कूड़ा फेंक कर मुश्किल में फंस गए अजय जडेजा!

कभी-कभी क्रिकेटर कुछ ऐसा कर जाते हैं कि सोचते होंगे कि काश ऐसा न किया होता। कोई छोटी सी बात या हरकत, जब उन्हें फ़िज़ूल में ख़बरों में ले आती है और बदनाम करती है तो जरूर ऐसा सोचते होंगे।

अब सबसे नया किस्सा ले लीजिए। भारत के पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा, नॉर्थ गोवा के खूबसूरत एल्डोना गांव में एक बंगले के मालिक हैं और ज्यादातर वहीं रहते हैं। उन पर आरोप लगा कि वे अपने घर का कूड़ा पड़ोसी गांव नचिनोला में फैंक आते हैं। असल में हुआ ये कि उस गांव में सफाई का बड़ा ध्यान रखा जाता है, लेकिन वे इस बात से पिछले कई दिनों से परेशान थे कि कोई गांव के बाहर अकसर ही कूड़ा फैंक जाता है। कौन? ये पता नहीं लग रहा था। इसलिए गांव के कुछ युवा लड़कों ने शर्म छोड़कर तय किया कि वे कूड़े का पैकेट खोलेंगे तो शायद फेंकने वाले का कोई सुराग मिल जाए। वही किया और हर पैकेट में कोई न कोई ऐसा कागज़ मिल गया, जिस पर अजय जडेजा का नाम लिखा था।

गांव के सरपंच ने सीधे अजय जडेजा से बात की और वे गलती मान गए। कूड़ा यूं फेंकने के लिए उन पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया, जो क्रिकेटर ने बिना हंगामे के अदा कर दिया। अजय जडेजा को लगा होगा कि ये मामला यहीं ख़त्म हो गया पर किसी ने ये खबर लीक कर दी और इन दिनों चर्चाओं से दूर अजय जडेजा खबरों में आ गए।

एल्डोना गांव में कई मशहूर हस्तियों के घर हैं।

अब सुरेश रैना को ही ले लीजिए। वे 2020 के आख़िरी दिनों में मुंबई के एक क्लब में एक पार्टी में हिस्सा लेने के लिए गिरफ्तार किए गए और बाद में जमानत पर रिहा हो गए। आरोप लगा कि वह कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़ रहे थे। बाद में रैना की टीम ने बयान जारी कर उनकी तरफ से सफाई दी कि वे एक शूटिंग के लिए मुंबई में थे। शूटिंग देर रात तक चली और उसके बाद वे एक दोस्त के साथ डिनर के लिए चले गए। उन्हें तब वहां लागू प्रोटोकॉल के बारे में पता नहीं था और इसलिए गलती हो गई।

प्रवीण कुमार कई बार अपने गुस्से वाले रवैये के लिए मुसीबत में फंसे। एक बार तो उनके पड़ोसी ने उन पर आरोप लगाया कि उन्हें और उनके बेटे को पीट दिया। 2019 के इस मामले में, शिकायत में कहा गया कि प्रवीण शराब के नशे में थे और पहले तो एक बस ड्राइवर के साथ झगड़ा किया और बाद में अपने पड़ोसी और उसके बेटे के साथ झगड़े के बाद दोनों को बुरी तरह पीट दिया।

ऐसे आरोप के पीछे मामला कुछ भी रहा हो- एक बार तो नाम सुर्ख़ियों में चमक ही जाता है। अब 2015 की एक घटना विनोद कांबली से जुड़ी। उनके घर में हेल्प के तौर पर काम करने वाली सोनी सरसल नाम की एक महिला ने आरोप लगाया कि कांबली और उन की पत्नी ने उसे घर वापस नहीं आने दिया और जबरदस्ती तीन दिनों तक रोके रखा। वे कहती हैं कि उन्होंने अपने काम के पैसे मांगे जिस पर कांबली नाराज़ हो गए और दोनों ने उसे पीटा भी था।

कांबली की पत्नी एंड्रिया हेविट ने सफाई दी, “हमारी हेल्प, हमारी गैर मौजूदगी में ड्रग्स लेती थी। एक बार पकड़ी गई तो हमने उसे काम से हटा दिया। इसलिए उसने हमारे खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया।”

अब पाकिस्तान के बल्लेबाज उमर अकमल को ही लीजिए। वे अपनी कार पर बिना इजाजत फैंसी नंबर प्लेट लगाने के मामले में फँस गए। इतना ही नहीं, इससे पहले फिरदौस में ट्रैफिक पुलिस के साथ मारपीट का आरोप भी लगाया गया था। एक बार गद्दाफी स्टेडियम में गेटकीपर के साथ लड़ाई कर ली जबरदस्ती अपनी कार अंदर ले जाने के लिए।

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