बर्थडे स्पेशल: चेस के 'चैंपियन' के पास आगे बढ़ने के लिए नहीं था पैसा तो ऐसे बने टीम इंडिया के 'चतुर' चहल.

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल आज अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनका जन्म 23 जुलाई 1990 को हरियाणा के जींद में हुआ था. अपनी चतुर गेंदबाजी से विपक्षियों को चकमा देने वाले चहल शतरंज के भी माहिर खिलाड़ी हैं. उनके बारे में ये बात कम ही लोग जानते होंगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चहल अंडर-12 में राष्ट्रीय शतरंज चैंपियन रहे हैं. इतना ही नहीं, वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई शतरंज प्रतियोगिताओं में भी भाग ले चुके हैं. चेस में आगे बढ़ने के लिए चहल को उस समय धनराशी की ज़रुरत थी, लेकिन उन्हें कोई स्पोंसर नहीं मिला. इसके बाद ये खिलाड़ी क्रिकेट के करीब आता गया.

टीम इंडिया में जगह बनाने से पहले दाएं हाथ के इस फिरकी गेंदबाज ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से अपनी पहचान बनाई थी. चहल ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए खेलते हुए बल्लेबाजों को अपनी गुगली में फंसाना शुरू किया और देखते ही देखते उन्हें भारत की राष्ट्रीय टीम में जगह भी मिल गई.

उन्होंने एक बार कहा था, “शतरंज ने मुझे संयम बरतना सिखाया. आपको संयमित होने की जरूरत होती है. शतरंज ने इसमें मेरी काफी मदद की है. मैंने धैर्य बरतकर बल्लेबाज को आउट करना सीखा.”

चहल हमेशा अपनी चतुराई से विपक्षियों को छकाते रहे हैं. इसमें कोई दो राय नहीं है कि चहल के आने के बाद से भारतीय टीम का स्पिन आक्रमण काफी मजबूत हुआ है.

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