5 कारण, जिनके चलते बाबर आजम कभी विराट कोहली नहीं बन पाएंगे.

पाकिस्तान टीम के कप्तान बाबर आज़म को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिना जाता है. क्रिकेट के जानकार उनकी तुलना अक्सर विराट कोहली से करते नज़र आते हैं. इतना ही नहीं, बाबर आज़म को पाकिस्तान का ‘विराट कोहली’ भी कहा जाता है. एक तरफ जहां, बाबर ने साल 2015 में अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी तो वहीं, विराट साल 2008 से इंटरनेशनल क्रिकेट में सक्रिय हैं.

ऐसे में कोहली को टीम इंडिया के लिए खेलते हुए एक दशक पूरा हो चुका है, जबकि बाबर को पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करते हुए 6 साल हो गए हैं, लेकिन आज हम ऐसे 5 बड़े कारणों की बात करेंगे, जिनके चलते बाबर आज़म विराट कोहली नहीं बन पाएंगे. देखिए:

बाबर आज़म खुद को विराट कोहली की टक्कर का नहीं मानते

बाबर आज़म खुद को विराट कोहली की टक्कर का नहीं मानते

भले ही क्रिकेट के प्रचंड पंडित बाबर की तुलना कोहली से करते रहते हों, लेकिन बाबर खुद को कोहली की टक्कर का नहीं मानते हैं. दरअसल, बाबर आज़म ने कुछ साल पहले कहा था कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि वह विराट कोहली की टक्कर के बल्लेबाज हैं. बाबर का मानना था कि उन्होंने अभी सिर्फ शुरुआत की है, जबकि कोहली बहुत कुछ हासिल कर चुके हैं, जो उन्हें हासिल करना अभी बाकी है. इतना ही नहीं, पाकिस्तान टीम के कप्तान ने इस साल अप्रैल में बड़ा खुलासा करते हुए कहा था, “मैंने कोहली से बात की थी. उन्होंने मुझसे नेट्स सेशन्स को गंभीरता से लेने को कहा था. अगर आप नेट्स में खराब शॉट मारकर आउट हो रहे हैं, तो मैच में भी आप वैसा ही करेंगे.”

बाबर को कोहली तक पहुंचने के लिए अभी लंबा सफर तय करना होगा

बाबर को कोहली तक पहुंचने के लिए अभी लंबा सफ़र तय करना होगा

एक तरफ जहां, बाबर ने साल 2015 में अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी तो वहीं, विराट साल 2008 से इंटरनेशनल क्रिकेट में सक्रिय हैं. कोहली अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अभी तक 70 शतक, 22 हज़ार से ज्यादा रन बना चुके हैं. कोहली टेस्ट, टी20 आई और वनडे में 50 से ज्यादा का औसत रखने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं, जबकि बाबर ने अब तक लगभग 8500 रन ही बटोरे हैं. उनके खाते में महज 20 शतक हैं. यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि बाबर को कोहली तक पहुंचने के लिए अभी और सफ़र तय करना होगा और ढेर सारे रन बनाने होंगे.

बाबर आज़म को खुद को दबाव की स्थिति से निकालना सीखना होगा

बाबर आज़म को खुद को दबाव की स्थिति से निकालना सीखना होगा

हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ संपन्न तीन मुकाबलों की एकदिवसीय सीरीज के शुरुआती दो मैच में देखा गया था कि बाबर दबाव के चलते सस्ते में आउट हो गए थे. उन्हें तेज गेंदबाज साकिब महमूद ने दोनों ही बार अपना शिकार बनाया था. इससे पहले भी दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को प्रेशर सिचुएशन में अपना विकेट सस्ते में गंवाते देखा गया है, जबकि विराट कोहली, जितने दबाव में होते हैं वे उतना ही शानदार खेल दिखाते हैं. बाबर को अपनी इस कमी से पार पाना होगा.

बाबर आज़म को डॉट बॉल प्रतिशत और शॉट सेलेक्शन में सुधार करने की है ज़रुरत

बाबर आज़म को डॉट बॉल प्रतिशत और शॉट सेलेक्शन में सुधार करने की है ज़रुरत

बाबर भले ही चौके और छक्कों की मदद से अधिक रन बनाते हों, लेकिन एक कमी ऐसी भी है, जिसे उन्हें दूर करने की ज़रुरत है. बाबर को ज़्यादातर गेंद खाली निकालते और स्ट्राइक नहीं रोटेट करते देखा जाता है. उनकी इस खामी पर पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने कहा था, “पाकिस्तानी बल्लेबाज को दुनिया के टॉप बल्लेबाजों को देखने और उनसे यह सीखने की जरूरत है. उन्हें डॉट बॉल प्रतिशत में सुधार करने की आवशयकता है. अकरम के अलावा आमिर सुहैल ने कहा था, “एक समय ऐसा आता है, जब रन बनाने मुश्किल हो जाते हैं. बाबर के 40 फीसदी रन चौकों से आते हैं. इसलिए बाबर को सिंगल्स और डबल्स लेना सीखना होगा.” पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज रमीज़ राजा ने बाबर पर निशाना साधते हुए कहा था कि अगर उन्हें बड़ा बल्लेबाज बनना है तो पहले बल्लेबाजी तकनीक में सुधार लाने की ज़रुरत है. उन्होंने बाबर की ड्राइव में खामी बताई थी.

वहीं, विराट कोहली सिंगल्स, डबल्स रन के साथ-साथ बाउंड्री लगाने पर भी ध्यान देते हैं. कोहली की कोशिश होती है कि हर गेंद पर रन आए.

SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में टेस्ट में करना होगा बेहतरीन प्रदर्शन

SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में टेस्ट में करना हो बेहतरीन प्रदर्शन

बाबर आज़म को अगर विराट कोहली बनना है तो उन्हें भी भारतीय कप्तान की तरह सेना देशों में ज़बरदस्त प्रदर्शन करना होगा. दरअसल, क्रिकेट में टेस्ट प्रारूप का दर्जा सबसे बड़ा माना जाता है, इसलिए बाबर को इस फॉर्मेट में जमकर रन बनाने होंगे. कोहली ने सेना देशों में 32 टेस्ट मुकाबलों में 46.59 के बेहतरीन औसत से 2889 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 11 शतक ठोंके हैं. ऐसे में पाकिस्तानी टीम के कप्तान को भी कोहली की तरह SENA कंट्रीज में रन बनाकर खुद को साबित करना होगा.

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