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ENG vs IND: जॉनी बेयरस्टो के रन बनाने का तूफान थम ही नहीं रहा

एजबेस्टन टेस्ट का नतीजा चाहे, जो हो इंग्लैंड के लिए जॉनी बेयरस्टो ने एक और मास्टरपीस पारी खेली अन्यथा तो टेस्ट दूसरे दिन ही, एकतरफा होने की तरफ बढ़ रहा था। बेयरस्टो का तीन टेस्ट में तीसरा शतक और एशेज के दौरान इंग्लैंड टीम में वापसी के बाद से आठ टेस्ट मैचों में उनका पांचवां शतक। जॉनी बेयरस्टो की बदौलत ही दूसरी पारी शुरू होने पर इंग्लैंड के गेंदबाज़ कुछ आत्मविश्वास में थे।

जॉनी बेयरस्टो ने पिछले तीन टेस्ट में उस समय रन बनाए, जब इंग्लैंड को उनकी सख्त जरूरत थी। यहां भी 44-3 से पारी को संभाला और फॉलोऑन से बचाया। इतना ही नहीं, अगर बारिश न आती तो बेयरस्टो तो एक सेशन में 100 रन बना गए होते। इयान बॉथम, केविन पीटरसन, बेन स्टोक्स और अब जॉनी बेयरस्टो, तीनों ने हाल के सालों में इंग्लैंड के लिए जादुई बल्लेबाजी का सिलसिला दिखाया है। किस की कोशिश है सबसे बेहतर?

जॉनी बेयरस्टो के इस साल 5 टेस्ट शतक और इन पारी के दौरान उनके क्रीज पर पहुंचने के वक्त इंग्लैंड का स्कोर था 36-4, 48-4, 93-3, 17-3 और 44-3। कई बल्लेबाजों ने पहले भी लगातार तीन टेस्ट में शतक बनाए, लेकिन जिस तरह से बेयरस्टो ने ये स्कोर बनाए उनकी बात ही अलग है। हर बार, जब उनकी टीम को उनसे बड़े स्कोर की जरूरत थी तो ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे साहसिक ही कहेंगे स्ट्राइक रेट इसका सबूत है।

20 दिनों के अंदर और ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के आख़िरी घंटों से गिनें तो 9 दिनों के ऑनफील्ड एक्शन में इस गजब के क्रिकेटर ने 32+ की उम्र में बल्लेबाजी का नया रंग दिखाया टेस्ट में वनडे और टी 20 का मिजाज। पिछले साल के आखिर तक 79 टेस्ट में बेयरस्टो ने 6 शतक बनाए थे और तब से 8 मैचों में 5 शतक बड़े मैच का सही टेंपरामेंट दिखाते हुए।

इस इंग्लिश समर में 4 टेस्ट में 500 रन 106.83 के चौंकाने वाले स्ट्राइक रेट से (एजबेस्टन की पहली पारी तक)। जिसे 50 ओवर क्रिकेट का बल्लेबाज कहते हैं, उससे ऐसी तेजी की उम्मीद ही कर सकते हैं। नॉटिंघम में पांचवें दिन चाय के बाद 44 गेंदों में 93 रन, हेडिंग्ले में दूसरे दिन शाम का सेशन 92 गेंद में 97 रन और अब एजबेस्टन में सुबह 93 गेंद में 94 रन। इसी के साथ हेडिंग्ले में आख़िरी सुबह 44 गेंदों में 71* को भी जोड़ लीजिए।

जिन तीन सेशन का ऊपर जिक्र है, उनमें से हर एक में लगभग 100 रन बनाए। इंग्लैंड के टेस्ट बल्लेबाजों के एक सेशन में शतक बनाने की सिर्फ 14 मिसाल हैं (लंच से पहले- 7, लंच और चाय के बीच- 3 और चाय के बाद- 4)। 1930 के दशक में वॉली हैमंड ने रिकॉर्ड तीन बार बनाया। इन कुछ दिनों में बेयरस्टो ने इंग्लैंड के लिए टेस्ट में सबसे तेज 50, 100 और 150 की लिस्ट में अपना नाम दूसरे नंबर पर लिख दिया। ऐसी बल्लेबाजी तुक्का नहीं होती, बल्लेबाज की सही गेंद चुनने की योग्यता इसमें बड़े काम आती है। जो रूट ने भले ही उनसे बेहतर औसत दर्ज की पर उनका स्ट्राइक रेट 71.04 है।

9 दिनों का तूफ़ान देखिए। शुरू में धीमे। ट्रेंट ब्रिज शतक की शुरुआत में 32 गेंद में 25 रन, लीड्स में दूसरे दिन चाय से पहले प्रति गेंद एक रन भी नहीं और एजबेस्टन में भी स्ट्राइक रेट कम था, 16 रन के लिए 65 गेंदें खर्च कर दी थीं। इसके बाद वे खुले। हाल के सालों में, इंग्लैंड के ज्यादा क्रिकेटरों ने क्रिकेट का ऐसा जादुई सिलसिला नहीं दिखाया।

बेन स्टोक्स: 2019 की समर में लगभग 6 हफ्ते में विश्व कप फाइनल को सुपर ओवर में ले जाने के लिए 84 रन, इसके बाद लॉर्ड्स टेस्ट में शतक और अब तक की सबसे चर्चित टेस्ट पारी खेली हेडिंग्ले एशेज टेस्ट जीतने के लिए।

इयान बॉथम: 1981 में चार हफ्तों के दौरान तीन एशेज टेस्ट में- लीड्स और मैनचेस्टर में मैच का पासा पलटने वाले शतक और एजबेस्टन में मैच जीतने वाला स्पेल।

केविन पीटरसन: फरवरी 2005 में 14 दिनों में, दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध तीन तूफानी वन डे शतक के साथ दुनिया को अपनी टेलेंट दिखाई।

जॉनी बेयरस्टो की कोशिश, इन सब से किसी तरह कम नहीं है।

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