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T20 World Cup 2022 की बेस्ट प्लेइंग इलेवन

टूर्नामेंट इंग्लैंड ने जीता मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में फाइनल में पाकिस्तान को हराकर, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अन्य टीम के खिलाड़ी अपनी पहचान नहीं बना पाए। इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान ये मुद्दा चर्चा में रहा कि किसी भी टीम/खिलाड़ी की खास तौर पर टी20 टेलेंट महत्वपूर्ण है या रन/विकेट का रिकॉर्ड? ड्रीम टीम चुनते हुए टी20 के लिए सही टेलेंट को महत्त्व दिया है। बाक़ी पसंद अपनी-अपनी ।

इस संदर्भ में विराट कोहली का नाम लेना जरूरी है जिन्होंने 6 मैच में 98.66 की औसत से 296 रन बनाए 4 फिफ्टी के साथ पर उन पर ये लेबल भी लगा कि एक टॉप बल्लेबाज के नाते उनका 136.40 का स्ट्राइक रेट आज की टी20 क्रिकेट की जरूरतों को पूरा नहीं करता- ख़ास तौर पर शुरू में जब वे ‘एंकर’ बन कर बैटिंग करते हैं। इसीलिए वे एक कामयाब टूर्नामेंट के बावजूद ड्रीम टीम में नहीं हैं। टीम देखिए :

  1. एलेक्स हेल्स (इंग्लैंड) : 6 मैच, 212 रन, 42.40 औसत, 147.22 स्ट्राइक रेट

इंग्लैंड के लिए सेमीफाइनल में जो रिकॉर्ड पार्टनरशिप की वह कमाल थी। इसी तरह श्रीलंका के विरुद्ध जो रन बनाए वे जरूरत के समय बड़े ख़ास थे। ऐसे टूर्नामेंट में जिसमें आम तौर पर ओपनर जूझते रहे उन्होंने 140+ स्ट्राइक रेट से 200 से ज्यादा रन बनाए। ये वर्ल्ड कप शुरू होने से कुछ दिन पहले तक उनकी इंग्लैंड टीम में जगह तक पक्की नहीं थी।

  1. जोस बटलर (इंग्लैंड) : 6 मैच, 225 रन, 45.00 औसत,144.23 स्ट्राइक रेट

इंग्लैंड के कप्तान ने साबित कर दिया कि वे इस समय वाइट बॉल क्रिकेट के लिए बिलकुल सही खिलाड़ी और कप्तान हैं। आईपीएल या अन्य मैचों में जो देख रहे थे उसे और नई ऊंचाई दी। न्यूजीलैंड के विरुद्ध 73 और भारत के विरुद्ध 80* दो ऐसी पारी थे जिनकी चर्चा हमेशा होगी। सेमीफाइनल में भारत के विरुद्ध इंग्लैंड की सनसनीखेज 10 विकेट की जीत ने ही उनकी टीम को टाइटल का फेवरेट बना दिया था।

  1. सूर्यकुमार यादव (भारत) : 6 मैच, 239 रन, 59.75 औसत, 189.68 स्ट्राइक रेट

इस शानदार रिकॉर्ड और टी20 के टॉप बल्लेबाज के तौर पर प्रदर्शन के बावजूद उन्हें इस बात की निराशा जरूर होगी कि ये टॉप फार्म भी भारत के लिए टाइटल न जीत पाई- वे
सेमीफ़ाइनल में फेल और भारत भी हार गया। भारत के अन्य टॉप आर्डर बल्लेबाज ‘एंकर’ बनकर जो नुक्सान करते रहे- सूर्य का स्ट्राइक रेट उसका असर कम करता रहा।

  1. ग्लेन फिलिप्स (न्यूजीलैंड) : 5 मैच, 201 रन, 40.20 औसत, 158.26 स्ट्राइक रेट

श्रीलंका के विरुद्ध शतक (104) और उस पारी में न्यूजीलैंड के लिए 60 प्रतिशत से ज्यादा रन उनके थे- और किसी ने तो 25 भी नहीं बनाए। इंग्लैंड के विरुद्ध मैच पलटा ही तभी जब वे 62 पर आउट हुए। टी20 क्रिकेट के लिए बिल्कुल सही बल्लेबाज और अब टी20 क्रिकेट के लीग बाजार में उनकी कीमत बढ़ेगी।

  1. बेन स्टोक्स (इंग्लैंड) : 6 मैच, 110 रन, 36.66 औसत, 105.76 स्ट्राइक रेट, 6 विकेट, 6.79 इकॉनमी रेट

