भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने पहली बार इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए भारतीय टीम का बचाव किया है।

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मुकाबलों की टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच के रद्द होने के बाद अभी भी विवाद जारी है। कुछ लोग मैनचेस्टर टेस्ट नहीं खेलने को लेकर भारतीय टीम की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। वे इसे आईपीएल के साथ जोड़कर भारतीय खिलाड़ियों पर आरोप लगाते दिख रहे हैं। इसी बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने पहली बार इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए भारतीय टीम का बचाव किया है। इससे पहली कई पूर्व क्रिकेटर्स भी टीम इंडिया का समर्थन कर चुके हैं।

दादा ने द टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में इस बात को स्वीकारते हुए कहा कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने सीरीज का पांचवा टेस्ट खेलने से इनकार कर दिया था। 49 साल के पूर्व कप्तान ने कहा, “खिलाड़ियों ने खेलने से मना कर दिया था, लेकिन इसके लिए आप उन्हें दोष नहीं दे सकते। फिजियो योगेश परमार खिलाड़ियों के संपर्क में थे। नितिन पटेल के आइसोलेशन में जाने के बाद वे ही एक फिजियो बचे थे।”

गांगुली ने आगे कहा, “योगेश खिलाड़ियों का मसाज करते थे, जो उनके रोजमर्रा जीवन का हिस्सा था। खिलाड़ियों को जब मालूम पड़ा कि योगेश को कोरोना हो गया तो वे घबरा गए थे। उन्हें डर था कि कहीं वे भी ना संक्रमित हो जाएं। बबल में रहना आसान नहीं है। आपको प्लेयर्स की भावनाओं का सम्मान करना होगा।”

इसके अलावा बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि वे इस मुद्दे में और इंतजार कर रहे हैं और इसके बाद ही रद्द हुए मैनचेस्टर टेस्ट मुकाबले पर चर्चा की जा सकती है। सौरव गांगुली ने कहा, “ओल्‍ड ट्रैफर्ड टेस्‍ट रद्द हो गया है। ईसीबी के लिए आसान नहीं होगा, क्‍योंकि उन्‍हें आर्थिक रूप से भारी नुकसान हुआ है। चीजों को ठीक होने दीजिए। फिर हम इस मामले पर बात करेंगे और कोई फैसला करेंगे। यह चाहे अगले साल हो या फिर केवल एक मैच हो, लेकिन अब यह सीरीज का हिस्‍सा नहीं रहेगा।”

Leave a comment