virat kohli

विराट कोहली… (Virat Kohli) क्रिकेट जगत का एक ऐसा नाम, जिसे आज करोड़ो फैंस जानते हैं। भारत (India) के इस दिग्गज और सर्वकालिक महान बल्लेबाज को किसी पहचान की जरूरत नहीं हैं। विराट कोहली का नाम ना केवल क्रिकेट गलियारों में बल्कि खेल जगत में सर्वोच्च स्थान पर रखा जाता है। भारतीय क्रिकेट की धड़कन बन चुके कोहली आज ऐसे काफी ऊंचे मुकाम पर खड़े हैं।

इन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक जिस तरह के कीर्तिमान अपने नाम किए हैं वो अपने आप में बहुत ही खास हैं। विराट कोहली ने अपने करियर में अब तक जो हासिल किया है, उसे शब्दों में बयां करना ही काफी मुश्किल है। विराट कोहली ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत से ही जो जुझारूपन दिखाया वो अब भी बरकरार है, जिससे आज उन्हें क्रिकेट जगत के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों के साथ ही सबसे शानदार क्रिकेटर्स के रूप में जाना जाता है।

विराट कोहली ने साल 2008 में अपने इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत की, जिसके बाद आज वो कामयाबी की बुलंदी पर खड़े हुए हैं। विराट के बारे में वैसे तो हमारे शब्द और विचार सब कुछ कमतर ही है, लेकिन आज हम इस लेख में आपके सामने रखते हैं विराट कोहली के करियर, रिकॉर्ड्स, पर्सनल लाइफ, नेटवर्थ से लेकर वो सबकुछ, जो आप जरूर जानना चाहेंगे। आईए अब इस लेख में सिलसिलेवार जानते हैं कैसा है विराट कोहली का अब तक का सफर.

दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में जन्म

5 नवंबर 1988 का दिन क्रिकेट के लिहाज से सबसे यादगार दिन बन गया, क्योंकि इसी दिन दिल्ली में उत्तम नजर में एक पंजाबी परिवार में विराट कोहली ने जन्म लिया। कोहली के पिता प्रेम कोहली जो पेशे से एक वकील थे, वहीं माता सरोज गृहिणी। कोहली के परिवार में उनका बड़ा भाई और एक बहन भी है। बड़े भाई का नाम विकास कोहली है तो वहीं बहन भावना हैं। इसी परिवार से क्रिकेट जगत को विराट कोहली के रूप में वो नायाब खिलाड़ी मिला, जिसे आज महानतम बल्लेबाज की श्रेणी में रखा जाता है।

3 साल की उम्र में भी थाम लिया था बल्ला

वैसे तो कहा जाता है कि विराट कोहली को बचपन से यानी 3 साल की उम्र से ही क्रिकेट का शौक रहा है, जब उन्होंने बल्ला थाम लिया था, लेकिन उनके क्रिकेटर बनने की वास्तविक कहानी उनकी 9 साल की उम्र से हुई। उनके पिता ने विराट कोहली को पश्चिमी दिल्ली में स्थित एक क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिलाया। कहा जाता है कि विराट के पिता प्रेम कोहली को उनके उत्तम नगर स्थित घर के एक पड़ोसी ने कहा था कि कोहली को क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन कराई जाए।

राजकुमार शर्मा के मार्गदर्शन में ली कोचिंग

विराट कोहली को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, जब उन्हें क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिलाया गया। उसके बाद उनके कोच राजकुमार शर्मा नाम के शख्स बने। राजकुमार शर्मा ने अपनी देखरेख में विराट कोहली पर काफी मेहनत की और उन्हें एक होनहार क्रिकेटर के रूप में विकसित किया। कोहली आज भी अपने बचपन के कोच राजकुमार शर्मा के योगदान को नहीं भूलते हैं।

