टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने डब्ल्यूटीसी फाइनल में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया, जिसके कारण कीवी टीम ने उन्हें 8 विकेट से करारी शिकस्त दी।

साउथेम्प्टन के रोज बाउल मैदान पर खेले गए आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 8 विकेट से पराजित करते हुए डब्ल्यूटीसी की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। कीवी टीम से मिली करारी हार के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने इशारों-इशारों में टेस्ट टीम में बदलाव लाने की बात कही है। कोहली ने कहा कि प्रदर्शन के आकलन के बाद सही लोगों को लाया जाएगा, जो कि बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सही मानसिकता के साथ मैदान में उतरें।

टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने डब्ल्यूटीसी फाइनल में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया, जिसके कारण कीवी टीम ने उन्हें 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। हालांकि, इस दौरान कोहली ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि कुछ खिलाड़ियों में रन बनाने का जज्बा नहीं दिखाई दिया।

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32 साल के भारतीय कप्तान ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम आत्मंथन करते रहेंगे और इस पर बात होती रहेगी कि टीम को मजबूत बनाने के लिए क्या करना चाहिए। एक ही ढर्रे पर नहीं चलेंगे। हम एक साल तक इंतजार नहीं करेंगे। आप हमारी सीमित ओवर्स की टीम देखें तो हमारे पास गहराई है और खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी इसकी जरूरत है।”

विराट कोहली ने आगे कहा, “हमें नए सिरे से समीक्षा करके योजना बनानी होगी और यह समझना होगा कि टीम के लिए क्या असरदार है और हम कैसे निडर खेल सकते हैं। सही लोगों को लाना होगा, जो अच्छे प्रदर्शन की सही मानसिकता के साथ उतरें। हमें इस पर काम करना होगा कि रन कैसे बनाए जाएं। हमें मैच को अपने हाथ से निकलने नहीं देना है। मुझे नहीं लगता कि कोई तकनीकी परेशानी है।”

दाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, “यह जागरूकता की तरफ गेंदबाजों का निडर होकर सामना करने की बात है। गेंदबाजों को लंबे समय तक एक ही जगह गेंदबाजी के मौके नहीं देने हैं, बशर्ते गेंद जबर्दस्त स्विंग नहीं ले रही हो जैसा पहले दिन हुआ था।”

कोहली ने बल्लेबाजों से सुनियोजित जोखिम लेने और क्रीज पर डटे रहने के बीच संतुलन बनाने को लेकर कहा, “फोकस रन बनाने पर होना चाहिए, विकेट गंवाने की चिंता पर नहीं। इसी तरह से विरोधी टीम पर दबाव बना सकते हैं वरना आप आउट होने के डर से खेलेंगे। आपको सुनियोजित जोखिम लेना ही होगा।”