fab 4 crictoday
'दुनिया में सबसे बेहतर कौन' की बहस को भी तो नए नाम चाहियें, उन्हीं फैब-4 को कब तक घसीटें?

बहुत साल हो गए इंटरनेशनल क्रिकेट (International Cricket), ख़ास तौर पर टेस्ट क्रिकेट में, फैब 4 में उन्हीं चार बल्लेबाज का जिक्र करते-करते। बस इतना ही करते रहे जानकार कि उनकी मौजूदा फॉर्म के आधार पर उनका नाम लिखने का क्रम बदलते रहे। इस सच्चाई से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि भावुकता में, भारत के क्रिकेट पंडित ‘रिकॉर्ड को आधार बनाकर’ इनमें से भी विराट कोहली (Virat Kohli) को नंबर 1 साबित करने में लगे रहे।

सब कुछ नई तरह से सोचने और लिखने का वक्त आ गया है। 2014 में, न्यूजीलैंड के मार्टिन क्रो ने अपने एक कॉलम में पहली बार जो रूट, विराट कोहली, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन का ‘टेस्ट क्रिकेट के युवा फैब फोर’ के तौर पर जिक्र किया था। तब, टेस्ट मैचों में सिर्फ रूट ही 41 से ऊपर औसत पर थे और इनमें से किसी को भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज के तौर पर नहीं गिनते थे। क्रो ने ये भी लिखा था, ‘चारों अपने-अपने देशों की कप्तानी करेंगे। चारों कुछ सालों में टॉप पर पहुंच जाएंगे और फिर असली लड़ाई शुरू होगी कि दुनिया में नंबर 1 बल्लेबाज कौन होगा? मेरी समझ ये है कि वे नंबर 1 टेस्ट बल्लेबाज के तौर पर बारी-बारी से खेलेंगे।’

क्रो की भविष्यवाणी सही साबित हुई पर इस लिस्ट की भी तो कोई शेल्फ लाइफ होगी? पहली बात तो ये कि मौजूदा फार्म के आधार पर, इंग्लैंड के जो रूट बहुत आगे आ गए हैं विराट कोहली, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन से। जो रूट ने मौजूदा इंग्लैंड-न्यूजीलैंड सीरीज के पहले दोनों टेस्ट में, मैच जिताने वाले शतक के साथ अपनी शानदार फॉर्म को दिखा दिया है- न सिर्फ 10,000 टेस्ट रन बनाने वाले सिर्फ 14वें क्रिकेटर बने, 27 शतक बनाकर भी टॉप 20 में उनका नाम है।

जो रुट सबसे ‘कमजोर’ गिने थे शुरू में, अब ‘फैब फोर’ के बाकी तीनों मेंबर से ‘बहुत आगे’ हैं। इस साल अप्रैल में कप्तानी छोड़ने का फैसला उनके लिए बोनस साबित हुआ और न्यूजीलैंड के विरुद्ध, कप्तानी के बिना, अपने पहले दोनों टेस्ट में, रूट ने मैच जीतने वाला शतक बनाया।

जो रूट की 2021 की शुरुआत से शानदार फॉर्म की बड़ी चर्चा हो रही है- 2021 की शुरुआत में, विराट कोहली, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन ने क्रमशः 27, 26 और 24 टेस्ट शतक बनाए थे, जबकि रूट सिर्फ 17 पर थे। तब से रूट 10 शतक बनाकर 27 पर पहुंच गए हैं, जबकि कोहली, स्मिथ और विलियमसन ने मिलकर भी एक भी शतक नहीं बनाया। और क्या सबूत चाहिए- रुट को नंबर 1 लिखने का?

एक और ध्यान देने वाली बात ये है कि अकेले अपने दम पर रुट ने इंग्लैंड की बल्लेबाजी को जिस तरह खींचा है- उसका जवाब नहीं। विराट कोहली, स्मिथ या विलियमसन अकेले ‘अपनी टीम की बल्लेबाजी’ नहीं कहलाए। चोटिल और आउट ऑफ फॉर्म फैब फोर अब वे नहीं हैं जो कभी थे। चारों को दुनिया का नंबर 1 टेस्ट बल्लेबाज बनना था, बने पर हालात अब बदल रहे हैं।

यह भी पढ़ें – कोहली, विलियमसन, स्मिथ और रूट में से आज कौन टॉप पर है और क्यों?

जिस 2021 के शुरू से बल्लेबाजी को आधार बनाया जा रहा है तो उसे देखने पर पता चलता है कि रुट अकेले बल्लेबाज हैं जिसने 2000 से ज्यादा रन बनाए- 22 टेस्ट में 2371 रन। उन्हें इस दौर में इंग्लैंड के ज्यादा टेस्ट खेलने का फायदा भी मिला। उनके बाद रन की लिस्ट में करुणारत्ने (1216), लिट्टन दास (1152), ऋषभ पंत (1077) और ब्रैथवेट (1016) का नाम है पर स्मिथ ने 10 टेस्ट में 773, कोहली ने 14 टेस्ट में 725 और विलियमसन ने 5 टेस्ट में 412 रन बनाए।

जिस फैब 4 को मार्टिन क्रो ने बनाया उसकी शेल्फ लाइफ ख़त्म हो गई है। अब या तो फैब 4 जैसा जिक्र ही बंद कर दें अन्यथा इसके मेंबर का नाम बदलते रहने के लिए तैयार रहें। क्या आज बाबर आज़म (11 टेस्ट में 806), डी कॉनवे (9 टेस्ट में 881), लाबुशेन (10 टेस्ट में 802) और उस्मान ख्वाजा (5 टेस्ट में 751) इस क्लब में शामिल होने के बेहतर हकदार नहीं? अगर लंबे क्रिकेट भविष्य को देखना है तो भी बाबर और कॉनवे से बेहतर दावेदार कोई नहीं।

बाबर आजम तीनों तरह की क्रिकेट में लगातार बेहतर खेल रहे हैं। उन में भी रन की भूख और महत्वाकांक्षा है। अपनी पहचान बना ली है। आज फैब 4 से एक पुराना नाम बाहर और एक नया नाम शामिल- यही सिलसिला चर्चा के लिए आगे भी चलेगा। ‘दुनिया में सबसे बेहतर कौन’ की बहस को भी तो नए नाम चाहिए। आईसीसी रेंकिंग भी तो यही कहती है।

Leave a comment

Cancel reply