2004 में अंडर-17 से शुरू हुआ असली कारवां

विराट कोहली के क्रिकेट सफर की वास्तविक शुरुआत साल 2004 में देखने को मिली, जहां विराट कोहली की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें दिल्ली की अंडर-17 टीम में चुन लिया गया। इसके बाद कोहली को विजय मर्चेंट ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला। यहां कोहली ने कमाल दिखाना शुरू कर दिया, जहां उन्होंने 4 मैच खेले और 450 से ज्यादा रन बनाए। इस दौरान एक पारी में तो उन्होंने 251* रन की नाबाद पारी खेली थी। इसके बाद अगले ही साल 2005 की विजय मर्चेंट ट्रॉफी में विराट कोहली ने, जो किया वो अभूतपूर्व था। इस साल विराट ने करीब 85 की औसत से सबसे ज्यादा 757 रन बनाए, जिसमें 2 शतकीय पारियां भी शामिल रही। यहीं से विराट कोहली को पहचान मिलनी शुरू हो गई।

2006 में भारत की अंडर-19 टीम में शामिल

विजय मर्चेंट ट्रॉफी में दो लगातार साल शानदार प्रदर्शन के बाद विराट कोहली को भारत की अंडर-19 टीम में चुन लिया गया। यहां विराट कोहली ने टीम के साथ अपना पहला विदेशी दौरा इंग्लैंड का किया। इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 टीम की द्विपक्षीय सीरीज में भी विराट कोहली का कमाल जारी रहा। यहां कोहली के बल्ले से वनडे सीरीज के 3 मैचों में 105 रन बनाए तो वहीं टेस्ट सीरीज में 49 की औसत से रन बनाने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद वो अंडर-19 टीम के साथ ही पाकिस्तान के दौरे पर गए, जहां जबरदस्त प्रदर्शन के बाद वो भारत की अंडर-19 टीम में रेगुलर खिलाड़ी बन गए।

टीम की हार टालने के बाद पहुंचे पिता के अंतिम संस्कार में

उनके जीवन में सबसे बड़ा धक्का केवल 18 साल की उम्र में ही तब लगा था, जब 18 दिसंबर 2006 के दिन उनके पिता प्रेम कोहली दुनिया छोड़ चल बसे। प्रेम कोहली ने ब्रेन स्टोक्स की बीमारी के बाद दुनिया को अलविदा कह दिया, जिस दिन कोहली के पिता की मृत्यु हुई, उसी दिन वो दिल्ली की रणजी टीम के लिए कर्नाटक के खिलाफ फिरोजशाह कोटला में मैच खेल रहे थे। कोहली को अपने पिता की मौत की खबर मिली। इस खबर ने उन्हें अंदर से पूरी तरह से झकझोर दिया, लेकिन उस समय संकट में पड़ी दिल्ली रणजी टीम का दामन वो छोड़ना नहीं चाहते थे। अपने पिता के साए के उठ जाने के दर्द को दिल में दबाकर विराट कोहली बल्लेबाजी के लिए उतरे और अपनी टीम की हार का टालने के बाद पिता के अंतिम संस्कार में गए।

2008 में अंडर-19 भारतीय टीम को बनाया विश्व चैंपियन

इसके कुछ समय बाद विराट कोहली को भारत की अंडर-19 टीम की कप्तानी मिली और भारतीय टीम विराट की अगुवाई में मलेशिया में आयोजित अंडर-19 विश्व कप के लिए गई। यहां भारत ने कोहली के नेतृत्व में कमाल का प्रदर्शन किया और फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को हराकर अंडर-19 विश्व कप का चैंपियन बनकर लौटी।

2009 में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए डेब्यू

दाएं हाथ के बल्लेबाज विराट कोहली को आखिरकार साल 2009 में टीम इंडिया का बुलावा आ गया। फिर क्या था, विराट कोहली ने 18 अगस्त 2009 को श्रीलंका के खिलाफ दाम्बुला में वनडे क्रिकेट के आगाज के साथ ही इंटरनेशनल क्रिकेट में एन्ट्री की।

वनडे में डेब्यू करने के बाद टी20 और टेस्ट में भी आगाज

वनडे क्रिकेट में विराट कोहली ने डेब्यू किया, जिसके 2 साल के इंतजार के बाद उन्हें टेस्ट क्रिकेट में खेलने का मौका मिला। साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किंग्सटन में कोहली ने टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत की। टेस्ट क्रिकेट में शुरुआत करने से पहले ही साल 2010 में विराट कोहली को टी20 में डेब्यू का मौका मिल गया था, जब वो जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने उतरे थे।