विराट कोहली (98.66 औसत से 296 रन) की तुलना में बेन स्टोक्स का रिकॉर्ड गिनती में मात खता है और वे हर मैच में चमके भी नहीं पर दो ख़ास पारी खेले- श्रीलंका के विरुद्ध और फाइनल में। फाइनल में वे मैच विनर थे- बड़े मैच के लिए सही टेम्परामेंट के साथ खेलने वाला क्रिकेटर। हालांकि आईसीसी ने उन्हें अपनी टीम ऑफ द टूर्नामेंट में नहीं चुना पर वे इसके हकदार हैं। किफायती 6 विकेट बोनस।

  1. सिकंदर रजा (जिम्बाब्वे) : 8 मैच, 219 रन, 27.37 औसत, 147.97 स्ट्राइक रेट, 15.60 औसत से 10 विकेट, 6.50 इकॉनमी रेट

जिम्बाब्वे और उनके रिकॉर्ड को अलग-अलग करें तो पता चलता है कि अपनी टीम के लिए क्या किया? जिम्बाब्वे ने सिर्फ वही मैच जीते जिसमें वे प्लेयर ऑफ द मैच थे और एक वक्त तो उनकी टीम, उनकी बदौलत, सेमीफाइनल तक पहुंचने का सपना देख रही थी पर नीदरलैंड से हार ने गड़बड़ कर दी। पाकिस्तान के विरुद्ध डर्बी में उनके 3-25 अपसेट के लिए जिम्मेदार
थे। एक कमजोर टीम के टॉप क्रिकेटर जो पूरे साल खेल तक नहीं पाते।

  1. शादाब खान (पाकिस्तान) : 7 मैच, 98 रन, 24.50 औसत,168.96 स्ट्राइक रेट, 15.00 औसत से 11 विकेट, 6.34 इकॉनमी रेट

सिकंदर रजा के साथ इस समय दुनिया के सबसे बेहतर टी20 ऑलराउंडर के टाइटल लिए मुकाबला करते हैं। सिकंदर बल्लेबाज ज्यादा- शादाब गेंदबाज ज्यादा। तब भी विस्फोटक और दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध 52 बनाकर टीम को 13वें ओवर के आखिर में 95-5 से 185-9 तक ले गए। वहीं से इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के मुकाबले में टर्निंग पॉइंट आया।

  1. एनरिक नोर्खिया (दक्षिण अफ्रीका) : 5 मैच, 8.54 औसत से 11 विकेट, 5.37 इकॉनमी रेट

दक्षिण अफ्रीका के लिए रबाडा की ख़राब फार्म की कमी को पूरा किया। 12 ओवर से ज्यादा गेंदबाजी करने वालों में उनका रिकॉर्ड औसत और इकॉनमी रेट में सबसे बेहतर।

  1. सैम करन (इंग्लैंड) : 6 मैच, 11.38 औसत से 13 विकेट, 6.52 इकॉनमी रेट

हैरानी है- आईसीसी ने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट तो चुन लिया पर अपनी टीम ऑफ़ द टूर्नामेंट में नहीं चुना। 85 मील प्रति घंटे की तेजी, दुनिया के सबसे अच्छे टी20 तेज गेंदबाज में से एक और फ़ाइनल से बेहतर इसका सबूत और क्या होगा? संयोग से टीम में एक जगह के लिए अपनी ही टीम के मार्क वुड (4 मैच में 9 विकेट) से उनका मुकाबला था।

10. शाहीन अफरीदी (पाकिस्तान) : 7 मैच, 14.09 औसत से 11 विकेट, 6.15 इकॉनमी रेट

बाबर आजम ने पाकिस्तान की टाइटल हार की जो वजह बताईं उनमें से एक थी- शाहीन का चोटिल होना और अपना कोटा तक पूरा नहीं किया। ये है उनकी गेंदबाजी का असर और उनके 11 विकेट पाकिस्तान के टर्निंग पॉइंट के तौर पर बड़े खास थे। अगर वह फिट रहते तो न जाने फाइनल के नतीजे को कैसे याद करते?

11. अर्शदीप सिंह (भारत) : 6 मैच, 15.6 औसत से 10 विकेट, 7.8 इकॉनमी रेट

अर्शदीप का पहला टी20 वर्ल्ड कप था ये और लगभग हर मैच में, दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाज भी उन्हें आराम से खेल नहीं पाए : बाबर आजम-मोहम्मद रिजवान से लेकर एलेक्स हेल्स- जोस बटलर तक। इस वर्ल्ड कप की भारत की उपलब्धियों में से एक और इससे बड़ी बात और क्या होगी कि आईसीसी ने अपनी टीम ऑफ़ द टूर्नामेंट में चुना।

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