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इंटरनेशनल क्रिकेट पर क्या असर डालेंगे आईपीएल के नए मीडिया अधिकार?

जब भी इंटरनेशनल क्रिकेट के कैलेंडर पर बढ़ते दबाव का जिक्र होता है तो इसके लिए आईपीएल को दोष देने वालों की गिनती कम नहीं है। हालत ये है कि टकराव बचाने के लिए आईसीसी को आईपीएल के लिए लगभग दो महीने की विंडो रिजर्व करनी पड़ी और किसी टी20 लीग के लिए ऐसी विंडो नहीं है। दूसरे शब्दों में, इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए साल में 10 ही महीने बचे।

एक सीजन में 74 मैच तो ये हालत और अगर टीम/मैच और बढ़ा दें तो क्या होगा? आईपीएल मीडिया अधिकार 2023-27 के सालों के लिए बिक गए 48,390.5 करोड़ रुपये में। स्टार इंडिया ने 2017-22 के मीडिया अधिकार के लिए, जो 16347.5 करोड़ दिए- ये रकम उससे लगभग 2.96 गुना है। इस रिकॉर्ड कीमत के पीछे का गणित ध्यान से देखें तो एक बड़ी मजेदार बात सामने आती है।

टेंडर डॉक्यूमेंट की बिक्री शुरू करने के बाद, बीसीसीआई ने प्रस्तावित 5 सीजन में कुल मैच की गिनती एकदम बढ़ा दी- 5 सीजन में मैच गिने थे 370 (2022 की गिनती के आधार पर- 10 टीम के 74 मैच) पर इसे बढ़ाकर 410 मैच कर दिया। पांच सालों में 410 मैचों का ब्रेक-अप : 2023 और 2024 में से हर साल 74 मैच, 2025 और 2026 में हर साल 84 मैच और 2027 में 94 मैच। साफ़ मतलब है इंटरनेशनल क्रिकेट पर आईपीएल का दबाव और बढ़ेगा और सीधा असर इसके कैलेंडर पर आएगा।

इस तरह बीसीसीआई ने 2023-27 सालों में प्रति सीजन आईपीएल मैचों को बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। इसी वजह से 5 सीजन में मैच की गिनती 370 से बढ़ कर 410 हो जाएगी। बोली लगाने वालों को कह दिया था कि वे 410 मैचों की गणना के साथ, बोली लगाएं।

जहां एक ओर क्रिकेट की दुनिया में, मीडिया अधिकार की बिक्री की रकम पर हैरानी जाहिर की जा रही है, वहीं आईपीएल मैच की नई गिनती को भी समझने की कोशिश हो रही है। बीसीसीआई में तो यह संकेत भी है कि वह दिन दूर नहीं, जब साल में एक नहीं, दो आईपीएल टूर्नामेंट खेले जाएं।

बीसीसीआई इस चर्चा से पूरी तरह बे खबर नहीं। वे भांप चुके हैं कि यह डर भी जाहिर किया जा रहा है कि अगर आईपीएल से इतना पैसा आ सकता है तो कम वसूली पर इंटरनेशनल क्रिकेट ही क्यों खेलें, इसीलिए बोर्ड ने स्पष्टीकरण दिया कि भारत, आईसीसी एफ़टीपी (फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम) के लिए वायदा पूरा करेगा, “भारतीय क्रिकेट टीम हमारी पहली जिम्मेदारी है। हम भारत से बाहर खेलते हैं तो दूसरे क्रिकेट देश पैसा कमाते हैं। खेल को दुनिया भर में बढ़ने देना हमारी जिम्मेदारी है।”

आईपीएल जरूरी है पर इंटरनेशनल क्रिकेट को खत्म करने की कीमत पर नहीं। फिर भी इस सच्चाई से इंकार नहीं किया जा सकता कि भले ही भारत अपने इंटरनेशनल मैच की गिनती कम न करे- सभी टॉप खिलाड़ी हर मैच में नहीं खेलेंगे। भारत अपने बड़े प्लेयर पूल की बदौलत, एक साथ दो संतुलित टीम बना सकता है और अगर अक्सर दोनों टीम साथ-साथ खेलती नजर आएं तो कोई हैरानी नहीं होगी।

क्या आईपीएल मैच की बढ़ी गिनती, आईसीसी के पर कतरने की कोशिश है? क्या ये आईसीसी को हर साल एक आईसीसी इवेंट का आयोजन करने से रोकने की कोशिश है? सवाल कई- जवाब आगे मिलेगा।

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