इसके बाद कोहली बनते गए विराट

भारत की तीनों ही फॉर्मेट की टीम में जगह बनाने के बाद तो विराट कोहली ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद कोहली मैदान में विराट कारनामों को अंजाम देते रहे। उन्हें साल 2011 की वनडे विश्व कप की टीम में भी चुना गया, जहां कोहली ने पहले ही मैच में शतकीय पारी खेली थी। वो भारत की विश्व चैंपियन टीम का हिस्सा रहे। कोहली इसके बाद लगातार जबरदस्त प्रदर्शन करते रहे और देखते ही देखते वो भारत के मोस्ट वैल्यूएबल खिलाड़ी बनने की कतार में जा खड़े हुए।

2012 में फिंगर दिखाने पर आए विवादों में

विराट कोहली अपने करियर में बहुत ही सफलता के साथ आगे बढ़ते जा रहे थे। युवा विराट कोहली लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे थे, जिनका बल्ला खूब बोल रहा था। इसी बीच कोहली के क्रिकेट करियर में पहला विवाद सामने आया, जब ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर उन्होंने एडिलेड टेस्ट मैच में दर्शकों को उंगली दिखाई थी। इसके बाद बड़ा बवाल खड़ा हुआ था।

2014 में विराट कोहली को मिली टेस्ट कप्तानी

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर अनफिट हो गए, जिससे विराट कोहली को एडिलेड टेस्ट में कप्तानी मिली, जहां कोहली ने दोनों ही पारियों में शतक जड़ा था। इसी सीरीज में तीसरे टेस्ट मैच के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने अचानक ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया, जिसके बाद कोहली को टेस्ट कप्तानी मिली। आज कोहली भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान हैं। कोहली अब तक 66 टेस्ट में कप्तानी कर चुके हैं, जो 39 मैचों में जीत हासिल करने में कामयाब रहे, केवल 16 टेस्ट हारे तो 11 मैच ड्रॉ पर खत्म हुए।

साल 2017 में मिली वनडे-टी20 की कप्तानी

विराट कोहली को टेस्ट की कप्तानी मिलने के बाद साल 2017 में धोनी के द्वारा सीमित ओवर की कप्तानी छोड़ने के बाद तीनों ही फॉर्मेट की कप्तानी मिल गई। कोहली ने सीमित ओवर की क्रिकेट में भी नायाब कामयाबी हासिल की। उन्होंने बतौर कप्तान कमाल दिखाया। कोहली ने 95 वनडे मैचों में कप्तानी की, जिसमें भारत ने 65 मैचों में जीत हासिल की तो केवल 27 मैच हारे हैं। टी20 इंटरनेशनल में 50 मैच में कप्तानी की, जहां 30 जीत, 16 हार के अलावा 4 मैच बिना परिणाम के रहे। कप्तानी में विराट कोहली ने खूब जलवा दिखाया, लेकिन बस उनके करियर में अब तक आईसीसी टूर्नामेंट्स की कसक बाकी रह गई।

बेजोड़ इंटरनेशनल करियर

विराट कोहली आज क्या हैं, ये उनके आंकड़े बोलते हैं। किसी एक फॉर्मेट में नहीं बल्कि कोहली ने अपने आपको तीनों ही फॉर्मेट का स्पेशलिस्ट के रूप में स्थापित किया। कोहली पिछले 13 साल से क्रिकेट के मैदान में धमाल मचा रहे हैं। तीनों ही फॉर्मेट में उनका बल्ला अनवरत बोला है, जो अपने करियर में शायद ही कभी फ्लॉप नजर आए। उन्होंने अब तक 254 वनडे मैचों की 245 पारियों में करीब 60 की औसत से 12169 रन बनाए हैं। जिसमें उन्होंने 43 शतक के साथ ही 62 अर्धशतकीय पारियां खेली हैं। इसके अलावा टी20 इंटरनेशनल करियर की बात करें तो वहां भी कोहली ने कमाल किया है, जिसमें वो वर्तमान तक 95 मैचों की 87 पारियों में 52.04 की जबरदस्त औसत के साथ 3227 रन बनाए हैं, जहां वो 29 फिफ्टी अपने नाम करने में कामयाब रहे। अब बात करें टेस्ट करियर की तो यहां भी वो 100 टेस्ट के करीब हैं, वहीं उनके नाम 50 से भी ज्यादा की औसत से 8 हजार के करीब रन हैं, जिसमें वो 27 शतकों के अलावा 28 फिफ्टी जड़ चुके हैं। यानी कोहली का तीनों ही फॉर्मेट में 50 से ज्यादा का औसत है और ऐसा करने वाले वो विश्व के इकलौते बल्लेबाज हैं।

