भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल हारने के बाद बयान दिया था कि बल्लेबाजों ने रन बनाने का जज्बा नहीं दिखाया था। अब पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने कप्तान कोहली के इसी बयान पर अपनी राय रखी है। उनके अनुसार, आक्रामक बल्लेबाजी को हमेशा सही नहीं माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों की प्रतिभा अलग-अलग है और जो काम पुजारा कर सकते हैं वो पंत नहीं कर सकते हैं।

न्यूजीलैंड के विरुद्ध डब्ल्यूटीसी फाइनल में मिली शिकस्त के बाद कप्तान कोहली ने कुछ बल्लेबाजों के इरादों पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि टीम इंडिया को सही मानसिकता वाले खिलाड़ियों की आवश्यकता है। इतना ही नहीं विराट ने इशारों-इशारों में टीम में बदलाव करने के भी संकेत दिए थे।

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दरअसल, एक फैन ने आकाश चोपड़ा से उनके यूट्यूब चैनल पर सवाल पूछा कि क्या आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे को टीम से बाहर कर दिया जाएगा। इस पर 43 साल के पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने जवाब देते हुए कहा, “मुझे इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि पुजारा और रहाणे के लिए इंग्लैंड सीरीज काफी अच्छी जाएगी, लेकिन सबका अपना खेलने का तरीका होता है। हमें सबके तरीके का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि जो चीज पुजारा कर सकते हैं वो पंत नहीं कर पाएंगे। वैसे ही जो काम रहाणे कर सकते हैं वो चीज विराट कोहली से आपको नहीं मिल सकती है।”

आकाश चोपड़ा का मानना है कि भारतीय कप्तान इन खिलाड़ियों की तरफ इशारा नहीं कर रहे थे। दाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज ने कहा, “चलो देखते हैं क्या होता है। मुझे नहीं लगता कि वे पुजारा और रहाणे के बारे में बात कर रहे थे कि उन्होंने धीमी पारियां खेली हैं। शायद वे अलग तरह की सोच के बारे में बात कर रहे थे। मुझे नहीं लगता कि वे पुजारा और रहाणे को लेकर बात कर रहे थे।”

चेतेश्वर पुजारा ने डब्ल्यूटीसी फाइनल की दोनों पारियों में कुल 23 रन बनाए थे, जबकि रहाणे ने पहली पारी में 49 रन बनाए थे और दूसरी पारी में सिर्फ 15 रन बनाए थे। अब इंग्लैंड के विरुद्ध पांच मुकाबलों की आगामी टेस्ट सीरीज मेंदोनों दिग्गज बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर सबकी नज़रें रहेगी।