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शिखर धवन और पृथ्वी शॉ भी इस लिस्ट में शामिल हैं.

भारतीय क्रिकेट टीम में हमेशा से ही दिग्गज से दिग्गज खिलाड़ियों का बोलबाला रहा है. टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा मैच (200) खेलने वाला, सर्वाधिक रन (15921) बटोरने वाला, सर्वाधिक शतक (51) ठोंकने वाला बल्लेबाज भी भारत के ही पास है. जी हां, हम बात कर रहे हैं महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की, जिनके नाम आज भी कई बड़े रिकॉर्ड्स दर्ज हैं. उनके अलावा भी कई ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिनके नाम टेस्ट क्रिकेट में बड़े-बड़े कीर्तिमान हैं.

बहरहाल, आज हम ऐसे 5 भारतीय प्लेयर्स की बात करेंगे, जिन्होंने अपने पहले ही टेस्ट (डेब्यू टेस्ट) में शानदार प्रदर्शन के बलबूते मैन ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम किया है. कौन से हैं वे खिलाड़ी, आइये नज़र डालते हैं:

प्रवीण आमरे

इस फेहरिस्त में पहला नाम पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रवीण आमरे का है. उन्होंने 1992 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में खेले गए टेस्ट मैच में डेब्यू किया था. आमरे ने अपने पहले ही टेस्ट में मेजबानों के विरुद्ध 103 रनों की पारी खेली थी. भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया यह मैच ड्रॉ रहा था. प्रवीण आमरे ने 11 टेस्ट में 42.5 के औसत के साथ 425 रन बनाए. हालांकि, उनका टेस्ट करियार लंबा नहीं खिंच सका.

आरपी सिंह

टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में शानदार गेंदबाजी के बलबूते सनसनी फैला दी थी. उन्होंने साल 2006 में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद में टेस्ट डेब्यू किया था. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के 4 बड़े बल्लेबाजों के विकेट झटके थे. उन्होंने शोएब मलिक (19), यूनिस खान (83), मोहम्मद युसूफ (65) और अब्दुल रज्जाक (37) को अपना शिकार बनाया था. हालांकि, यह टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था. आरपी सिंह को इस मैच में 5 विकेट हासिल हुए थे. उन्हें इसके लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया था.

रविचंद्रन अश्विन

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर्स में से एक रविचंद्रन अश्विन का नाम इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है. दिग्गज ऑफ स्पिनर अश्विन ने साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में खेले गए टेस्ट मैच में डेब्यू किया था. इस मैच में उन्होंने 9 विकेट चटकाए थे. अश्विन ने 3 विकेट पहली पारी में और 6 विकेट दूसरी पारी में हासिल किए थे. इस दौरान उन्होंने मेहमान टीम की बल्लेबाजी की कमर तोड़कर रख दी थी. टीम इंडिया ने इस मैच को 5 विकेट से जीत लिया था. अश्विन को मैन ऑफ द मैच चुना गया था. इतना ही नहीं, उन्हें सीरीज समाप्ति के बाद मैन ऑफ द सीरीज के खिताब से भी नवाज़ा गया था.

शिखर धवन

भारतीय क्रिकेट टीम के गब्बर कहे जाने वाले धाकड़ सलामी बल्लेबाज शिखर धवन इस फेहरिस्त में चौथे स्थान पर हैं. उन्होंने साल 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पंजाब में खले गए टेस्ट में डेब्यू किया था. धवन ने इस मैच में 174 गेंदों में 187 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी. भारत के लिए पदार्पण टेस्ट में सबसे तेज शतक और सबसे बड़ी पारी खेलने का यह विश्व रिकॉर्ड आज भी धवन के नाम दर्ज है. इस तरह धवन ने अपने पहले ही टेस्ट में मैन ऑफ द मैच का खिताब हासिल किया. मेजबानों ने इस मुकाबले में कंगारुओं को 6 विकेट से रौंदा था.

रोहित शर्मा

भारतीय क्रिकेट टीम के हिटमैन यानी रोहित शर्मा को दुनिया के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में शामिल किया जाता है. उन्होंने साल 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में डेब्यू किया था. इस मैच में उन्होंने छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 177 रनों की शानदार पारी खेली थी. रोहित ने इस दौरान 301 गेंदों का सामना किया था. उन्होंने 23 चौके और 1 छक्का लगाया था. इसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाज़ा गया था. भारत ने इस मैच को एक पारी और 51 रनों से जीता था.

पृथ्वी शॉ

भारतीय टीम के भविष्य के सचिन तेंदुलकर कहे जाने वाले सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने अपने पहले ही टेस्ट में शानदार शतक ठोंका था. उन्होंने साल 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ राजकोट में डेब्यू करते हुए 154 गेंदों में 134 रन बनाए थे. उन्होंने लगभग 87 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की थी. उनकी इस पारी में 19 चौके शामिल थे. शॉ ने, जब टेस्ट में डेब्यू किया था तब उनकी उम्र 18 साल 329 दिन थी. शॉ की इस पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को एक पारी और 272 रनों से पटखनी दी थी. शॉ ने अब तक 5 टेस्ट में 42.37 के औसत से 339 रन बनाए हैं.

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