रिकॉर्ड्स के सरताज हैं विराट कोहली

विराट कोहली ने अपने करियर में अभूतपूर्व कारनामों को अंजाम दिया है। उन्होंने अपने करियर में रिकॉर्ड्स की एक झड़ी सी लगा दी है। विराट कोहली के नाम कई विश्व रिकॉर्ड्स हैं तो कई रिकॉर्ड्स को वो आने वाले समय में तोड़ने के कगार पर खड़े हैं। यहां हम विराट कोहली के कुछ बेजोड़ रिकॉर्ड्स के बारे में बात करते हैं, देखिए:

–    वनडे क्रिकेट में विराट कोहली के नाम सबसे तेज 8 हजार रन (175 पारी), 9 हजार (194 पारी), 10 हजार (205 पारी), 11 हजार रन (222 पारी) और 12 हजार रन (242 पारी) में बनाए हैं।

–    इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज 8 हजार रन (137 पारी) बनाने वाले कप्तान

–    बतौर कप्तान एक टेस्ट में सबसे ज्यादा 200 या उससे ज्यादा रन (10 बार)

–    बतौर कप्तान पहली तीन टेस्ट पारी में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज

–    एक कैलेंडर ईयर में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा (6 शतक) वनडे शतक

–    भारत की तरफ से सबसे ज्यादा 7 टेस्ट दोहरे शतक

–    एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन ( 2818, 2017) बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज

–    टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा 7 बार मैन ऑफ द सीरीज जीतने वाले बल्लेबाज

–    किसी एक टीम के खिलाफ सबसे कम वनडे मैचों में सबसे ज्यादा शतक (9 बनाम श्रीलंका), सचिन के भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 वनडे शतक हैं, लेकिन सचिन ने इसके लिए 71 पारियां खेली।

–    वनडे क्रिकेट में कुल 43 शतक जिसमें भारत ने 35 शतकों पर हासिल की जीत

–    बतौर कप्तान सबसे ज्यादा इंटरनेशनल शतक(41 शतक)

–    भारत की तरफ से सबसे तेज वनडे शतक(52 गेंद बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2013)

सेंचुरी किंग से रिकॉर्ड किंग विराट कोहली

विराट कोहली ना केवल रन मशीन साबित हुए हैं, बल्कि उन्हें सेंचुरी मशीन भी कहा जाए तो गलत नहीं होगा। कोहली ने शतकों की झड़ी सी लगा दी। इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक सचिन तेंदुलकर के नाम हैं, जो 100 शतक लगाने में सफल रहे। उसी रिकॉर्ड की तरफ कोहली अग्रसर हैं। विराट ने वनडे में 43 और टेस्ट में 27 शतक लगाए हैं। यानी वो 70 शतक लगा चुके हैं। वैसे कोहली पिछले 2 साल से ज्यादा वक्त से तो कोई शतक ही नहीं लगा सके हैं, लेकिन फिर भी इतने शतक इतने कम समय के करियर में लगाना बहुत बड़ी उपलब्धि है।

2017 में अनुष्का संग रचाई शादी

विराट कोहली ने लंबे समय तक अफेयर के बाद आखिरकार साल 2017 में बॉलीवुड की अदाकारा अनुष्का शर्मा के साथ शादी के बंधन में बंध गए। विराट और अनुष्का शर्मा की शादी 11 दिसंबर 2017 को इटली में उनके करीबी रिश्तेदारों के समक्ष हुई। इसके बाद पिछले ही साल विराट-अनुष्का के घर में बेटी वामिका ने जन्म लिया था।

