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5 वजह, जो साफ़ इशारा दे रही हैं कि बेन स्टोक्स की गैर मौजूदगी में इंग्लैंड को मोईन अली की जरूरत है.

हालांकि, इंग्लैंड ने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट ड्रॉ किया पर इंग्लैंड वाले भी ये मान कर चल रहे हैं कि टेस्ट के आख़िरी दिन वे बैक फुट पर थे और बरसात ने उनकी मदद की, जो भी कमी रहीं इंग्लैंड के खेल में उसमें ज्यादातर विशषज्ञों की राय यही है कि बेन स्टोक्स की गैर मौजूदगी ने टीम का संतुलन बिगाड़ दिया। आखिर 71 टेस्ट में 4631 रन बनाने और 163 विकेट लेने वाले क्रिकेटर की कमी कोई आसान है क्या? टीम का संतुलन जरूरी है तभी तो भारत ने अश्विन को बेंच पर बैठा कर जडेजा को खिला दिया।

इसीलिए इंग्लैंड टीम के कैंप से साफ़ संकेत मिल रहे हैं कि लॉर्ड्स टेस्ट में मोईन अली खेलेंगे। क्या वास्तव में टीम में उनके लिए जगह है क्योंकि स्टोक्स पेसर ऑलराउंडर थे और मोईन स्पिनर ऑलराउंडर हैं। वे कौन सी 5 वजह हैं जिन की चर्चा जरूरी है मोईन की टीम में मौजूदगी की बात करते हुए?

मोईन अली का अनुभव

स्टोक्स के 71 टेस्ट में 4000+ रन और 150+ विकेट – इनकी बराबरी तो कोई नहीं कर सकता पर मोईन ने 61 टेस्ट में 2831 रन बनाए हैं और 189 विकेट लिए हैं। जैसे ही टीम में शामिल किए जाने का संकेत मिला मोईन ने एकदम कह दिया कि वे खेलने के लिए उपलब्ध हैं, ये सोचे बिना कि हाल के महीनों में उनके बारे में क्या क्या कहा गया। जब इस साल के शुरू में भारत में टेस्ट टीम में आए, एक मैच के लिए, तो इंग्लैंड को उसके बाद टीम को उनकी सख्त जरूरत थी। जो रुट की स्टेटमेंट थी कि मोईन वापस चले गए जबकि वास्तव में सेलेक्टर्स की रोटेशन पॉलिसी ने उन्हें वापस बुला लिया था। वापस लौटने के लिए उनकी फ़िज़ूल में आलोचना हुई। एक बेहतर टीम मैन और उनकी मौजूदगी से ही टीम के एक्शन में जान पड़ जाएगी।

टीम में स्पिनर की जरूरत

इंग्लैंड जूझ रहा है कि कैसे एक स्पिनर को टीम में फिट करें ? बेन स्टोक्स और क्रिस वोक्स खेल नहीं रहे और एशिया के सर्दियों के टूर में विकेट लेने वाले स्पिनर जैक लीच को अभी तक इस समर में खिलाया नहीं है, इस डर से कि टेल लंबी हो जाएगी। मोईन के कॉल-अप से रूट को 189 टेस्ट विकेट वाले स्पिन- ऑलराउंडर को खिलाने का विकल्प मिल जाएगा। वैसे भी लॉर्ड्स की पिच उन्हें रास आती है- यहां 32.66 रन प्रति विकेट दिए हैं जबकि टेस्ट करियर रिकॉर्ड 36.24 रन प्रति विकेट है। अपना टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी इसी ग्राउंड में किया- चार साल पहले दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध 53 रन देकर 6 विकेट। यह एक रहस्य है कि मोईन को पिछली सर्दियों में चेन्नई में हुई गलतफहमी के बाद से अब तक क्यों नजरअंदाज किया पर अब इंग्लैंड एशेज की स्कीम भी बना रहा है।

मोईन एक ऑलराउंडर है और इसका फायदा है

एक स्पिन-गेंदबाजी ऑलराउंडर, जिसकी टेस्ट क्रिकेट में सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए औसत 37 है- इससे बेहतर विकल्प क्या होगा? इसका मतलब यह होगा कि विकेटकीपर जोस बटलर को नंबर 6 पर प्रोमोट करेंगे हालांकि उनकी फार्म को देखते हुए ये सही नहीं पर मोईन के नंबर 7 पर खेलने से भारत की परेशानी बढ़ जाएगी।

क्या मोईन कोविड प्रोटोकॉल के तहत एकदम खेल सकते हैं?

मोईन श्रीलंका गए तो वहां कोविड -19 इंफेक्शन हो गया और परिवार से हजारों मील दूर अकेले आइसोलेशन में रहे। इस सीरीज के लिए शुरू से वे इंग्लैंड टीम में नहीं चुने गए पर कोविड -19 प्रोटोकॉल उन्हें लॉर्ड्स में खेलने से नहीं रोकता क्योंकि वह ऑफिशियल स्टैंडबाय हैं और बर्मिंघम फीनिक्स के लिए खेलते हुए बायो बबल में हैं।एक बायो बबल से दूसरे में जाना होगा।

वह फॉर्म में है

सबसे बड़ी बात वे फार्म में हैं और ‘द हंड्रेड’ में बड़ा अच्छा खेल रहे हैं। जिस दिन इंग्लैंड टीम में आने की खबर मिली, उसी दिन 28 गेंद में 59 रन बनाए और बर्मिंघम फीनिक्स ने वेल्श फायर को हराया।मोईन अली का आखिरी घरेलू टेस्ट 2019 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध एजबेस्टन में था।

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