इन भारतीय क्रिकेटर ने रोहित शर्मा के बाद किया था वनडे में डेब्यू, लेकिन अब ले चुके हैं संन्यास

टीम इंडिया के स्टार सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा का नाम दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों में गिना जाता है। हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित ने वनडे प्रारूप में शानदार रिकॉर्ड्स बनाए हैं और इन्हें हासिल करना किसी भी दूसरे बल्लेबाज के लिए नाममुकिन है। रोहित क्रिकेट इतिहास में तीन वनडे दोहरा शतक लगाने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। 34 साल के दाएं हाथ के बल्लेबाज के नाम एकदिवसीय मुकाबलों में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड भी दर्ज है और साथ ही वे पांच बार आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाले एकमात्र कप्तान भी हैं।

एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पहला प्रारूप था, जो रोहित शर्मा ने भारत के लिए खेला था। उन्होंने 23 जून 2007 को आयरलैंड के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। रोहित ने अब तक भारत के लिए 227 वनडे मुकाबलों में 48.96 के औसत से 9,000 से अधिक रन बनाए हैं। रोहित शर्मा के बाद कई खिलाड़ियों ने भारत की वनडे टीम में डेब्यू किया, लेकिन वे रोहित के जितना लंबा करियर बनाने में नाकाम रहे। उनमें से कुछ ने तो क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। चलिए आपको ऐसे 5 भारतीय खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने हिटमैन के बाद वनडे में डेब्यू किया था और अब वे संन्यास ले चुके हैं।

इन भारतीय क्रिकेटर ने रोहित शर्मा के बाद किया था वनडे में डेब्यू, लेकिन अब ले चुके हैं संन्यास

प्रवीण कुमार

टीम इंडिया में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने रोहित शर्मा के बाद टीम में डेब्यू किया था, लेकिन अब इन प्लेयर्स ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। इस सूची में भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार का नाम भी शामिल है, जिनके पास गेंद को दोनों और से स्विंग कराने की प्रतिभा थी। दाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज ने अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत वनडे प्रारूप से की थी। उन्होंने 18 नवंबर 2007 को पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला एकदिवसीय मुकाबला खेला था।

34 साल के पूर्व भारतीय पेसर के पास बहुत काबिलियत थी, लेकिन वे अपने करियर में कई बार चोटिल हुए, जिसके कारण उनका इंटरनेशनल करियर ज्यादा लंबा नहीं चला। प्रवीण कुमार ने भारत के लिए 68 एकदिवसीय मैच खेले, जिसमें उन्होंने 36.02 के औसत और 5.13 के स्ट्राइक रेट से 77 विकेट चटकाए। प्रवीण ने अक्टूबर 2018 में खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था।

यूसुफ पठान

भारतीय टीम के पूर्व धाकड़ हरफनमौला खिलाड़ी यूसुफ पठान का नाम भी इस लिस्ट में शुमार है। पठान ताबड़तोड़ छक्के लगाने के लिए जाने जाते थे और उन्होंने कई बार अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। मगर उनके निरंतर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से वे ज्यादे लंबे समय तक नहीं खेल पाए। पठान ने अपना वनडे डेब्यू 10 जून 2008 को पाकिस्तान के खिलाफ किया था। हालांकि, वे 2011 विश्व कप विजेता टीम इंडिया का हिस्सा भी थे और उस दौरान कुछ मुकाबले भी खेले थे।

बड़ौदा के इस ऑलराउंडर ने भारत के लिए 57 एकदिवसीय मुकाबलों में 810 रन बनाए, जबकि 33 विकेट हासिल किए। पठान ने इसी साल फरवरी 2021 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया था।

प्रज्ञान ओझा

भारतीय टीम के पूर्व लेग स्पिनर प्रज्ञान ओझा का नाम भी इस सूची में शामिल है। बाएं हाथ के पूर्व फिरकी गेंदबाज ने अपना पहला एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला एशिया कप 2008 में बांग्लादेश के विरुद्ध खेला था। उन्हें वनडे प्रारूप में ज्यादा मौके नहीं मिले, जिसके चलते वे मात्र 18 मैच ही खेले सके। प्रज्ञान ओझा ने इस दौरान 21 विकेट चटकाए।

हालांकि, उनका गेंदबाजी एक्शन सवालों के घेरे में आने के बाद उनका करियर भी पटरी से उतर गया था। मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा के साथ खेलने वाले ओझा को 2012 के श्रीलंकाई दौरे के बाद कभी भी भारत की एकदिवसीय टीम में जगह नहीं मिली और फिर उन्होंने फरवरी 2020 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया।

सुब्रमण्यम बद्रीनाथ

तमिलनाडु के घरेलू क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक सुब्रमण्यम बद्रीनाथ का नाम भी इस सूची में शुमार है। उन्होंने अगस्त 2008 में भारत की एकदिवसीय टीम में कदम रखा था। बद्रीनाथ ने अपना पहला वनडे मुकाबला 20 अगस्त 2008 को श्रीलंका के खिलाफ दांबुला में खेला था। उन्हें भारत की वनडे टीम में अधिक मौके नहीं मिले थे।

40 साल के पूर्व दाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने वनडे करियर में मात्र 7 मुकाबले खेले थे, जिसमें बद्रीनाथ ने 79 रन बनाए थे। वहीं, सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने अपना आखिरी वनडे मैच साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था, जबकि अगस्त 2018 में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय करियर से संन्यास ले लिया था।

अशोक डिंडा

टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा का नाम भी इस सूची में शामिल है। 37 साल के दाएं हाथ के पेसर ने अपना वनडे डेब्यू विनय कुमार के साथ जिम्बाब्वे के खिलाफ किया था। दिलचस्प बात यह है कि डिंडा और कुमार दोनों ने 2013 में अपना आखिरी वनडे मैच खेला और फरवरी 2021 में संन्यास ले लिया।

डिंडा ने 13 एकदिवसीय मुकाबलों में 13 विकेट चटकाए। वे अपने आखिरी वनडे मैच में भारत के सबसे सफल गेंदबाज थे। इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में खेलते हुए डिंडा ने आठ ओवर में 53 रन देकर 2 विकेट लिए थे। उस मैच में कोई भी भारतीय गेंदबाज एक से ज्यादा विकेट नहीं ले पाया था।

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