इन अवॉर्ड्स ने कोहली के करियर में लगाए चार चांद

कोहली को उनके कारनामों के लिए अब तक कई अवॉर्ड्स मिल चुके हैं, जिसमें साल 2012 और 2017 में वो आईसीसी बेस्ट वनडे प्लेयर ऑफ द ईयर चुने गए। इसके अलावा साल 2013 में कोहली को अर्जुन पुरस्कार दिया गया। वहीं, साल 2017 में पद्म श्री पुरस्कार और 2018 में उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अलावा आईसीसी ने साल 2017 की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीम के कप्तान के रूप में चुना था, तो वहीं वो 2012, 2014, 2016 और 2017 में आईसीसी वनडे टीम ऑफ द ईयर में चुने गए। 2017 में उन्हें बतौर कप्तान टीम में चुना गया था। इसके साथ ही 2020 में उन्हें आईसीसी मेन्स 2010-2020 की एक दशक के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के तौर पर सर गारफील्ड सोबर्स अवॉर्ड भी दिया गया।

आईपीएल का करियर एक नजर में

विराट कोहली ना केवल इंटरनेशनल क्रिकेट बल्कि आईपीएल में भी जबरदस्त बल्लेबाज साबित हुए। कोहली की बात करें तो वो आईपीएल में पहले ही सीजन से रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम का हिस्सा रहे। वो साल 2013 से 2021 तक आरसीबी के कप्तान भी रहे। उन्होंने पिछले ही सीजन से कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। उनके आईपीएल करियर पर नजर डालें तो वो अब तक 207 मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने करीब 130 के स्ट्राइक रेट और 37.39 के औसत से 6283 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 5 शतक और 42 अर्धशतक भी जड़े। इसके अलावा उनके नाम 85 कैच भी हैं।

इंस्टाग्राम पर विराट कोहली हैं किंग

सोशल मीडिया में सबसे पसंदीदा माध्यम इंस्टाग्राम पर विराट कोहली का कोई जवाब नहीं है। वो इंस्टाग्राम पर दुनिया में सबसे ज्यादा कमाई करने के मामले में 19वें स्थान पर हैं, तो भारत में वो पहले पायदान पर हैं। कोहली के इंस्टाग्राम पर 177 मिलियन फॉलोअर्स हैं और वो एक प्रोमोशन पोस्ट के लिए करीब 5 करोड़ रुपये की कीतम लेते हैं।

कमाई के भी किंग है कोहली

विराट कोहली आज भारत के सबसे रिचेस्ट स्पोर्ट्स पर्सन कहे जाते हैं। उनके पास आज के समय में कुल 638 करोड़ रुपये की संपत्ति हैं, लेकिन कथित तौर पर बात करें तो उनके पास 980 करोड़ रुपये का नेटवर्थ माना जाता है। वहीं, वो सबकुछ मिलाकर सालभर में करीब 130 करोड़ रुपये की कमाई आसानी से कर लेते हैं।

एक से एक लग्जरी कार के मालिक हैं कोहली

कोहली के पास कारों का जबरदस्त कलेक्शन है। कोहली आज के समय कई नामचीन कंपनियों की कारों के मालिक हैं। उनके पास Audi Q8,  Rang Rover Vogue, R8 V10 Plus, R8LMX, Audi RS5, Bentley Flying Spur और Bentley Continental GT जैसी कारों का कलेक्शन है।

आलीशान बंगले में रहते हैं विराट

मुंबई के वर्ली में विराट कोहली का एक आलीशान बंगला है। यहां वो 34 करोड़ रुपये की लागत से बने बंगले में अनुष्का और बेटी वामिका के संग रहते हैं।  इसके अलावा उन्होंने कुछ साल पहले हरियाणा के गुड़गांव में 80 करोड़ रुपये की कीमत का बंगला खरीदा है। कोहली का ये बंगला गुड़गांव स्थित DLF फेज 1 में है। 10 हजार स्क्वायर फीट में बना है।

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