविलियर्स के नाम रहा है। जिन्होंने साल 2015 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ ही 133 रन की पारी खेली थी। तो वहीं गेंदबाजी में एक पारी या मैच में सबसे सफलतम गेंदबाज हरभजन सिंह रहे हैं। भज्जी ने 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ केवल 18 रन खर्च कर 5 बल्लेबाजों को पैवेलियन का रास्ता दिखाया था।

इस सीजन यानी साल 2022 के आईपीएल सीजन में भी इस मैदान पर टीमों के उतरने का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि यहां की पिच रनों से भरपूर मानी जाती है। ऐसे में फैंस का पूरा का पूरा एंटरटेनमेंट हो जाता है। अब देखना ये है कि इस बार यहां वानखेड़े की पिच और मैदान में कितने कीर्तिमान स्थापित होने में कामयाबी मिलती है।

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